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राजस्थान न्यूज: थानागाजी दुष्कर्म मामले में 4 को उम्रकैद, पांचवें को 5 साल के कारावास की सजा

अलवर की विशेष अदालत ने थानागाजी में एक विवाहिता के साथ सामूहिक दुष्कर्म मामले में चार आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने इस घटना की वीडियो क्लिप बनाकर उसे वायरल करने वाले पांचवें आरोपी को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।

थानागाजी दुष्कर्म मामला : 4 को उम्रकैद, पांचवें को 5 साल के कारावास की सजा
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थानागाजी दुष्कर्म मामला

जयपुर। अलवर के थानागाजी बाईपास पर पिछले साल 26 अप्रैल को एक विवाहिता के साथ उसके पति के सामने सामूहिक दुष्कर्म की घटना के मामले में अलवर की विशेष अदालत ने थानागाजी में एक विवाहिता के साथ सामूहिक दुष्कर्म मामले में चार आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

अदालत ने इस घटना की वीडियो क्लिप बनाकर उसे वायरल करने वाले पांचवें आरोपी को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों को एक-एक लाख रुपये के आर्थिक दंड से भी दंडित किया गया है।

अदालत ने अपने फैसले में लिखा कि अभियुक्तों का यह कृत्य मानवता को शर्मसार करने वाला,कायरतापूर्ण व घृणित कृत्य है जो रामकाल के सीताहरण व कृष्णकाल के द्रौपदी के चीरहरण से भी गंभीर है। दुष्कर्म किसी जाति, धर्म या मजहब की नहीं पूरी इंसानियत की समस्या है। यह फैसला अनुसूचित जाति जनजाति मामलों की विशेष अदालत ने सुनाया।

अदालत ने सामूहिक दुष्कर्म मामले में आरोपी हंसराज गुर्जर, अशोक गुर्जर, छोटेलाल गुर्जर और इंद्रराज गुर्जर को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 डी के तहत सामूहिक दुष्कर्म का दोषी मानते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा दी है। लोक अभियोजक कुलदीप जैन ने बताया कि सभी अभियुक्तों को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (डी) के अलावा 147,341, 323,342,354,354 (बी), 506, 509, 386, 395 365, 327 और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति उत्पीड़न निषेध अधिनियम और सूचना एवं प्रौद्यागिकी (आईटी) की धाराओं के तहत सजा दी गई है।

उन्होंने बताया कि पीड़िता के साथ बार बार दुष्कर्म करने के आरोपी हंसराज को भारतीय दंड संहिता की एक और धारा 376(2)(एन) के तहत दोषी पाया गया है। जैन ने बताया कि अदालत ने चारों आरोपियों को प्राकृतिक मृत्यु तक कठोर कारावास की सजा सुनाई है। चार आरोपियों ने विवाहिता के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और घटना की वीडियो बनाई और उससे धन की मांग की। इस मामले में शामिल पांचवे अभियुक्त मुकेश गुर्जर को घटना की वीडियो क्लिप बनाने और उसे वायरल करने के आरोप में सूचना एवं प्रोद्योगिकी अधिनियम के तहत पांच वर्ष की सश्रम कारावास की सजा दी गई है। साथ ही पचास हजार रुपये के आर्थिक दंड से दंडित किया गया है। उन्होंने बताया कि एक और नाबालिग अभियुक्त के खिलाफ सुनवाई किशोर न्यायालय में चल रही है।

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