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डेढ़ करोड़ को टीके नहीं, लक्ष्य पूरा करने में लगेगा एक साल

कोरोना की संभावित तीसरी लहर को कमजोर करने में वैक्सीनेशन की भूमिका अहम है लेकिन प्रदेश में वर्तमान में एक करोड़ से अधिक लोगों को टीका नहीं लग पाया है। वहीं 94 लाख से ज्यादा लोगों को वैक्सीन की दूसरी खुराक नहीं मिली है। सीमित स्टाक की वजह से रोजाना 60 से 70 हजार लोगों काे वैक्सीन लगाई जा रही है और निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने में सालभर लगने की संभावना है।

डेढ़ करोड़ को टीके नहीं, लक्ष्य पूरा करने में लगेगा एक साल
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प्रतीकात्मक तस्वीर। 

कोरोना की संभावित तीसरी लहर को कमजोर करने में वैक्सीनेशन की भूमिका अहम है लेकिन प्रदेश में वर्तमान में एक करोड़ से अधिक लोगों को टीका नहीं लग पाया है। वहीं 94 लाख से ज्यादा लोगों को वैक्सीन की दूसरी खुराक नहीं मिली है। सीमित स्टाक की वजह से रोजाना 60 से 70 हजार लोगों काे वैक्सीन लगाई जा रही है और निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने में सालभर लगने की संभावना है।

वर्तमान में केंद्र सरकार द्वारा सीमित मात्रा में वैक्सीन की सप्लाई की जा रही है। वैक्सीन की उपलब्धता के आधार पर कभी सवा लाख तो कभी तीस हजार वैक्सीन लगाई जा रही है। आंकड़ों के हिसाब से प्रदेश में अभी औसतन 60 से 70 हजार लोगों को टीका लगाया जा रहा है। मध्यम रफ्तार होने की वजह से अभी करीब 1.5 करोड़ लोग ऐसे हैं जिन्हें पहली खुराक भी नहीं मिली है इस लक्ष्य को पूरा करने में करीब सालभर का वक्त लगने का अनुमान है।

प्रदेश में कोरोना के मामले में युवावर्ग को हाईरिस्क की श्रेणी में माना जाता है इसके बाद भी इन्हें काफी कम संख्या में टीका लग पाया है। प्रतिशत में बात करें तो 72 फीसदी पहली खुराक के इंतजार में हैं और 99.2 प्रतिशत को दूसरी खुराक का इंतजार है। टीकाकरण अभियान को सात माह से ज्यादा का वक्त हो चुका है मगर हेल्थवर्कर में अभी भी नौ प्रतिशत लोगों को पहला और 28 प्रतिशत को दूसरा टीका नहीं लग पाया है। इसी तरह फ्रंटलाइन वर्कर में शामिल 23 प्रतिशत को दूसरा टीका नहीं लग पाया है। प्रदेश में अब तक लगे 1.17 करोड़ टीके में से 94 लाख लोगों को दूसरे टीके का इंतजार है।

किसको कितना टीका

18-44 साल- लक्ष्य लगभग 1.34 करोड़, पहला डोज 38.10 लाख, दूसरी खुराक केवल 1.12 लाख। 45 से अधिक- लक्ष्य 58.66 लाख, पहली खुराक 50.74 लाख, दूसरा डोज 16.25 लाख को। फ्रंटलाइन वर्कर- लक्ष्य 2.93 लाख, पहला टीका 3.16 लाख, दूसरा टीका 2.25 लाख। हेल्थ वर्कर- लक्ष्य 3.39 लाख, पहली वैक्सीन 3.9 लाख, दूसरी वैक्सीन 2.44 लाख।

( 25 जुलाई की स्थिति)

हर तीसरे दिन किल्लत

21 जून से प्रदेश में केंद्र सरकार द्वारा दी जा रही वैक्सीन के माध्यम से सभी वर्ग के लोगों का टीकाकरण किया जा रहा है। इस दौरान सप्लाई सीमित मात्रा में होने की वजह से वैक्सीनेशन अभियान में उतार-चढ़ाव की स्थिति निर्मित होने लगती है। अभियान की निरंतरता बनाए रखने के लिए केंद्रों की संख्या कम-ज्यादा करनी पड़ती है। सूत्रों के मुताबिक वैक्सीन मिलने के तीसरे दिन ही किल्लत महसूस होने लगती है।

गर्भवती को टीका, आदेश का इंतजार

प्रदेश में गर्भवती महिलाओं को वैक्सीन लगाने के लिए केंद्र सरकार की गाइडलाइन का इंतजार किया जा रहा है। टीकाकरण अभियान से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक निर्धारित नियम आने के बाद ही इसके लिए सिस्टम बनाया जाएगा। रायपुर जिले में पिछले दिनों दो गर्भवती महिलाओं ने स्वयं की इच्छा पर वैक्सीनेशन कराया था।

उपलब्धता के आधार पर अभियान

जिलों में वैक्सीन की उपलब्धता के आधार पर टीकाकरण किया जा रहा है। इसकी निरंतरता बनी रहे इसके लिए टीका केंद्र कम-ज्यादा किए जाते हैं।



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