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मिसाल : 12 सालों से बेजुबानों की अन्नपूर्णा बनी मिनी कौशिक

बेसहारा जानवरों को सहारा बन सेक्टर-2 निवासी मिनी कौशिक युवाओं के लिए मिसाल पेश कर रही हैं। जानवरों को खाना खिलाना और उनकी देखभाल करना, अब मिनी की दिनचर्या में शामिल हो गया है। वे हर व्यक्ति से बेजुबानों के प्रति संवेदनशील बनने का आह्वान करती हैं।

मिसाल : 12 सालों से बेजुबानों की अन्नपूर्णा बनी मिनी कौशिक
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बहादुरगढ़ : मिनी कौशिक, सेक्टर-2 में बेसहारा कुत्तों को भोजन करवाती मिन्नी कौशिक। 

हरिभूमि न्यूज. बहादुरगढ़

एक तरफ जहां स्वार्थी लोग इंसानों का निवाला तक छीन रहे हैं, वहीं एक लड़की गलियों में घूमने वाले इन बेजुबान जानवरों की भूख मिटाने में जुटी है। बेसहारा जानवरों को सहारा बन सेक्टर-2 निवासी मिनी कौशिक युवाओं के लिए मिसाल पेश कर रही हैं। जानवरों को खाना खिलाना और उनकी देखभाल करना, अब मिनी की दिनचर्या में शामिल हो गया है। वे हर व्यक्ति से बेजुबानों के प्रति संवेदनशील बनने का आह्वान करती हैं।

भले ही बेजुबान होने के कारण जानवर अपनी भूख का दर्द बयां नहीं कर सकते, लेकिन उन बेजुबान कुत्तों की तकलीफ को मिनी शर्मा से बेहतर कौन समझ सकता है। उसे बेजुबानों को लगने वाली भूख का पता है, उसे जानवरों की भूख के दर्द का अहसास हैं। तभी तो दर्जनों बेजुबान हर रोज उसका ऐसे इंतजार करते हैं, जैसे वो उनकी समस्याओं का समाधान हो। जी हां, सेक्टर-2 में रहने वाली एनीमल एक्टिविस्ट मिनी कौशिक ने इन बेजुबान कुत्तों की भाषा को दिल से समझा है। दिल्ली के अशोक नगर में जन्मीं मिनी कौशिक ने स्कूली शिक्षा, स्नातक व स्नातकोत्तर की पढ़ाई दिल्ली से ही की। फिर इंडिगो एयरलाइंस में ग्राउंड स्टॉफ के पद पर काम किया। कुछ समय बाद एक मल्टी नेशनल कंपनी में जॉब शुरू की।

बचपन से ही स्ट्रे एनिमल्स के प्रति लगाव के कारण बेजुबानों के लिए कुछ करना चाहती थी। उनके अधिकारों के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाना चाहती थी। करीब 15 साल पहले मिनी ने दिल्ली में अपने एरिया के जानवरों को खाना खिलाना शुरू किया। धीरे-धीरे बेजुबानों की भूख मिटाने के लिए मिनी का समर्पण बढ़ता चला गया। मिनी प्यूपल फॉर एनीमल्स की सदस्या बनी।एनीमल वेल्टफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया की मैंबर, लीगल सोसायटी स्टै्र एनीमल्स की केयरटेकर व फीडर का दायित्व भी संभाल रही हैं। हर रोज करीब 100 बेजुबानों को खाना खिलाने वाली मिनी ने 'हर्ट विद पॉव्स' नाम से ट्रस्ट भी पंजीकृत करवाया है। मिनी के मुताबिक इन बेजुबानों की मदद करने में काफी सुकून मिलता है। उनके अनुसार लावारिस गाय, कुत्तों व अन्य जानवरों व पक्षियों की भूख मिटाने को हमें आगे आने की जरूरत है।

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