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weather : हरियाणा में मानसून फिर सक्रिय, तूफान ने जमकर तबाही मचाई

देर रात हुई बारिश के बाद मानसून फिर से प्रदेशभर में सक्रिय हो गया है। मौसम वैज्ञानिकों(weather scientists) का कहना है कि पांच व छह जुलाई को प्रदेश के अधिकांश इलाकों में बरसात हो सकती है।

weather : हरियाणा में मानसून फिर सक्रिय, तूफान ने जमकर तबाही मचाई
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जींद जिले में खटकड़ टोल प्लाजा के उखड़े पोल व टीन, बस के ऊपर टूटकर गिरा हुआ पेड़ व डीसी कॉलोनी में टूटा हुआ बिजली का खंभा।

जींद। हरियाणा में मानसून(monsoon) फिर सक्रिय हो गया है। प्रदेश के कई जिलों में बीती मध्यरात्रि बारिश के साथ-साथ तूफान ने जमकर तबाही मचाई। वहीं जींद जिले में तूफान से जगह-जगह पेड़ टूटकर सड़कों पर गिर गए। बिजली के खम्भे टूट जाने के कारण बिजली तथा पानी आपूर्ति बाधित रही। होर्डिंग और छप्पर उखड़कर दूर जा गिरे। कुछ स्थानों पर दीवारे गिरी, सड़कों पर पेड़ टूटकर गिरने के कारण रास्ते भी बाधित हो गए। गनीमत यह रही की तूफान में किसी की जन हानि नहीं हुई।

बिजली तथा पानी आपूर्ति बाधित होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। संभावना जताई जा रही है कि रविवार शाम तक बिजली आपूर्ति बहाल हो पाएगी। हालांकि तूफान के बाद हुई हलकी बारिश से अधिकत्तम तथा न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। शनिवार देर रात को मौसम ने करवट ली। जिसके साथ ही धूल भरी तेज हवा चलने लगी, जो कुछ ही क्षण में तूफान में तब्दील हो गई। जिसके चलते मकानों पर लगे छप्पर, होर्डिंग, पानी की टंकिया, टावर उखड़ गए। बिजली के खम्भे तथा पेड़ टूटकर गिर जाने के कारण बिजली आपूर्ति भी पूरी तरह बाधित हो गई। तूफान का अंदाजा यहां से भी लगाया जा सकता है कि जींद-पटियाला राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगा टोल प्लाजा का छप्पर उखड़कर 500 मीटर दूर जा गिरा। जिले की कोई भी सड़क ऐसी नहीं थी जहां पर पेड़ टूटकर न गिरे हो। खेतों में फसलें पसरी हुई थी तो पोली हाउस के नेट उखड़े हुए थे। बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण पेयजल सप्लाई भी नहीं हो पाई। जिसके चलते लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं पानीपत जिले में तेज बारिश के साथ-साथ आए तूफान जमकर तबाही मचाई है।

वहीं बारिश के बाद मानसून फिर से प्रदेशभर में सक्रिय हो गया है। हरियाणा के ज्यादातर इलाकों में मॉनसून पहुंच चुका है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बारिश होने से मौसम भी सुहावना हो गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पांच व छह जुलाई को प्रदेश के अधिकांश इलाकों में बरसात हो सकती है।

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