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नोटिस बगैर परीक्षा से बेदखल, छात्रों का आरोप पैसे लेकर सुधारे जाते हैं उपस्थिति रिकॉर्ड

साइंस कॉलेज के एमएससी आईटी प्रथम सेमेस्टर का मामला, विभागाध्यक्ष के खिलाफ छात्रों ने उच्च स्तर पर की शिकायत

नोटिस बगैर परीक्षा से बेदखल, छात्रों का आरोप पैसे लेकर सुधारे जाते हैं उपस्थिति रिकॉर्ड
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रायपुर. साइंस कॉलेज के एमएससी आईटी के प्रथम सेमेस्टर के छात्रों ने अपने विभागाध्यक्ष पर पैसे लेकर उपस्थिति रिकार्ड सुधारे जाने का आरोप लगाया है। छात्रों का कहना है, बिना नोटिस उन्हें परीक्षा से बेदखल किया गया है। विभागाध्यक्ष ने उपस्थिति पत्रक सामान्य करने के लिए पैसों की मांग की। पैसे नहीं दिए जाने पर उन्हें प्रथम सेमेस्टर में कम उपस्थिति का हवाला देकर परीक्षा में बैठने नहीं दिया। गौरतलब है कि काेरोना के कारण छात्रों की द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षाएं नहीं ली जाएंगी और प्रथम सेमेस्टर के आधार पर ही नतीजे तैयार होंगे।

इस तरह से छात्रों का पूरा साल बर्बाद हो जाएगा। वहीं विभागाध्यक्ष ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताया है। छात्रों ने सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की अध्यक्ष योगेश्वरी पाल की शिकायत पं. रविशंकर शुक्ल विवि, राजभवन तथा आयुक्त उच्च शिक्षा विभाग से की थी। छात्रों की फरियाद के बाद उच्च शिक्षा आयुक्त द्वारा विज्ञान महाविद्यालय के प्राचार्य को जांचकर रिपोर्ट सौंपने कहा गया था। लेकिन इस दिशा में कोई भी कार्य महाविद्यालय प्रबंधन द्वारा नहीं किया गया है। छात्र कार्रर्वाइ की मांग लेकर चक्कर लगा रहे हैं।

यह है नियम

नियमानुसार छात्रों की 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है। इसके बाद ही उन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति प्रदान की जाती है। यदि उपस्थिति कम रहती है तो पालकों को नोटिस भेजा जाता है। पहले नोटिस के बाद भी हाजिरी सामान्य नहीं होती है तो दोबारा नोटिस भेजने का प्रावधान है। इसके बाद छात्रों की अतिरिक्त कक्षाएं लेकर उपस्थिति सामान्य की जाती है। यदि किसी कारण यह भी संभव नहीं हो पाता है तो छात्रों को असाइनमेंट दिया जाता है। सभी चरणों को अपनाए जाने के बाद ही छात्रों के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई की जा सकती है। उक्त मामले में इनमें से किसी भी चरण का पालन नहीं किया गया। सीधे छात्रों को परीक्षा से बेदखल कर दिया गया।

स्वशासी महाविद्यालय

विज्ञान महाविद्यालय स्वशासी है। पूरे मामले पर कार्रवाई शासन ही कर सकता है।

- सुपर्ण सेन गुप्ता, मीडिया प्रभारी, रविवि

नियमानुसार कार्रवाई

छात्रों पर नियमानुसार कार्रवाई की गई है। उनकी उपस्थिति कम थी।

- योगेश्वरी पाल, विभागाध्यक्ष, सूचना प्रौद्योगिकी

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