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टूट रहे परिवार : हर दिन दर्ज हो रहे दहेज प्रताड़ना के 11 केस, दंपती में छोटे-छोटे झगड़े भी कोर्ट तक पहुंच रहे

समय के कमी और तारतम्यता के अभाव के चलते पति-पत्नी में झगड़े और तलाक के केस सामान्य बात होकर रह गई है। चौंकाने वाला एक तथ्य यह भी है कि दहेज संबंधी कानूनों का झुकाव महिलाओं के पक्ष में होना भी अदालतों में ऐसे केसों की तादाद बढ़ा रहा है।

टूट रहे परिवार : हर दिन दर्ज हो रहे दहेज प्रताड़ना के 11 केस, दंपती में छोटे-छोटे झगड़े भी कोर्ट तक पहुंच रहे
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ओपी पाल : रोहतक

21वीं सदी की इस भागम भाग दिनचर्या के चलते सामाजिक परिवेश छिन्न भिन्न हो रहा है, परिवार दरक रहे हैं। समय के कमी और तारतम्यता के अभाव के चलते पति-पत्नी में झगड़े और तलाक के केस सामान्य बात होकर रह गई है। चौंकाने वाला एक तथ्य यह भी है कि दहेज संबंधी कानूनों का झुकाव महिलाओं के पक्ष में होना भी अदालतों में ऐसे केसों की तादाद बढ़ा रहा है। समाजशास्त्री और कानूनविद भी मानते हैं कि कानून की कमजोरी के चलते ही घरेलू छोटी-छोटी बातों के झगड़े अदालतों तक पहुंच रहे हैं। यही कारण है कि हरियाणा में हर दिन दहेज प्रताड़ना के 11 केस दर्ज हो रहे हैं। वहीं हर दूसरे दिन दहेज हत्या का एक मामला सामने आ रहा है।

काउंसलिंग के प्रयास

पुलिस में दर्ज मामलों में दोनों पक्षों में समझौते के प्रयास भी हो रहे हैं या फिर आपसी सूझबूझ से ही पंचायत स्तर पर ही इन्हें निपटा दिया जाता है। अधिकतर मामलों में एक कॉमन चीज यह भी देखने में आ रही है कि ससुरालजनों पर दबाव बनाने के लिए महिलाओं द्वारा थानों का दरवाजा खटकाया जा रहा है। अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो हरियाणा में दहेज उत्पीड़न और दहेज हत्या के मुकदमे लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे मामलों की विडंबना यह है कि अदालतों में दहेज उत्पीड़न के 80 फीसदी से ज्यादा मामले झूठे पाए जाते हैं, जिसकी पुष्टि सुप्रीम कोर्ट भी कर चुका है।

प्रदेश में दहेज प्रताड़ना समेत महिलाओं पर अत्याचार के बढ़ते मुकदमों में अधिकांश केसों का झूठ सामने आ रहा है। आंकड़ों के अनुसार अदालत से साल 2020 में 1314 लोग निर्दोष पाए गये, जबकि साल 2019 में 6845 तथा साल 2018 में 7013 आरोपियों को अदालत से बरी किया गया है। हैरानी की बात यह भी कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों में 2020 में 63, 2019 में 1167 और 2018 में 1276 आरोपियों पर दोष साबित हो पाया है। वहीं समाजशास्त्रियों, मनोवैज्ञानिकों और कानूनविदों का कहना है कि दहेज संबन्धी कानूनों को हथियार के रूप में इस्तेमाल करके दुरुपयोग करने की वजह से कई परिवार तनाव झेल रहे है।

अदालतों में 30 हजार से ज्यादा मामले लंबित

प्रदेश में पिछले तीन साल वर्ष 2020, 2019 व 2018 में 13,189 दहेज उत्पीड़न समेत महिलाओं के खिलाफ 42 हजार से ज्यादा मुकदमों में से अदालत ने 11852 मुकदमों का निपटान किया है, जिसके बाद अदालत में 30,071 मामले लंबित हैं। इन तीनों सालों में 3,274 महिलाओं समेत 36,463 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई, जिनमें से 2,950 महिलाओं समेत 34,921 के खिलाफ आरोपपत्र दायर किये गये, जिनमें से 81 महिलाओं समेत 2506 को दोषी पाया गया, जबकि 1193 महिलाओं समेत 15172 आरोपी दोषमुक्त होने के कारण बरी किये गये।

तीन साल में हत्या के 715 मामले

हरियाणा में वर्ष 2020 महिलाओं के प्रति अपराधों से जुड़े 13 हजार मामले दर्ज किये गये हैं, जिनमें सबसे ज्यादा 4119 दहेज उत्पीड़न के मामले सामने आए हैं, जिनमें 251 मामले दहेज हत्या के हैं। जबकि वर्ष 2019 में महिलाओं के खिलाफ अपराध के दर्ज 14683 मामलों में दहेज उत्पीड़न के 4875 मामलों में 248 दहेज हत्या के मामले शामिल हैं। इसी प्रकार वर्ष 2018 में महिला अपराध के दर्ज 14326 मामलों में दहेज उत्पीड़न के 4195 दर्ज मामलों में 216 मामले दहेज हत्या के दर्ज कराए गये।

बढ़ रहे उत्पीड़न के मामले

पिछले तीन साल में महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों में सर्वाधिक मुकदमे दहेज उत्पीड़न के दर्ज हुए हैं। पुलिस की फाइलों में दर्ज मामलों में साल 2020 में महिला अपराध से संबन्धित दर्ज हुए 13 हजार मामलों में सबसे ज्यादा 4122 यानि 31.7 फीसदी मुकदमे दहेज प्रताड़ना के हैं। साल 2019 में तो दहेज संबंधी मुकदमों की तादाद एक तिहाई से भी ज्यादा रही। हालात ये है कि प्रदेश में हर दिन दहेज प्रताड़ना के औसतन 11 से ज्यादा और दहेज हत्या के हर दूसरे दिन एक से ज्यादा मामले दर्ज हो रहे हैं।

सोनीपत में परिवार तबाह

सोनीपत शहर में पिछले सप्ताह ही एक घरेलू क्लेश में एक बहू ने पति व सास-ससुर के खिलाफ पुलिस में दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया, जिसके बाद पूछताछ के नाम पर पुलिस ने तीनों को थाने बुलाकर जिस भाषा में पुलिसिया व्यवहार किया, उससे अपमानित तीनों ने घर वापस आकर जहर का सेवन कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। इसके बाद महिला व उसके परिवार को दहेज का आरोप लगाना महंगा पड़ा, जिनके खिलाफ मामला दर्ज किया जा चुका है।

2020 में ये स्थिति

जिला दहेज हत्या उत्पीड़न

अंबाला 6 258

भिवानी 14 178

फरीदाबाद 19 401

फतेहाबाद 8 64

गुरुग्राम 26 291

हिसार 7 191

झज्जर 13 177

जींद 6 138

कैथल 8 173

करनाल 9 252

कुरुक्षेत्र 7 285

महेन्द्रगढ़ 9 46

नूहं 20 54

पलवल 16 106

पंचकूला 3 95

पानीपत 12 261

रेवाड़ी 12 204

रोहतक 14 245

सिरसा 5 153

सोनीपत 21 241

यमुनानगर 9 243

चरखी दादरी 3 22

हांसी 3 41

कुल 251 4119


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