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दिल्ली में रक्षाबंधन के उत्साह को कोरोना वायरस ने किया फीका

राहुल भारद्वाज अपनी बहन से नहीं मिल सके, जो किसी और शहर में रहती है। उसने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है लेकिन यह इस समय की जरूरत है। हमें खुद को सुरक्षित रखने की जरूरत है और हमारे प्रियजनों को भी सुरक्षित रखना चाहिए।

दिल्ली में रक्षाबंधन के उत्साह को कोरोना वायरस ने किया फीका
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रक्षाबंधन त्याेहार

दिल्ली में कोरोना वायरस के मामले भले ही कम आ रहे हो या पिछले कुछ दिनों से संक्रमितों की संख्या में गिरावट आ रही हो लेकिन लोगों के मन से इसका डर नहींं गया है क्योंकि हर रोज मौतें भी होती जा रही है। जिसका असर आज रक्षाबंधन के त्योहार पर भी देखा गया।

जब लोगों ने इस त्योहार पर भी अपने रिश्तेदारों के घर पर न जाकर बस फोन पर ही एक-दूसरे से बात कर बधाई दी। यह रक्षाबंधन का त्योहार बहन-भाई का है वह भी इसी कारण वश नहीं मिल पाये तथा दूर से ही एक-दूसरे को रक्षाबंधन की बधाई दी। आइये ऐसे ही कुछ बहनों-भाइयों की बातें करे जो इस बार दूर होने के कारण फोन के जरिये ही एक-दूसरे को शुभकमानाएं भेजीं।

महानगर की एक निवासी स्वीटी गौड़ ने कहा कि इस वर्ष यात्रा करने का विकल्प नहीं था लेकिन यह ऐसा बंधन है जो सबसे अधिक मायने रखता है। मैंने अपने भाई के लिए राखी और मिठाई भेजी और उसने मुझे उपहार भेजे। हमने अपने सभी चचेरे भाइयों के साथ भी वीडियो कॉल से बात की।

नीतू भाटिया थोड़ा परेशान थी क्योंकि उसने इस साल लंबे समय के बाद अपने चचेरे भाइयों के साथ राखी का त्योहार मनाने के बारे में सोचा था, लेकिन महामारी ने ऐसा नहीं होने दिया। उसने कहा कि मैंने इस बार उसके घर जाकर उसे अचरज में डाल देने की योजना बनाई थी, लेकिन मैं उनसे नहीं मिल सकी। मैंने उसे राखी और मिठाई भेजी और फोन पर उसे शुभकामनाएं दीं। उम्मीद है कि हम अगले साल एक साथ त्योहार मनाएंगे।

महामारी के कारण लगे यात्रा प्रतिबंध और संक्रमित होने की आशंका की वजह से राहुल भारद्वाज अपनी बहन से नहीं मिल सके, जो किसी और शहर में रहती है। उसने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है लेकिन यह इस समय की जरूरत है। हमें खुद को सुरक्षित रखने की जरूरत है और हमारे प्रियजनों को भी सुरक्षित रखना चाहिए।

लोग त्योहार मनाने के लिए घर की बनी मिठाइयों और व्यंजनों पर अधिक निर्भर रहे क्योंकि वे इस महामरी के बीच बाहर उपलब्ध मिठाइयों की गुणवत्ता को लेकर आश्वस्त नहीं थे। शहर में रहने वाली शिवानी रावत ने कहा कि इस साल का त्योहार कुछ अलग है। मैंने अपने भाइयों के लिए घर पर ही बर्फी बनाई और बाहर से कुछ नहीं खरीदा। हम कहीं भी नहीं जा रहे हैं और बस अपने परिवार के साथ समय बिता रहे हैं।

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