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प्रदेश में अनुकंपा नियुक्ति के साढ़े आठ सौ से ज्यादा मामले लंबित

छत्तीसगढ़ में कोराेनाकाल में हजारों शासकीय कर्मचारियों की मौत के बाद राज्य सरकार पर अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों को लेकर काफी दबाव है। राज्य सरकार के पास अनुकंपा नियुक्ति के लगभग साढ़े आठ सौ से अधिक प्रकरण लंबित हैं। कोरोनाकाल में विभिन्न विभागों में लगभग एक हजार शासकीय कर्मचारियों की मौतों की जानकारी जीएडी के पास पहुंच चुकी है।

प्रदेश में अनुकंपा नियुक्ति के साढ़े आठ सौ से ज्यादा मामले लंबित
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सीएम भूपेश बघेल (फाइल फोटो)

छत्तीसगढ़ में कोराेनाकाल में हजारों शासकीय कर्मचारियों की मौत के बाद राज्य सरकार पर अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों को लेकर काफी दबाव है। राज्य सरकार के पास अनुकंपा नियुक्ति के लगभग साढ़े आठ सौ से अधिक प्रकरण लंबित हैं। कोरोनाकाल में विभिन्न विभागों में लगभग एक हजार शासकीय कर्मचारियों की मौतों की जानकारी जीएडी के पास पहुंच चुकी है। इन प्रकरणों में परिजनों के आवेदन आने के बाद लंबित प्रकरणों में और वृद्धि होगी। पिछले तीन वर्षों में 10 प्रतिशत के सीमा बंधन के चलते अनुकंपा नियुक्ति नहीं हो पाई।

शासकीय कर्मचारियों की मृत्यु होने पर उनके परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति देने का प्रावधान है। मामले में परिजन को मृत्यु के छह माह के अंदर आवेदन विभाग में प्रस्तुत करना होता है। आवेदन प्रस्तुत करने के बाद शासन सभी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए विभाग में रिक्त पद के अनुसार अनुकंपा नियुक्ति का आदेश जारी करता है। अब तक विभाग में कुल पदों के रिक्ति के आधार पर नियुक्ति दी जाती है।

पद रिक्त नहीं होने पर चतुर्थ श्रेणी के पद पर नियुक्ति दी जाती है। कई पदों पर क्वालिफाई लोगों द्वारा चतुर्थ श्रेणी के पदों पर नियुक्त किए जाने पर इसे स्वीकार नहीं करने के कारण नियुक्ति लंबित रहती है। जीएडी ने दो माह पूर्व सभी विभागों से तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर लंबित अनुकंपा नियुक्ति प्रकरणों तथा इनके लंबित रहने के कारण की जानकारी तत्काल मांगी है। विशेष तौर पर तृतीय श्रेणी के पदों पर 10 प्रतिशत सिलिंग की गणना के बाद उपलब्ध रिक्त पदों की जानकारी मांगी गई थी।

736 कर्मचारियों की कोेरोना से मौत

कोरोना से मृत शासकीय कर्मचारियों के प्रकरणों की जानकारी सामान्य प्रशासन विभाग ने विभागों से मंगाई थी। अब तक 36 विभागों ने कुल 736 कर्मचारियों की जानकारी भेजी है। इनमें सबसे अधिक स्कूल शिक्षा विभाग के कर्मचारी शामिल हैं। कोरोना की पहली लहर में सौ कर्मचारियों और दूसरी लहर में छह सौ से अधिक कर्मचारियों की मौत होने की जानकारी मिली है।

हटाई गई 10 प्रतिशत सिलिंग

अब शासन द्वारा 10 प्रतिशत की सिलिंग हटाने की घोषणा किए जाने पर शैक्षणिक योग्यता अनुसार अनुकंपा नियुक्ति मिलने में आसानी होगी। विभाग और जिलों में रिक्त तृतीय श्रेणी के पदों पर नियुक्ति हो सकेगी। इससे अधिकांश लोगों को नियुक्ति मिल सकेगी। भाजपा शासनकाल में भी एक साल के लिए सिलिंग हटाई गई थी, तब कई प्रकरणों में अनुकंपा नियुक्ति के आदेश जारी हुए थे।

लंबित प्रकरणों की नियुक्ति में आएगी तेजी : कमलप्रीत

सामान्य प्रशासन सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने बताया कि अभी प्रदेश में अनुकंपा नियुक्ति के 867 आवेदन लंबित हैं। इनमें कुछ प्रकरण कोरोना के भी हैं। आगामी समय में कोरोना के अन्य मृत कर्मचारियों के परिजनाें के आवेदन आने के बाद इसमें और वृद्धि होगी। आने वाले समय में सिलिंग की सीमा हटने से तृतीय श्रेणी के पदों पर योग्यतानुसार अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों में तेजी आएगी। अब तक उच्च योग्यता प्राप्त लोग तृतीय श्रेणी का पद रिक्त नहीं होने से चतुर्थ श्रेणी के पदों पर नियुक्ति नहीं चाहते थे।


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