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सामान्य सभा में गरमाएगा बगीचों के भीतर फूडकोर्ट, गोलबाजार की दुकानों के मालिकाना हक का मसला

नगर निगम की सामान्य सभा के दौरान महापौर एजाज ढेबर और एमआईसी को घेरने भाजपा पार्षद दल ने कमर कस लिया है। बुधवार को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन में सत्ता पक्ष को घेरने भाजपा पार्षद दल ने तगड़ी रणनीति बनाई। एकात्म परिसर में बैठक के बाद विपक्ष ने फैसला लिया है कि 23 जुलाई को निगम की सामान्य सभा में बगीचों के 25 फीसदी हिस्से को बेचने आक्रामक अंदाज में विरोध किया जाएगा।

सामान्य सभा में गरमाएगा बगीचों के भीतर फूडकोर्ट, गोलबाजार की दुकानों के मालिकाना हक का मसला
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बाजार (प्रतीकात्मक तस्वीर)

नगर निगम की सामान्य सभा के दौरान महापौर एजाज ढेबर और एमआईसी को घेरने भाजपा पार्षद दल ने कमर कस लिया है। बुधवार को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन में सत्ता पक्ष को घेरने भाजपा पार्षद दल ने तगड़ी रणनीति बनाई। एकात्म परिसर में बैठक के बाद विपक्ष ने फैसला लिया है कि 23 जुलाई को निगम की सामान्य सभा में बगीचों के 25 फीसदी हिस्से को बेचने आक्रामक अंदाज में विरोध किया जाएगा। बगीचों में व्यवसायिक गतिविधि संचालन के लिए नगर निगम द्वारा पालिसी बाजार योजना की प्लानिंग को लेकर भी विरोध के स्वर उभरे हैं। गोलबाजार के 922 दुकानदारों को दुकान का मालिकाना हक देने के मामले में सत्तापक्ष को पटखनी देने की भी भाजपा पार्षद दल ने तैयारी की है।

फूडकोर्ट पर गरमाएगा सदन

शहर के 3 दर्जन बगीचों को मेंटनेंस के नाम बेचने के मुद्दे पर सामान्य सभा के दौरान सदन गरमाएगा। बगीचों की चारदीवारी के भीतर 5 फीसदी हिस्से में चाय नाश्ता की दुकानें और चाट-गुपचुप ठेले लगाए जाने हैं। 20 फीसदी हिस्से में अन्य गतिविधियां संचालित करने की भी योजना है। अब इसे सत्तापक्ष सामान्य सभा में मंजूरी के लिए ला रहा है। एमआईसी से इस प्रस्ताव को पूर्व में मंजूरी दी जा चुकी है। दरअसल निगम प्रशासन शहर के बगीचों के मेंटनेंस खर्च से हांफ गया है। इस वजह से गार्डन में एटीएम मशीन, मोबाइल टावर लगाने की प्लानिंग की गई। तकनीकी कारणों से इसे स्वीकार नहीं किया गया।

इसलिए पालिका बाजार योजना के तहत इस प्रस्ताव को लाया गया है। जबकि बगीचों के भीतर फूड कोर्ट बनाने का प्लान दशक भर पहले फ्लाप हो चुका है। सूत्रों के मुताबिक राज्य निर्माण से पहले तत्कालीन महापौर बलबीर जुनेजा के कार्यकाल में गांधी उद्यान में फूड कोर्ट बनाया गया था। उद्देश्य था कि गार्डन में आने वालों के लिए खाने पीने की सुविधा हो और नगर निगम की कमाई बढ़े। किंतु फूडकोर्ट से गार्डन के आसपास गंदगी फैलने लगी।

स्थिति को देखते हुए जोगी शासनकाल में फूडकोर्ट हटा दिया गया। दूसरा प्रयोग मोतीबाग के सामने गार्डन के बाहर लाइन से दुकानें बनाकर की गई। दुकानों में वेज-नानवेज का स्टाल लगता था। इससे आसपास का माहौल दूषित होते देख चौपाटी को हटाया गया। अब उसी फार्मूले पर एक बार फिर फूडकोर्ट की तैयारी की जा रही है।

गोलबाजार मालिकाना हक पर घिरेगी परिषद

गोलबाजार में पीढ़ी दर पीढ़ी अलग-अलग व्यवसाय कर रहे 922 दुकानदारों को दुकानों का मालिकाना हक देने का प्रस्ताव सामान्य सभा में लाया जा रहा है। इस एजेंडे पर भाजपा पार्षद दल सवालों की बौछार करने तैयारी के साथ सदन में उतरेगी। बाजार के पुराने स्वरूप को बरकरार रखने एवं प्राचीन बाजार के व्यवसायीकरण को लेकर विपक्ष विरोध के मूड में है।

मशीन से सड़क सफाई पर एतराज

इसके अलावा शहर के मुख्य मार्गों की सड़कों की मेकेनाइज्ड तरीके से सफाई का ठेका देने संबंधी एजेंडे पर सदन गरमाने के आसार हैं। पूर्व महापौर प्रमोद दुबे के कार्यकाल में इसका डीपीआर स्वीकृत हुआ था। निजी कंपनी को ठेका देने की योजना पर भाजपा पार्षद दल ने सामान्य सभा में खूब हंगामा मचाया। इस बार भी मेयर एजाज ढेबर और उनकी टीम के लिए विपक्षी सदस्यों के सवालों का जवाब देना आसान नहीं होगा।


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