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एक अनार सौ बीमार- पंडरी बस स्टैंड की खाली जमीन पर टूट पड़े व्यापारी संघ

बस स्टैंड के भाठागांव में जाते ही शहर के बीच 15 एकड़ खाली हो गई, जो की शहर के प्रीमियम प्लाट में से एक है। इस जमीन पर अपनी दुकानें और बाजार लगाने के लिए शहर के तमाम बड़े व्यापारी संगठनों ने दावा ठोंक दिया है। पंडरी बस स्टैंड की खाली जमीन पर आईएएस एसोसिएशन की निगाहें भी टिक गई हैं। पढ़िए पूरी ख़बर....

एक अनार सौ बीमार- पंडरी बस स्टैंड की खाली जमीन पर टूट पड़े व्यापारी संघ
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रायपुर: पंडरी बस स्टैंड की जमीन के लिए राजधानी के पंडरी थोक कपड़ा बाजार एसोसिएशन, दवा बाजार व्यापारी संघ, मोबाइल एसोसिएशन, मालवीय रोड व्यापारी संघ और कार एसेसरीज संघ तो सक्रिय हैं ही, ऐसे व्यापारी एसोसिएशन भी टूट पड़े हैं जिनका कुल स्टाॅक छोटी पिकअप वैन में समा सकता है। सभी व्यापारी संगठनों ने अपने-अपने एसोसिएशन की बैठक बुलाकर प्रस्ताव भी पास कर दिया है। यही नहीं, व्यापारी नेताओं ने अपने पक्ष में फैसला करवाने के लिए मंत्री बंगलों के चक्कर काटने भी शुरू कर दिए हैं।

पंडरी बस स्टैंड के भाठागांव जाते ही शहर के बीच 15 एकड़ जमीन खाली हो गई, जो की शहर के प्रीमियम प्लाट में से एक है। इस जमीन पर अपनी दुकानें और बाजार लगाने के लिए शहर के तमाम बड़े व्यापारी संगठनों ने दावा ठोंक दिया है। पंडरी बस स्टैंड की खाली जमीन पर आईएएस एसोसिएशन की निगाहें भी टिक गई हैं। एसोसिएशन के दिवाली मिलन समारोह में इस मुद्दे पर बात भी हुई है। देवेंद्रनगर में रहने वाले कुछ आईएएस अफसरों ने सुझाव दिया है कि कॉलोनी से लगी होने के कारण पंडरी की जमीन पर नए बंगले या कोई और निर्माण किया जा सकता है। देवेंद्रनगर आईएएस कॉलोनी का विस्तार कर इसे पंडरी की खाली जमीन से जोड़ा जा सकता है।

कलेक्टर, निगम कमिश्नर और महापौर से मिलने के बाद व्यापारी संगठनों ने अपनी बात मुख्यमंत्री तक भी पहुंचाई है। व्यापारियों के मुताबिक इस जगह पर दो-तीन बाजार एक साथ शिफ्ट हो सकते हैं। इससे शहर को तो फायदा होगा ही, अलग-अलग बाजारों से ट्रैफिक की दिक्कत और कम होगी।

पंडरी बस स्टैंड शिफ्ट होने के बाद वहां करीब 15 एकड़ जमीन मिलेगी। पंडरी की खाली जमीन के अलावा सीएसआईडीसी की जमीन भी निगम के ही खाते में आएगी। पंडरी की जमीन पर जोन 2 के अफसरों ने सर्वे भी कर लिया है। सर्वे में यह बात भी सामने आई है कि इस जमीन पर 500 नई दुकानें बन सकती हैं।

छत्तीसगढ़ चैंबर भी सक्रीय:

पंडरी की खाली जमीन पर छत्तीसगढ़ चैंबर भी कूद गया है। व्यापारी संघों की बात प्रशासन और मुख्यमंत्री तक पहुंचाने के लिए चैंबर की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। अभी इसी हफ्ते चैंबर भवन में हुई बैठक में व्यापारी संघों ने पंडरी की जमीन दिलाने चैंबर पदाधिकारियों पर जबर्दस्त दबाव बनाया है। उनका कहना है कि जिसे सबसे ज्यादा जरूरत है उसे ही जमीन मिले, या फिर एक के बजाय वहां दो से तीन बाजार शिफ्ट किए जाए। इस प्रस्ताव पर विवाद भी हुआ।

व्यापारी संगठन इन तर्कों के साथ जमीन मांग रहे हैं:

1. रवि भवन मोबाइल संघ:

रवि भवन में छोटी-बड़ी 800 से ज्यादा मोबाइल दुकानें हैं। कई कारोबारी वहां आना चाहते हैं, लेकिन दुकानें नहीं मिल रही हैं। यहां अधिकतर कारोबारियों की दुकानें बेहद छोटी हैं। इसलिए पंडरी में नया मोबाइल कांप्लेक्स चाह रहे हैं।

2. कार श्रृंगार एसेसरीज संघ:

कार एसेसरीज का काम करने वालों की दुकानें अभी केवल शहीद स्मारक भवन और गुजराती स्कूल के आसपास हैं। यहां पार्किंग में दिक्कत होने लगी है। इसलिए कारोबारी चाह रहे हैं कि पंडरी में दुकान मिल जाए, ताकि सहूलियत हो।

3. दवा बाजार व्यापारी संघ:

दवा बाजार व्यापारी संघ के पास मेडिकल कांप्लेक्स की दुकानें पहले से ही हैं। कारोबार बढ़ने के कारण नई दुकानों की जरूरत महसूस की जा रही है, क्योंकि मेडिकल कांप्लेक्स की सड़क संकरी होने के कारण दिन में कई बार जाम होती है।

4. मालवीय रोड व्यापारी संघ:

मालवीय रोड के व्यापारियों के मुताबिक यहां का कारोबार बढ़ गया है, इसलिए दुकानें छोटी होने लगी हैं। इस सड़क पर कपड़ा, मोबाइल-इलेक्ट्रॉनिक्स का कारोबार करने वाले व्यापारी पंडरी बस स्टैंड में नई दुकानें खोलना चाहते हैं।

5. पंडरी थोक कपड़ा बाजार:

सबसे बड़ा दावा थोक कपड़ा बाजार पंडरी के कारोबारियों ने ठोंका है। उनका कहना है कि यह जमीन लगी हुई है, इसलिए क्लाथ मार्केट का एक्सटेंशन हो जाएगा। कपड़ा कारोबारियों ने कमल विहार में भी जमीन मांगी थी, जो नहीं मिली।

• कुछ व्यापारी संगठनों के प्रस्ताव मिले हैं। पंडरी की खाली जमीन पर दुकानें और कामर्शियल कांप्लेक्स ही बनेंगे। फिलहाल प्लान स्मार्ट सिटी तैयार कर रही है। - एजाज ढेबर, महापौर रायपुर

• कई व्यापारिक संगठनों ने चैंबर को प्रस्ताव दिए हैं। इनके साथ कलेक्टर, कमिश्नर और महापौर से मुलाकात की जाएगी। सहमति के बाद ही आखिरी फैसला होगा। - अमर पारवानी, अध्यक्ष, छग चैंबर

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