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COVID : लोगों को सताने लगा लॉकडाउन का भय, दुकानदार व प्रवासी मजदूर परेशान, आगेे पढ़ें

काेरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए कई व्यक्ति जहां आगामी माह में निश्चित किए गए वैवाहिक कार्यक्रमों (Wedding programs) को लेकर चिंतित है वहीं कई लोग धार्मिक स्थलों की यात्रा के लिए बनाए गए कार्यक्रमों को स्थगित करने पर पुनर्विचार करने लगे हैं।

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लॉकडाउन 

हरिभूमि न्यूज : झज्जर

दिनों-दिन बढ़ते जा रहे कोरोना संक्रमण के चलते जहां दिल्ली में नाइट कर्फ्यू लगाने के आदेश किए जा चुके हैं। वहीं शुक्रवार को सीएम द्वारा पहली से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए स्कूल बंद करने की घोषणा के बाद जिलावासियों के मन में लॉकडाउन का भय सताने लगा है। कई व्यक्ति जहां आगामी माह में निश्चित किए गए वैवाहिक कार्यक्रमों को लेकर चिंतित है वहीं कई लोग धार्मिक स्थलों की यात्रा के लिए बनाए गए कार्यक्रमों को स्थगित करने पर पुनर्विचार करने लगे हैं।

युवा मुकुल ने बताया कि अप्रैल माह के अंत में दिल्ली स्थित उनके रिश्तेदार के यहां वैवाहिक कार्यक्रम है। अब उन्हें सूचना मिली है कि नाइट कर्फ्यू के चलते रात्रि में होने वाला यह कार्यक्रम अब दिन में किया जा रहा है। ऐसे में उन्हें लाइटिंग व्यवस्था के दौरान रात्रि में की जानी वाली सजावट के कार्यों की पेशगी भी छोड़नी पड़ रही है। हालांकि वैवाहिक कार्यक्रमों के स्थगित या रात के कार्यक्रम को दिन में सुचारू करने जैसी बातों से अभी तक स्थानीय वाटिका संचालकों ने इंकार किया है। मंगलम वाटिका के संचालक हिमांशु ने बताया कि उनके पास आई बुकिंग में अभी तक ऐसा कोई बदलाव नहीं आया है।

घरों की राह पकड़ने लगे : कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या से बने कर्फ्यू लगाने के हालातों को देखते हुए अब दूसरे राज्यों से दिहाड़ी-मजदूरी करने आए प्रवासी मजदूर भी अपने घरों की राह पकड़ने लगे है। स्थिति यह है कि शहर के नए डाकखाना मैदान में सुबह के समय जहां सैकड़ों प्रवासी मजदूर खड़े दिखाई देते थे, अब उनकी संख्या पहले से कम हो गई। पिछले वर्ष लॉकडाउन के दौरान पैदल ही अपने घर जाने को मजबूर हुए प्रवासियों के बदतर हालात याद आ रहे है।

पुस्तक विक्रेताओं की बढ़ी चिंता : पहली से आठवीं कक्षा तक के स्कूल बंद होने से अब पुस्तक विक्रेताओं को भी चिंता सताने लगी है। दुकानदारों को डर लग रहा है कि कहीं फिर से स्कूल कॉलेज बंद हो गए तो उनका बहुत नुकसान होगा। दुकानदार नरेंद्र वर्मा ने कहा कि अब मुश्किल से जीवन पटरी पर आने लगा था। लोग पुस्तकें व स्टेशनरी का सामान खरीदने के लिए आने लगे थे। लेकिन अब फिर कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर डर लगने लगा है कि कहीं दोबारा से लॉकडाउन ना लगा दिया जाए। उन्होंने कहा कि अगर दोबारा लॉकडाउन लगता है तो फिर तो सब कुछ ही समाप्त हो जाएगा।

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