Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

राजस्थान की इन छौरियों ने रचा इतिहास, एक साथ तीन बहनें बनीं RAS ऑफिसर, 2 पहले ही हो चुकी हैं चयनित

तीन बहनों ने राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित राजस्थान प्रशासनिक सेवा परीक्षा-2018 में एकसाथ सफलता अर्जित की हैं। इन युवतियों की दो बहनें पहले ही राजस्थान प्रशासनिक सेवा की अधिकारी हैं।

राजस्थान की इन छौरियों ने रचा इतिहास, एक साथ तीन बहनें बनीं आरएएस ऑफिसर, दो पहले ही हो चुकी हैं चयनित
X

आरएएस परिणाम

बीकानेर। आज के समय में बेटियों को समाज में सिर्फ चूल्हा चौका संभालने के लिए ही नहीं जाना जाता बल्कि पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इस नए युग में कोई ऐसा काम नहीं बचा है जिसमें महिलाओं की भागीदारी न हो। बेटियों को अच्छी से अच्छी शिक्षा दी जा रही है और उसका परिणाम भी अच्छा सामने आ रहा है। हाल ही में राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के भैरूंसरी गांव में एक परिवार की चर्चा हर किसी की जुबान पर है और हो भी क्यों ना! दरअसल, यह घर देशभर में इसलिए मशहूर हो रहा है क्योंकि यहां तीन बहनों ने राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित राजस्थान प्रशासनिक सेवा परीक्षा-2018 (Rajasthan Administrative Service Exam 2018) में एक साथ सफलता अर्जित की हैं। जिसके बाद तीनों बहनें आईआरएस ऑफिसर बन गई है। जबकि इनकी दो बहनें पहले से ही राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) की अधिकारी हैं।

किसानी की बेटियों ने किया कमाल

संभवत: यह राजस्थान का पहला अनूठा परिवार है। जिसमें पांच बेटियां आरएएस अधिकारी बनी हैं। परिवार के मुखिया सहदेव सहारण किसान हैं। उनकी पांच बेटियां व एक बेटा है। पांच बेटियों में से सबसे बड़ी रोमा सहारण ने वर्ष 2010 में आरएएस परीक्षा उत्तीर्ण की जबकि दूसरी बेटी मंजू सहारण ने वर्ष 2012 में आरएएस परीक्षा पास की। उनकी बाकी तीन बेटियों ने RAS Exam 2018 में सफलता अर्जित की जिसका परिणाम पिछले दिनों आया। इनमें अंशु सहारण ने 349वीं रैंक, रीतू सहारण ने 945वीं रैंक व सुमन सहारण ने 915 वीं रैंक प्राप्त की। उनके परिवार में पांच बेटियां व एक बेटा है। सहारण ने बताया कि सभी बच्चों ने गांव में ही पांचवी कक्षा तक पढ़ाई की और इसके बाद की पढ़ाई भी 'प्राइवेट' की। उन्होंने कहा कि उनकी बेटियों की सफलता उन लोगों के लिए प्रेरणा संदेश बनेगा जो बेटियों को बोझ समझते हैं।

Next Story