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राजस्थान में सूचना आयोग ने दो अधिकारियों पर सूचना नहीं देने पर लगाया इतना जुर्माना

अजमेर नगर निगम द्वारा एक नागरिक को सूचना उपलब्ध कराने में देरी पर राज्य सूचना आयोग ने गहरी नाराजगी जाहिर करते हुए निगम आयुक्त पर दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। आयोग ने भवानी मंडी नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी पर सूचना के अधिकार कानून की अनदेखी पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।

राजस्थान में सूचना आयोग ने दो अधिकारियों पर सूचना नहीं देने पर लगाया इतना जुर्माना
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सूचना नहीं देने पर लगाया जुर्माना

जयपुर। राजस्थान राज्य सूचना आयोग (Rajasthan State Information Commission) ने सूचना के अधिकार (Right to information) के तहत सूचना उपलब्ध नहीं कराने पर अजमेर नगर निगम के आयुक्त और झालावाड़ के भवानीमंडी पालिका के अधिशासी अधिकारी पर जुर्माना (Penalty) लगाया है। अजमेर नगर निगम (Ajmer Nagar Nigam) द्वारा एक नागरिक को सूचना उपलब्ध कराने में देरी पर राज्य सूचना आयोग ने गहरी नाराजगी जाहिर करते हुए निगम आयुक्त पर दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। आयोग ने भवानी मंडी नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी पर सूचना के अधिकार कानून की अनदेखी पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माने की यह राशि उनके वेतन से काटे जाने का निर्देश दिया गया है।

बोले- गंभीर मामला, अनदेखा नहीं कर सकते

सूचना आयुक्त नारायण बारेठ ने अपने आदेश में कहा कि निगम ने जवाब देने में असाधारण देरी की है, यह गंभीर मामला है और इसे अनदेखा नहीं किया जा सकता है। एक बयान में उन्होंने कहा कि अजमेर के नाथू सिंह ने 30 मई 2018 को अर्जी दाखिल कर निगम से अपने शिकायती पत्र पर की गई कार्रवाई पर जानकारी मांगी थी। आवेदक के अनुसार तय समय सीमा में निगम द्वारा कोई जानकारी नहीं दिये जाने पर उन्होंने सूचना के अधिकार कानून के तहत निगम के महापौर धर्मेंद्र गहलोत के सम्मुख अपील दायर की, जिसके बाद महापौर ने 17 सितंबर 2018 को सुनवाई के बाद निगम को पंद्रह दिन में वांछित सूचना मुहैया कराने का आदेश दिया। लेकिन निगम प्रशासन ने महापौर के आदेश को भी कोई महत्व नहीं दिया।

उन्होंने कहा कि आयोग ने नाथू सिंह की अपील पर जब निगम से जवाब तलब किया तो निगम जवाब देने से बचता रहा।आयोग ने अलग अलग समय निगम को चार बार नोटिस भेजे मगर निगम प्रशासन ने उसे कोई तवज्जो नहीं दी। सूचना आयुक्त ने इसे गंभीर माना और निगम आयुक्त पर दस हजार रुपये का जुर्माना लगाने का आदेश दिया है।

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