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डॉक्टर से क्लीनिक में तीन लाख की वसूली, तहसीलदार सस्पेंड

सीसीटीवी में रिश्वत लेते तहसीलदार, बीएमओ व एसआई हुए थे कैद

डॉक्टर से क्लीनिक में तीन लाख की वसूली, तहसीलदार सस्पेंड
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रायगढ़. डॉक्टर को डरा धमकाकर वसूली करने वाले सारंगढ़ तहसीलदार सुनील कुमार अग्रवाल को कमिश्नर डॉ. संजय अलंग ने गुरुवार को निलंबित कर दिया। इस मामले में सारंगढ़ थाना प्रभारी एसआई कमलकिशोर पटेल को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। तहसीलदार सारंगढ़ द्वारा 7 मई 2021 को सारंगढ़ ब्लाक के ग्राम हिर्री में डॉ. खगेश्वर प्रसाद वारे द्वारा संचालित 'वारे क्लिनिक' की जांच संबंधी कार्रवाई में लापरवाही एवं उदासीनता तथा स्वेच्छाचारिता बरतने तथा छ.ग. सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के विपरीत कार्य करने के कारण कलेक्टर जिला रायगढ़ भीमसिंह से कमिश्नर डा. संजय अलंग को अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव भेजा गया था। प्रस्ताव प्राप्त होने पर सुनील कुमार अग्रवाल कोे कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर जवाब मांगा गया। तहसीलदार सारंगढ़ श्री अग्रवाल ने 1 जून को उपस्थित होकर प्रतिवाद प्रस्तुत किया । जिसका परीक्षण करने पर जवाब समाधानकारक नहीं पाए जाने पर कमिश्नर डा. अलंग ने तहसीलदार सुनील कुमार अग्रवाल निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय कलेक्टर कार्यालय रायगढ़ होगा।

बीएमओ पर अब तक नहीं हुई कार्रवाई

डा. वारे से तहसीलदार, एसआई व बीएमओ तीनों ने तीन लाख वसूले थे। इनमें से एसआई को एसपी ने पहले ही सस्पेंड कर दिया है। तहसीलदार को आज निलंबित किया गया है। बीएमओ पर अब तक कार्रवाई नहीं की गई और जांच की स्थिति भी पता नहीं चल पा रही है।

ये था पूरा मामला

रायगढ़ जिले के सारंगढ़ ब्लॉक अंतर्गत ग्राम हिर्री में वारे क्लीनिक है। 7 मई को सारंगढ़ थाना प्रभारी कमल किशोर पटेल, सारंगढ़ तहसीलदार सुनील अग्रवाल और बीएमओ डा. आरएल सिदार वारे क्लीनिक निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। इस दौरान तहसीलदार ने डा. वारे से क्लीनिक में अनियमितता के नाम पर कार्रवाई करने की बात कही। साथ ही कार्रवाई नहीं करने के एवज में पांच लाख की मांग भी की थी। जिसके बाद डॉक्टर वारे ने तीन लाख रुपए तहसीलदार को रिश्वत के तौर पर देकर मामले को रफा-दफा करवाया। इस दौरान रुपए लेते हुए क्लीनिक में लगे सीसीटीवी में तहसीलदार, बीएमओ और थाना प्रभारी कमल किशोर कैद हो गये थे। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर डा. वारे ने इसकी शिकायत की थी। जांच में मामला सही पाए जाने के बाद एसपी ने उप निरीक्षक कमल किशोर को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया था। इस मामले में तहसीलदार के खिलाफ जांच चल रही थी, जिस पर कार्रवाई की गई है।

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