Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

यूपी में डीजे बजाने पर लगा प्रतिबंध हटा, सुप्रीम कोर्ट ने पलटा हाईकोर्ट का फैसला, यह शर्त करनी होगी पूरी

प्रयागराज के सुशील चंद्र श्रीवास्तव ने अर्जी लगाई थी कि घर के पास सुबह 4 बजे से 12 बजे रात तक डीजे बजता रहता है, जिससे उनकी 85 साल की बुजुर्ग मां को दिक्कत होती है। इस अर्जी पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डीजे बजाने पर ही रोक लगा दी थी। जानिये अब सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

यूपी में डीजे बजाने पर लगा प्रतिबंध हटा, सुप्रीम कोर्ट ने पलटा हाईकोर्ट का फैसला, यह शर्त करनी होगी पूरी
X

सुप्रीम कोर्ट। 

इलाहाबाद हाईकोर्ट की ओर से उत्तर प्रदेश में डीजे बजाने पर लगाई गई पाबंदी को सुप्रीम कोर्ट ने हटा दिया है। प्रदेश में अब दोबारा से डीजे बजाया जा सकेगा, लेकिन इसके लिए लाइसेंस लेना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि एक निजी पक्ष की ओर से दायर याचिका पर ऐसे सामान्य आदेश पारित नहीं किया जा सकता।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 20 अगस्त, 2019 में हाईकोर्ट ने डीजे पर प्रतिबंध लगाते हुए कहा था कि इससे ध्वनि प्रदूषण होता है और लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। दरअसल प्रयागराज के हाशिमपुर इलाके के रहने वाले सुशील चंद्र श्रीवास्तव ने अर्जी लगाई थी कि धार्मिक आयोजन के दौरान सुबह 4 बजे से 12 बजे रात तक डीजे बजता रहता है, जिससे उनकी 85 साल की बुजुर्ग मां को दिक्कत होती है। इस अर्जी पर सुनवाई करते हुए ही इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डीजे बजाने पर प्रतिबंध लगा दिया था। आज इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में हुई। जस्टिस विनीत शरणऔर जस्टिस दिनेश माहेश्वरी की पीठ ने सुनवाई करते हुए कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डीजे पर प्रतिबंध लगाने का आदेश प्रभवित पक्ष को बिना सुने ही पारित कर दिया। हाईकोर्ट के समक्ष दायर याचिका में इस तरह का आदेश पारित करने की कोई भी अपील नहीं की गई थी।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कानूनन ऐसा नहीं किया जा सकता। एक निजी पक्ष की ओर से दायर याचिका पर ऐसे सामान्य आदेश पारित नहीं किया जा सकता। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने डीजे संचालकों को भी ध्वनि प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट की तरफ से पहले दिए गए निर्देशों का पालन करने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि लाइसेंस लेकर ही डीजे बजाया जा सकता है।

Next Story