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इनेलो की सम्मान दिवस रैली : ये दिग्गज नेता भरेंगे हुंकार

इनेलो को कितना फायदा पहुंचेगा यह तो आने वाले समय बताएगा लेकिन राजनीतिक तौर पर रैली में जुटने वाली भीड इनेलो के भविष्य को तय करेगी। जिस प्रकार 32 साल पहले 1989 में चौधरी देवीलाल ने पूरे देश में कांगे्रस के खिलाफ राजनीतिक दलों को एकजुट किया, 17 साल सत्ता से दूर अब ओमप्रकाश चौटाला भी ऐसा ही कर रहे हैं।

इनेलो की सम्मान दिवस रैली : ये दिग्गज नेता भरेंगे हुंकार
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जींद : देवीलाल की 108वीं जयंती पर मनाए जा रहे सम्मान दिवस समारोह शनिवार को नई अनाज मंडी में इनेलो अपनी ताकत को तोलेगी। खास बात यह है कि कभी इनेलो का गढ रहे जिला जींद में फिर से अपने जनाधार को तलाशेगी। वह भी उस दौरान जींद जिला इनेलो से अलग हुई पार्टी जेजेपी का गढ बन चुकी है। इनेलो के सम्मान दिवस समारोह रैली का श्लोगन किसानों के सम्मान, इनेलो का मैदान यानि जब तीन कृषि कानून के विरोध में किसान आंदोलनरत है।

किसान सरकार से खफा है, इनेलो खफा किसानों को वोट बैंक के तौर पर अपने साथ जोड न केवल रैली में भीड जुटाने की कवायद है बल्कि अपना परपरांगत वोट बैंक रहे किसानों को फिर से साथ जोडना भी है। इनेलो को कितना फायदा पहुंचेगा यह तो आने वाले समय बताएगा लेकिन राजनीतिक तौर पर रैली में जुटने वाली भीड इनेलो के भविष्य को तय करेगी। जिस प्रकार 32 साल पहले 1989 में चौधरी देवीलाल ने पूरे देश में कांगे्रस के खिलाफ राजनीतिक दलों को एकजुट किया, 17 साल सत्ता से दूर अब ओमप्रकाश चौटाला भी ऐसा ही कर रहे हैं। रैली में पूर्व प्रधानमंत्री एचके देवगौडा, यूपी के पूर्व सीएम मुलायमसिंह यादव, पंजाब के पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल, जेडीयू के केसी त्यागी, टीएमसी के यशवंत सिन्हा, जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व सीएम फारूख अब्दुला, भाकियू के प्रवक्ता राकेश टिकैत समेत कई बडे नेता शामिल होंगे। जबकि मुख्य वक्ता के तौर पर पूर्व सीएम ओमप्रकाश चौटाला मौजूद होंगे।

इनेलो को बचाने की बड़ी चुनौती, तीसरे मोर्चे की कवायद

इस समय ओमप्रकाश चौटाला के सामने अपना वजूद साबित करने और इनेलो को बचाने की बड़ी चुनौती है। यही वजह है कि वे उम्र के आखिरी पड़ाव में भी हरियाणा में दिनरात घूम घूम कर अपनी खोई हुई जमीन को वापस पाने की भरपूर कोशिश कर रहे हैं। फिलहाल प्रदेश में इनेलो का एक भी विधायक तक नही है बावजूद इसके वे सभी देश की राजनीति में अहम स्थान रखने वाले अपने पुराने दोस्तों को एक मंच पर लाकर तीसरे मोर्चे का गठन करने की जुगत में लगे है। चौटाला 25 सितंबर को पूर्व उप प्रधानमंत्री चौधरी देवी लाल की जयंती के मौके पर जींद में रैली में तीसरे मोर्चे के ऐलान की घोषणा कर चूके है। वे तीसरे मोर्चे के लिए बिहार के सीएम नीतिश कुमार, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा, यूपी के पूर्व सीएम मुलायम सिंह यादव, पंजाब के पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल से मुलाकात कर चूके है। हालांकि नीतिश कुमार रैली में आने के लिए मना कर चूके है।

चार स्टेज बनाई, खिलाडियों व मृतक किसानों के परिजनों को न्यौता

नई अनाज मंडी में मनाए जा रहे सम्मान दिवस समारोह स्थल पर चार स्टेज बनाई गई है। जिसमें दो मुख्य स्टेज सामने है, मुख्य स्टेज पर पूर्व सीएम ओमप्रकाश चौटाला व दूसरे राज्यों से आने वाले दिग्गज नेता बैठेंगे। जबकि उनके बगल में प्रदेश व जिला स्तर के नेता बैठेंगे। एक स्टेज उन किसानों के परिजनों के लिए बनाई गई जिनकी जान किसान आंदोलन के दौरान गई है। साथ ही एक और स्टेज बनाई गई है जिस पर ओलिम्पक तथा पैरा ओलिम्पक के खिलाडी या उनके परिजन बैठेंगे। सामने मीडिया गैलरी भी बनाई गई है। शुक्रवार को एएसपी नितिश अग्रवाल ने रैली स्थल का जायजा लिया। वहीं इनेलो ने कार्यकर्ताओं की डयूटियां भी रैली स्थल पर लगाई है।

ओमप्रकाश चौटाला का राजनैतिक सफर

ओम प्रकाश चौटाला पांच बार 1970, 1990, 1993, 1996 और 2000 में हरियाणा विधान सभा के सदस्य रह चुके हैं। वर्ष 1989 में ओम प्रकाश चौटाला पहली बार प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। इसके बाद वह 1990, 1991 और 1999 में भी मुख्यमंत्री पद की दौड़ में विजयी हुए। 1999 में ओम प्रकाश चौटाला नरवाना और रोडी दोनों निर्वाचन क्षेत्र से जीते थे। इन दोनों विकल्पों में से ओम प्रकाश चौटाला ने नरवाना निर्वाचन क्षेत्र को अपने लिए बेहतर समझा। वह वर्ष 1987-1990 तक राज्य सभा के सदस्य भी रहे। 24 मई 1996 को वह विधानसभा में विपक्ष के नेता चुने गए। 1999 में ओम प्रकाश चौटाला भारतीय राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष चुने गए। इस दौरान वह हरियाणा राज्य की जनता दल इकाई और राष्ट्रीय समाजवादी जनता पार्टी के महासचिव भी रहे।

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