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राजस्थान में पाकिस्तानी शरणार्थियों की मौत पर गरमाई राजनीति, शेखावत ने गहलोत सरकार को घेरा

राजस्थान में रविवार को जोधपुर जिले में पाकिस्तान के हिंदू शरणार्थी परिवार के 11 सदस्यों की मौत के मामले में राजनीति गरमा गई है। इस मामले को लेकर राजस्थान सरकार पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। इस मामले पर केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने गहलोत सरकार को आड़े हाथ लेते हुए उनकी आलोचना की।

राजस्थान में पाकिस्तानी शरणार्थियों की मौत पर गरमाई राजनीति, शेखावत ने गहलोत सरकार को घेरा
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गजेंद्र सिंह शेखावत

नई दिल्ली। राजस्थान में रविवार को जोधपुर जिले में पाकिस्तान के हिंदू शरणार्थी परिवार के 11 सदस्यों की मौत के मामले में राजनीति गरमा गई है। इस मामले को लेकर राजस्थान सरकार पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। इस मामले पर केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने गहलोत सरकार को आड़े हाथ लेते हुए उनकी आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह घटना मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की कार्यप्रणाली को दर्शाती है। जोधपुर जिले में पाकिस्तान के हिंदू शरणार्थी परिवार के 11 सदस्य रविवार सुबह एक खेत में मृत पाए गए। ये लोग भील समुदाय के थे और गांव में खेत में रह रहे थे, जिसे उन्होंने खेतीबाड़ी के लिए बटाई पर लिया था। शेखावत ने ट्वीट कर कहा कि जोधपुर देचू में एक दर्जन पाक विस्थापित नागरिकों की मृत्यु अशोक गहलोत की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान है। मृतकों में दो पुरुष, चार महिलाएं और पांच बच्चे हैं। उन्होंने कहा कि एक के बाद एक, प्रदेश की बिगड़ी व्यवस्था की भयावह तस्वीरें सामने आ रही हैं। सरकार त्वरित कार्यवाही कर तथ्यों को सामने लाए।

परिवार का एक सदस्य पाया गया जीवित

पुलिस के मुताबिक परिवार का एक सदस्य जीवित पाया गया है। ये लोग देचु इलाके के लोदता गांव में एक झोपड़ी में रहते थे। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) राहुल बरहाट ने कहा कि लेकिन उसने घटना की कोई जानकारी न होने का दावा किया। ऐसा माना जा रहा है कि यह घटना रात की है। बरहाट ने कहा कि हमें मौत की वजह अभी पता नहीं चली है लेकिन ऐसा लग रहा है कि परिवार के सभी सदस्यों ने रात में कोई रसायन खाकर आत्महत्या की है। उन्होंने बताया कि झोंपड़ी के आसपास किसी रसायन की बदबू आ रही थी, जिससे लगता है कि उन्होंने कुछ खाया है। परिवार के सभी सदस्य भील समुदाय के पाकिस्तान के हिंदू शरणार्थी थे और गांव में खेत में रह रहे थे जिसे उन्होंने खेतीबाड़ी के लिए बटाई पर लिया था। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि किसी के भी शरीर पर चोट का कोई निशान नहीं हैं और न ही किसी तरह की साजिश के सबूत हैं लेकिन हमने फॉरेंसिक टीम और श्वान दल बुलाया है। प्रारंभिक सूचना से पता चला है कि किसी मुद्दे को लेकर परिवार में विवाद था। उन्होंने कहा कि जीवित बचे व्यक्ति से पूछताछ करने के बाद ही हम इस घटना के बारे में कुछ कहने की स्थिति में होंगे।

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