Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

आजादी के 7 दशकों बाद भी नहीं बनी सड़क, ग्रामीण युवाओं ने खुद उठा लिया बीड़ा

ग्राम पंचायत सिमरिया से तिरहुतपुर गांव जाने वाली सड़क बरसात में इतनी खराब हो गई कि वाहन का चलना तो दूर पैदल चलना भी दूभर है। पढ़िए पूरी खबर-

आजादी के 7 दशकों बाद भी नहीं बनी सड़क, ग्रामीण युवाओं ने खुद उठा लिया बीड़ा
X

डिण्डोरी। देश को आजादी मिले 73 साल हो चुके हैं लेकिन आज भी देश के कई इलाकों में मूलभूत आवश्यकताएं भी पूरी नहीं हो पाई है। ऐसा ही एक मामला मध्यप्रदेश के डिण्डोरी के जनपद पंचायत से सामने आया है, जहां ग्राम पंचायत सिमरिया से तिरहुतपुर गांव जाने वाली सड़क बरसात में इतनी खराब हो गई कि वाहन का चलना तो दूर पैदल चलना भी दूभर है। ग्रामीणों की माने तो सड़क बनवाने को लेकर कई बार आग्रह किये जाने के बावजूद जनप्रतिनिधियों के कानों में जूं तक नहीं रेंगी।

डिण्डोरी मुख्यालय से महज 12 किलोमीटर दूर तिरहुतपुर गांव में 250 परिवार निवास करते हैं, जो आजादी के 73 सालों के बाद भी सड़क न बन पाने का दंश झेल रहे है। आख़िरकार सरकार की उदासीनता से तंग आकर इस सड़क को बनवाने का बीड़ा ग्रामीण युवाओं ने उठाया और चंदा इकठ्ठा कर स्वयं ही मजदूर बन सड़क को बनाने जुट गए।

हर साल बारिश में इस इलाके का आलम यह होता है कि ग्रामीण वासी कीचड़, बहते पानी में से होते हुए अपने-अपने कार्यो में जाने के लिए मजबूर हैं। ग्रामीणों ने बताया कि बरसात में यहां चार पहिया वाहन नहीं आ पाता। वहीं एक ग्रामीण ने बताया कि उसकी पत्नी गर्भवती थी, जिसे अस्पताल ले जाना था लेकिन एम्बुलेंस का यहां तक नहीं पहुचने से उसकी मौत हो गई।

एक तरफ सरकार का दावा है कि गांव-गांव सड़के बनवा दी गई है लेकिन डिण्डोरी मुख्यालय से महज 12 किलोमीटर दूर तिरहुतपुर गांव में आजादी के सात दशकों के बाद भी सड़क का निर्माण नहीं हो पाया। जिला प्रशासन को भी इसकी जानकारी है लेकिन सड़क बनवाने के लिए कोई उचित कदम नहीं उठाया गया।

और पढ़ें
Next Story