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VIDEO: सरकारी प्रोत्साहन बना किसानों के गले की फ़ांस, दलहन-तिलहन की फसल बारिश में गल रही

3 दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश से अब गलने लगी दलहन-तिलहन की फसल, (ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती इस फसल को) राज्य सरकार ने धान की फसल को पानी देना मुमकिन नहीं कह किसानों को दलहन तिलहन फसल लगाने के लिए प्रोत्साहित किया था, अब बेमौसम बारिश से खेतों में पानी भरने से चना, सरसो, मसूर, धनिया, अलसी, मूंग-उड़द व तिवरा की फसल गलने व मरने लगी है। पढ़िए धमतरी से भोजराज साहू की विशेष रिपोर्ट...

VIDEO: सरकारी प्रोत्साहन बना किसानों के गले की फ़ांस, दलहन-तिलहन की फसल बारिश में गल रही
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धमतरी: बता दे कि इस वर्ष राज्य सरकार ने किसानों को दलहन तिलहन फसल लगाने के लिए प्रोत्साहित किया था। और इस वर्ष रबी सीजन में कृषि विभाग ने दलहन तिलहन फसल के लिए 30 हजार हेक्टेयर का लक्ष्य रखा था। जिस पर किसानो ने बढ़-चढ़कर रबी सीजन में दलहन तिलहन फसलो की खेती किया था। और दिसंबर माह में पौधे तैयार हो रहे थे, उसी समय बेमौसम बारिश हुई। इससे किसानो की दलहन तिलहन फसल पानी में डूबकर प्रभावित हो गई। और अब जनवरी माह में पिछले 3 दिनो सें रुक-रुककर हो रही बारिश से फसल पानी में डूब कर गलनी शुरू हो गई। धमतरी जिले में लगभग 33 हजार हेक्टेयर में दलहनी फसलों की खेती किया गया था। जिसमें अरहर, मूंग, उड़द,चना, मसूर, गेहू,तिवरा एवं मटर की फसल शामिल है। वही 3 हजार 170 हेक्टेयर में तिलहन फसल लगाया गया था। जिसमें तिल, सरसों, अरंडी, और सूरजमुखी फसलो की खेती किया गया है। बेमौसम बारिश के चलते इन सभी फसलों को बड़ा नुकसान हुआ। चना व गेंहू की फसल भी काफी हद तक बर्बाद हो गई। जिले के किसानो ने बताया कि दलहन-तिलहन फसल के लिए यह आफत की बारिश है। कम पानी वाली चना, तिवरा, मसूर, उड़द-मूंग, अलसी, सरसो आदि फसले जिले में हो रही लगातार बारिश से खराब हो गई है। चना की फसल तो पीला पड़कर अब गल कर मरने लगी है। और फसल बचाना अब संभव नहीं है। कई किसानों ने तो खेत जाना ही बंद कर दिया है। वही दलहन-तिलहन फसल लेने वाले किसानों की मांग है कि शासन गांव-गांव में सर्वे कर प्रभावित किसानों के फसल नुकसान का आकलन करें और उन्हें शासन से मुआवजा प्रदान दिया जाए ताकि नुकसान की भरपाई हो सके।

वही कृषि उपसंचालक ने बताया कि इस साल किसानो में दलहन-तिलहन फसल लगाने में काफी रुझान था। क्योकि राज्य शासन ने धान की फसल के लिए पानी देने से मना किया था। इस वजह से किसानों ने अपने खेतो में दलहन-तिलहन लगाया था। लेकिन जिले में पिछले तीन दिनों से रुकरुक कर हो रही बारिश से रबी सीजन में किसानों के खेतों पर लगी दलहन-तिलहन फसल को काफी नुकसान हुआ है। वर्तमान में नजरी आकलन किया गया है। मौसम खुलते ही अधिकारी-कर्मचारियों की टीम नुकसान आकलन के लिए सर्वे करेगी, ताकि जिले के प्रभावित किसानों को मुआवजा मिल सके। वहीं जो किसान फसल बीमा नही करवा पाये है उन्हे आरबी 6-4 के तहत मुआवजा दिया जाएगा। बहरहाल कृषि विभाग मौसम खुलते ही नुकसान आकलन के लिए सर्वे कराने की बात कह रहे है। ताकि जिले के प्रभावित किसानों को मुआवजा मिल सके। अब देखना होगा कि सर्वे के बाद जिले के कितने हेक्टेयर में फसल खराब हुई है और कितने किसानो को मुआवजा दिया जाएगा। देखिए विडियो..











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