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लोगों से कुछ मांगकर पेट भर रही 3 मासूम बच्चियां, बेदर्द मां-बाप दो बेटों को साथ लेकर कहीं चले गए

बिहार के जमुई जिले से मानवता को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां नाबालिग तीन मासूम बच्ची लोगों से कुछ मांग कर अपना पेट पाल रही हैं। पता चला है कि इनके मा-बाप तीनों बेटियों को यहीं छोड़कर और अपनों दोनों बेटों को साथ लेकर पंजाब चले गए हैं।

Case of difference between son and daughter in Jamui district of Bihar Mother father went to Punjab three innocent daughters begging
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जमुई दर्दनाक वायरल तस्वीर

बिहार (Bihar) समेत पूरे देशभर में बेटी और बेटा के फर्क (difference between daughter and son) को खत्म करने के लिए तमाम तरह के सरकार की ओर से कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसके बाद भी बेटों की तुलना में बेटियां दुख सहने पर मजबूर हैं। अब ऐसी एक दिल को झंकझोर कर रख देने वाली घटना बिहार के जमुई (jamui) जिले के लक्ष्मीपुर थाना क्षेत्र से सामने आई है। यहां के दिघरा गांव की रहने वाली तीन मासूम सगी बहनें अनाथ की तरह जीवन जीने पर मजबूर हैं। क्योंकि इन तीनों बहनों को घर पर अकेला छोड़कर इनके मां-बाप (parents) दूसरे राज्य पंजाब जा चुके हैं। दो माह बीत गए हैं। तीनों बहनें (three sisters) दूसरे लोगों से कुछ मांग कर अपना भेट भर रही हैं। ये तीनों बहनें नाबालिग यानी कि 6 वर्ष, 4 वर्ष और 3 वर्ष की बताई गई हैं। इन तीन बच्चियों को लोगों ने सड़क पर घूमते देखा तो ये ही लोग बच्चियों को थाने लेकर गए। फिर पुलिस ने तीनों मासूम बच्चियों की सूचना चाइल्ड लाइन को दी।

स्थानीय लोगों के अनुसार तीनों मासूम बच्चियों के पिता का नाम अनिल बिंद है। जो शराब का आदि बताया गया है। अनिल बिंद पत्नी यशोदा व दो पुत्रों को साथ लेकर पंजाब चला गया। वहीं अनिल बिंद ने तीन मासूम बेटियों को यह भरोसा देकर घर पर ही अकेला छोड़ दिया कि वो पंजाब पहुंचकर उनके लिए रुपये भेजेंगे। पर ना तो अब मां और पिता इन बेटियों से बात ही करते हैं व ना ही इनके लिए रुपये भेजते हैं। पुलिस ने तीनों नाबालिग बहनों को बरामद कर लिया है व चाइल्डलाइन (childline) के हवाले कर दिया है।

माता-पिता ने बेटियों को दिया था ये भरोसा

यह बात सामने आई है कि अनिल बिंद जब अपनी पत्नी व दो पुत्रों के साथ बिहार से जा रहे थे। तब पिता अनिल ने मासूम तीनों बेटियों को भरोसा दिया था कि वो पंजाब से उनके लिए रुपये भेजेंगे। इनमें से एक बच्ची का नाम वर्षा है जिसका कहना है कि वह फोन करती है तो उसकी माता उससे बात नहीं करती। ऐसी स्थिति में भी गांव के लोगों ने इनकी सहायता नहीं की। दो महीने हो गए हैं। ये तीनों मासूम बच्ची गांव-गांव जाती हैं। लोगों से कुछ मांगती हैं और अपना गुजर-बसर करती हैं। सूचना मिलने पर लक्ष्मीपुर पुलिस (Bihar Police) ने तीनों बच्चियों को बरामद कर लिया है। साथ ही पूरे मामले की जानकारी चाइल्ड लाइन को दी है।

बेटा और बेटी में अंतर पैदा किया गया: पुलिस

मामले पर जमुई एसडीपीओ डॉ. राकेश कुमार का कहना है कि बेटा और बेटी में अंतर पैदा कर मां और पिता इन तीनों मासूम बेटियों को गांव में ही छोड़ गए हैं व दोनों बेटों को साथ लेकर पंजाब चले गए हैं। वर्तमान में तीनों नाबालिग लड़कियां चाइल्ड लाइन को सौंप दी गई हैं। पुलिस पूरे मामले में आगे का एक्शन लेने में जुट गई है। वहीं उन्होंने बताया कि पुलिस की ओर से तीनों बच्चियों के माता-पिता को बिहार वापस बुलाए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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