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परिवार नियोजन : 250 का था टारगेट केवल 25 ने करवाई नसबंदी

भले ही आबादी के मामले में महिलाओं की संख्या पुरुषों से कम है लेकिन बात जब परिवार नियोजन अपनाने की आती हैए तो पुरुष काफी पीछे रह जाते हैं और महिलाएं बहुत आगे खड़ी नजर आती हैं।

परिवार नियोजन :  250 का था टारगेट केवल 25 ने करवाई नसबंदी
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जिला मुख्यालय स्थित नागरिक अस्पताल।

हरिभूमि न्यूज. जींद

जिले में परिवार नियोजन की जिम्मेदारी महिलाएं ही निभा रही हैं जबकि पुरूषों की परिवार नियोजन में भागीदारी महिलाओं के मुकाबले बहुत कम है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा नसबंदी करवाने पर पुरुषों को प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है लेकिन नसबंदी का आंकड़ा नहीं बढ़ पा रहा है। पिछले दो सालों में महज 25 पुरुषों ने ही नसबंदी करवाई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आमजन को जागरूक किया जाता है कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए परिवार नियोजन बेहद जरूरी है। परिवार नियोजन के अनेक तरीके हैं जिनमें सबसे प्रमुख तरीका महिलाओं की नलबंदी और पुरुषों की नसबंदी शामिल हैं। भले ही आबादी के मामले में महिलाओं की संख्या पुरुषों से कम है लेकिन बात जब परिवार नियोजन अपनाने की आती हैए तो पुरुष काफी पीछे रह जाते हैं और महिलाएं बहुत आगे खड़ी नजर आती हैं।

साल 2020-21 में जींद जिले में 250 पुरुषों की नसबंदी करवाने का टारगेट स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय ने जींद के जिला परिवार कल्याण अधिकारी कार्यालय को दिया था। विभाग के काफी प्रयासों के बाद भी केवल 25 पुरुष ही परिवार नियोजन के तहत नसबंदी करवाने के लिए तैयार हुए। टारगेट केवल 10 फीसद ही पूरा हुआ। स्वास्थ्य विभाग ने साल 2021-22 के लिए जींद जिले को 42 पुरूषों की नसबंदी करवाने का टारगेट दिया है।

टारगेट पिछले साल के मुकाबले लगभग पांच गुणा कम किया गया है। पिछले तीन महीने में एक भी व्यक्ति नसबंदी के लिए तैयार नहीं हुआ है। इस बार का टारगेट शून्य पर अटका हुआ है। जिले में पिछले साल और इस साल पुरुषों की नसबंदी बहुत कम होने की दो बड़ी वजह बताई जा रही हैं। पहली वजह पुरुषों की वह मानसिकता है जिसमें पुरुष मानता है कि परिवार नियोजन के लिए महिला ही अपनी नलबंदी करवाएं। दूसरी वजह कोरोना का असर है। पिछले साल मार्च में कोरोना ने दस्तक दे दी थी। इसके चलते पुरुषों के नसबंदी आपरेशन बंद करने पड़े थे। इस साल भी अप्रैल में कोरोना महामारी की दूसरी लहर आ गई और तमाम आपरेशन बंद कर दिए गए।

नसबंदी पर दो हजार रुपये मिलती है प्रोत्साहन राशि : डा. पालेराम

जिला परिवार कल्याण अधिकारी डा. पालेराम कटारिया ने बताया कि पुरुषों को नसबंदी करवाने के लिए प्रेरित और जागरूक करने के लिए 10 जुलाई तक दंपत्ति संपर्क पखवाड़ा मनाया जा रहा है। पुरुषों को नसबंदी पर दो हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि भी मिलती है। पुरुषों की नसबंदी महिलाओं की नलबंदी के मुकाबले बहुत आसान और बहुत कम समय लेने वाली प्रक्रिया है। नसबंदी करवाने से शरीर में किसी तरह की कमजोरी नहीं आती।

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