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ट्रेडिंग और होल्डिंग कंपनी को बंद करने की कवायद, अप्रैल से प्रदेश में तीन कंपनियां

छत्तीसगढ़ राज्य पावर कंपनीज की पांच कंपनियों को तीन कंपनी करना तय हो गया है। ट्रेडिंग और होल्डिंग कंपनी को बंद करने की कवायद प्रारंभ कर दी गई है। एक कंसल्टेट कंपनी मेसर्स अर्नस्ट एंड यंग एलएलसी को नियुक्त किया गया है। इस कंपनी को मदद करने के लिए पावर कंपनी के अधिकारियों की एक समिति भी बनाई गई है। पूरी तरह से रिपोर्ट बनाकर अगले साल मार्च तक सरकार को देनी है। इसके बाद अप्रैल से तीन कंपनियां ही काम करेंगी।

ट्रेडिंग और होल्डिंग कंपनी को बंद करने की कवायद, अप्रैल से प्रदेश में तीन कंपनियां
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रायपुर. छत्तीसगढ़ राज्य पावर कंपनीज की पांच कंपनियों को तीन कंपनी करना तय हो गया है। ट्रेडिंग और होल्डिंग कंपनी को बंद करने की कवायद प्रारंभ कर दी गई है। एक कंसल्टेट कंपनी मेसर्स अर्नस्ट एंड यंग एलएलसी को नियुक्त किया गया है। इस कंपनी को मदद करने के लिए पावर कंपनी के अधिकारियों की एक समिति भी बनाई गई है। पूरी तरह से रिपोर्ट बनाकर अगले साल मार्च तक सरकार को देनी है। इसके बाद अप्रैल से तीन कंपनियां ही काम करेंगी।

प्रदेश में कांग्रेस की नई सरकार आने के बाद से ही पावर कंपनी के एकीकरण को लेकर पिछले दो साल से कवायद चल रही है। इस मामले में सबसे पहले हरिभूमि ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की तो प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसके लिए प्रस्ताव बनाने के आदेश ऊर्जा विभाग को दिए। इसके बाद ऊर्जा विभाग ने पावर कंपनी से ही प्रस्ताव बनाकर देने के लिए कहा। पावर कंपनी ने पिछले साल मई में ही अपनी तरफ से तीन तरह के प्रस्ताव बनाकर ऊर्जा विभाग को भेज दिए थे। ऊर्जा विभाग प्रस्ताव मिलने के बाद से लगातार इन प्रस्तावों का परीक्षण करने में लगा रहा, लेकिन किसी नतीजे पर पहुंच ही नहीं सका।

इसके पीछे का कारण यह रहा, पावर कंपनी हजारों करोड़ की है। परीक्षण में सबसे बड़ी समस्या वित्तीय असर को लेकर सामने आई। ऐसे में अंत में ऊर्जा विभाग ने पावर कंपनी को ही वित्तीय असर को लेकर परीक्षण कराने के बाद एक ही प्रस्ताव बनाकर देने कहा। पावर कंपनी ने इसके लिए दिल्ली की एक निजी कंपनी को जिम्मा सौंपा था। इस कंपनी ने परीक्षण कर जो रिपोर्ट दी, उसे पावर कंपनी ने जनवरी में ही प्रदेश सरकार काे भेजा था। इसके बाद मुख्यमंत्री के सामने प्रस्ताव रखा गया। मुख्यमंत्री से मंजूरी मिलने के बाद अब जाकर इसकेे लिए कवायद प्रारंभ की गई है।

कोई अधिकारी-कर्मचारी नहीं होगा बाहर

ट्रेडिंग और होल्डिंग कंपनी में करीब दो सौ अधिकारी और कर्मचारी काम करते हैं। ये सभी ट्रांसमिशन, उत्पादन या फिर वितरण कंपनी से प्रतिनियुक्ति पर आए हैं। इनको या तो अपने मूल विभाग में वापस भेजा जाएगा या फिर इसको उस कंपनी में काम करने कहा जाएगा, जिसमें ये कंपनियों समायोजित होंगी। होल्डिंग कंपनी को ट्रांसमिशन और ट्रेडिंग कंपनी को वितरण कंपनी में समायोजित करने की योजना है। कंसल्टेट कंपनी यह देेखेगी कि तीन कंपनियां बनाने से कर्मचारियों की सेवा शर्तें तो प्रभावित नहीं होगी, इसी के साथ वित्त की क्या स्थिति रहेगी, इसको लेकर भी सुझाव देगी। कंसल्टेट कंपनी को अधिकारियों की समिति जानकारी देने में सहयोग करेगी।

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