Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

हरियाणा सरकार ने CBSE से जोड़े सरकारी स्कूल, विद्यार्थी भी बढ़े, पर पढ़ाई में बाधा बनी यह कमी

अभिभावकों का रू­झान सीबीएसई बोर्ड के तहत निजी स्कूलों में अपने बच्चों को पढ़ाने पर भी है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग ने हाल ही में महेंद्रगढ जिले में पांच सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल को सीबीएसई में तब्दील किया है। परंतु इन स्कूलों में स्टाफ की कमी है।

हरियाणा सरकार ने CBSE से जोड़े सरकारी स्कूल, विद्यार्थी भी बढ़े, पर पढ़ाई में बाधा बनी यह कमी
X

नारनौल में राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल बना मॉडल संस्कृति स्कूल।

हरिभूमि न्यूज : नारनौल

हरियाणा शिक्षा बोर्ड भिवानी के अधीन सरकारी स्कूल हैं। अभिभावकों का रू­झान सीबीएसई बोर्ड के तहत निजी स्कूलों में अपने बच्चों को पढ़ाने पर भी है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग ने हाल ही में महेंद्रगढ जिले में पांच सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल को सीबीएसई में तब्दील किया है। यहां फीस कम होने व बेहतर अध्यापक होने की मंशा रखकर अभिभावकों ने निजी स्कूल से इन सरकारी स्कूलों में बच्चों का एडमिशन करवाया। इसके लिए शिक्षा विभाग ने बकायदा एडमिशन के लिए परीक्षा ली। परीक्षा पास करने वाले इंटेलिजेंट बच्चों का चयन हुआ और सत्र 2021-22 में पढ़ने लगे। जाहिर सी बात है कि इन सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या में इजाफा हुआ होगा। इसके बावजूद स्टाफ पुराने विद्यार्थियों की संख्या के हिसाब से ही चला आ रहा है। स्वभाविक है निजी स्कूल से आए इन विद्यार्थियों की आदत पढ़ने की रही है, बिना अध्यापकों के कैसे यह सत्र चल रहा है ? अंदाजा लगाया जा सकता है।

नारनौल के राजकीय संस्कृति मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल की बात करें तो यहां पहले 250-300 विद्यार्थियों की संख्या थी। सीबीएसई से जुड़ने के बाद इस समय दोगुना से ज्यादा 693 हो गई है। स्टाफ पोजीशन पिछले विद्यार्थियों की रजिस्ट्रेशन के हिसाब से 50 ही है। कहने को यहां तीन कम्प्यूटर लैब हैं। यहां लड़के पढ़ने थे, अब लड़कियां भी पढ़ती है। अब यहां बायो व फिजिक्स लेक्चरर नहीं है, पदोन्नत होकर वह प्रिंसिपल बन गए हैं। इन विषयों को यहां के प्रिंसिपल ही पढ़ा रहे हैं। कनीना ब्लाक के राजकीय संस्कृति मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में विद्यार्थी 433 हैं। यहां 18 में से 13 पद भरे हैं और तीन रिक्त हैं। नांगल चौधरी ब्लाक का राजकीय संस्कृति मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल धौलेड़ा में है। यहां 456 विद्यार्थी है। प्रिंसिपल सहित ही आठ अध्यापकों की पोस्ट खाली हैं।

अटेली ब्लाक के सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 331 से बढ़कर विद्यार्थियों की संख्या 453 हो गई है। महेंद्रगढ़ ब्लाक के सीनियर सेकेंडरी स्कूल की बात करें तो यहां 1500 से अधिक विद्यार्थियों की संख्या है। इस स्कूल के प्रिंसिपल पवन भारद्वाज बताते हैं कि सीबीएसई से जुड़े सरकारी स्कूलों में 10वीं व 12वीं में एडमिशन लेने वाले विद्यार्थियों को इस बार तो परीक्षा हरियाणा शिक्षा बोर्ड भिवानी से ही करवाई जाएगी। नौंवी व 11वीं में एडमिशन लेने वाले विद्यार्थियों का पहले ही सीबीएसई बोर्ड से रजिस्ट्रेशन करवा दिया है। अगले साल जब यह 10वीं व 12वीं में होंगे तो सीबीएसआई बोर्ड के तहत परीक्षा देंगे। उनके यहां तीन फिजिक्स, कॉमर्स व हिंदी के लेक्चरर पदोन्नत हुए और दूसरी तरह प्रिंसिपल बनकर गए हैं। इस वजह से यह तीन लेक्चरर की जगह खाली है। कॉमर्स विषय की एक ही सीट होने और वह भी चले जाने से ज्यादा दिक्कत हो रही है।

सीबीएसई से जुड़े यह सरकारी स्कूल

जिले में सरकारी 5 सीनियर सेकेंडरी स्कूल व 11 प्राथमिक स्कूलों को मॉडल संस्कृति स्कूल का दर्जा दिया गया है। अब इन स्कूलों को हरियाणा शिक्षा बोर्ड भिवानी की बजाय सीबीएसई से रजिस्ट्रेशन करवाया गया है। इन स्कूलों में हिंदी व अंग्रेजी दोनों माध्यम की कक्षाएं लगाई जा रही हैं। अंग्रेजी माध्यम सह शिक्षा विंग की कक्षाएं अप्रैल-2021 से आरंभ होगी। इन स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम से लगने वाली कक्षा पहली से लेकर 12वीं तक मासिक फीस महज 200 से 500 रुपए के बीच होगी।

आपको बता दें कि जिले में एकमात्र मॉडल संस्कृति स्कूल महेंद्रगढ़ शहर में ही था। अब शिक्षा विभाग ने हर ब्लाक में एक-एक सीनियर सेकेंडरी स्कूल का चयन मॉडल संस्कृति स्कूल के तौर पर किया है। जिनमें महेंद्रगढ़ जिला से राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल नारनौल, राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल धौलेड़ा, राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल अटेली, राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल कनीना व राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल महेंद्रगढ़ है। इन चयनित मॉडल संस्कृति स्कूलों में फिजिक्स, बॉयोलॉजी, मैथ, कंप्यूटर, कैमिस्ट्री व लैंग्वेज लैब भी बनेगी। स्विमिंग पूल, स्केटिंग रिंक, बास्केबाल, डिजिटल व कंप्यूटर लाइब्रेरी की भी प्लानिंग है। वहीं जिला में 11 प्राथमिक स्कूलों को मॉडल संस्कृति प्राथमिक स्कूल का दर्जा दिया गया है।

और पढ़ें
Next Story