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बृजमोहन ने खोला टीएस के खिलाफ मोर्चा कहा- मंत्री ने भंग किया है विशेषाधिकार

विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन भाजपा के वरिष्ठ विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के खिलाफ सदन में मोर्चा खोल दिया। उन्होंने मंत्री टीएस सिंहदेव के द्वारा सदन छोड़कर जाने को सदन के प्रीविलेज का मामला करार दिया। उन्होंने कहा कि मंत्री ने विशेषाधिकार भंग किया है। मंत्री परिषद का सामूहिक उत्तरदायित्व है।

बृजमोहन ने खोला टीएस के खिलाफ मोर्चा कहा- मंत्री ने भंग किया है विशेषाधिकार
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स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव

विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन भाजपा के वरिष्ठ विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के खिलाफ सदन में मोर्चा खोल दिया। उन्होंने मंत्री टीएस सिंहदेव के द्वारा सदन छोड़कर जाने को सदन के प्रीविलेज का मामला करार दिया। उन्होंने कहा कि मंत्री ने विशेषाधिकार भंग किया है। मंत्री परिषद का सामूहिक उत्तरदायित्व है। जब मंत्री ने ही अविश्वास व्यक्त किया है यह सरकार पर आक्षेप है। मंत्री सदन में आएं तभी कार्रवाई आगे बढ़ेगी।

सत्र के तीसरे दिन की कार्रवाई शुरू होते ही उन्होंने टीएस सिंहदेव के द्वारा सदन में दिया भाषण सोशल मीडिया में लीक होने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि सदन की कार्रवाई का प्रसारण नहीं होता। फिर यह भाषण कैसे लीक हो गया? इसकी जांच होनी चाहिए।

भाजपा सदस्य बृजमोहन अग्रवाल ने मंत्री के सदन में आने तक विधानसभा की कार्रवाई रोकने की मांग की। उन्होंने संविधान का हवाला देते हुए कहा है कि मंत्रिमंडल का सामूहिक उत्तरदायित्व होता है। जब कोई मंत्री सरकार पर नाराज होकर चला जाए तो यह गंभीर मामला है। अभी कोई मंत्रिमंडल नहीं है। क्या मंत्री ने इस्तीफा दे दिया है? विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि ऐसा ही एक मामला याद आ रहा है जब लालकृष्ण आडवाणी भी नाराज होकर सदन छोड़कर चले गए थे।

इस पर बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि लालकृष्ण आडवाणी इस्ताफा देकर गए थे। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुसार छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल नहीं है। मंत्रिमंडल विलोपित हो गया है। यहां तो संविधान ही सुरक्षित नहीं है। सरकार पर संवैधानिक संकट आ गया है। मामले पर सदन में विपक्ष के आरोपों के बीच सत्तापक्ष ने भी आक्रामक अंदाज में जवाब दिया। इस दौरान हंगामे की स्थति बनी रही।

संवैधानिक संकट, मंत्री नहीं रख सकते बात

हंगामे के बीच संसदीय कार्यमंंत्री रविंद्र चौबे ने बोलने खड़े हुए तो भाजपा विधायकों ने कहा कि अभी कोई मंत्री अपनी बात नहीं रख सकते। जब तक स्थिति स्पष्ट न हों। विपक्ष ने आसंदी से फिर कहा कि हमने संवैधानिक संकट का विषय उठाया है। इस पर कोई व्यवस्था नहीं आई है। सदन में सरकार के द्वारा स्थिति स्पष्ट नहीं किए जाने तक कार्रवाई शुरू नहीं हो सकती। विधानसभा अध्यक्ष ने इसके बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल काे स्थिति स्पष्ट करने कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायक बृहस्पत सिंह का बयान करा लेते हैं।

मुख्यमंत्री ने जताया आभार

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू और बृहस्पत सिंह के द्वारा अपनी बात रखे जाने के बाद कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा की यह उच्च परंपरा है कि सब मिलकर विवाद को हल करने में सहयोग करते हैं। अब सदन में सभी जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र और प्रदेश के मुद्दों को उठाकर विकास में सहभागी बनें। उन्होंने बृहस्पत सिंह के आरोपों से उपजे विवाद के पटाक्षेप के लिए विधानसभा अध्यक्ष और विपक्ष के सदस्यों का आभार जताया।


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