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NIA अफसर और पत्नी की हत्या में दो दोषियों को फांसी की सजा, दो बच्चों की जान बाल-बाल बची थी, जानिये पूरा घटनाक्रम

एनआईए के डिप्टी एसपी तंजील अहमद और उनकी पत्नी फरजाना दो अप्रैल 2016 की रात को शादी समारोह से लौट रहे थे। इस दौरान मुनीर और रैयान ने गाड़ी रुकवा ली और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इसमें तंजील और फरमान की मौत हो गई, जबकि दो बच्चों ने सीट के नीचे छिपकर खुद की जान बचाई। कोर्ट ने आज मुनीर और रैयान को फांसी की सजा सुनाई है।

NIA अफसर और पत्नी की हत्या में दो दोषियों को फांसी की सजा, दो बच्चों की जान बाल-बाल बची थी, जानिये पूरा घटनाक्रम
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एनआईए अफसर तंजील अहमद हत्याकांड में दोषियों को फांसी के कोर्ट फैसले की जानकारी देते वकील। 

उत्तर प्रदेश के बिजनौर में NIA के DSP तंजील और उनकी पत्नी की हत्या के मामले में दोषी मुनीर और रैय्यान को आज कोर्ट ने फांसी की सजा (Sentence To Death) सुनाई है। कोर्ट ने दोनों को शुक्रवार को दोषी करार दिया था। यह हत्याकांड छह साल पहले हुआ था। इस हत्याकांड में तंजीम, जेनी और रिजवान भी आरोपी थे, लेकिन सबूत न मिलने पर कोर्ट (Court) ने पहले ही बरी कर दिया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एनआईए के डिप्टी एसपी तंजील अहमद और उनकी पत्नी फरजाना दो अप्रैल 2016 की रात को शादी समारोह से लौट रहे थे। यह शादी समारोह उनके पैतृक गांव बिजनौर के सहसपुर में था। लौटते समय मुनीर और रैयान ने पहले कार को रुकवाया और फिर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। इसमें एनआईए अफसर तंजील अहमद की मौके पर मौत हो गई थी। उनकी पत्नी फरजाना ने मुरादाबाद के अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। कार में उस वक्त तंजील अहमद के दो बच्चे भी मौजूद थे। आठ साल के शहबाज और दस साल की जिमनिस ने सीट के नीचे घुसकर अपनी जान बचाई।

पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया तो पता चला कि तंजील अहमद के शरीर से 12 गोलियां लगी थीं। इनमें से नौ गोलियां ऐसी थी, जो शरीर से पार होकर निकल गई थी। पहले कहा गया कि तंजील अहमद की हत्या आतंकियों ने की है, लेकिन बाद में पता चला कि हिस्ट्रीशीटर मुनीर, रैयान और उसके साथियों ने इस वारदात को अंजाम दिया है। कोर्ट में लंबी सुनवाई के बाद बाकी आरोपी सबूतों के अभाव में बरी हो गए, लेकिन मुनीर और रैयान, दोनों को कोर्ट ने दोषी करार देकर उन्हें फांसी की सजा सुनाई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दोषी मुनीर का तंजील अहमद से प्रॉपर्टी विवाद चल रहा था। मुनीर को शक था कि तंजील से मुखबिरी होने का डर है। इसलिए उसने इस वारदात को अंजाम दिया। मुनीर बेहद ही शातिर अपराधी था। उसने कई लोगों की हत्याएं की, लेकिन उसने कभी इसकी पुख्ता संख्या नहीं बताई। अकेले दिल्ली में छह हत्याएं और यूपी में चार हत्याओं के अलावा कई केस दर्ज हैं। उसने दर्जनों लूट की वारदातों को अंजाम दिया। उसने 2015 में दिल्ली पुलिस के सिपाही धर्मपाल का मर्डर किया था। सरिता विहार में दो लोगों को गोली मारकर हत्या कर दी थी। यूपी STF ने गाजियाबाद से मुनीर को गिरफ्तार किया था।

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