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विश्व की सबसे बड़ी रामचरित मानस लिख प्रोफेसर खोबरे ने बनाया रिकॉर्ड, ग्लोबल गोल्ड टेलेन्ट बुक में दर्ज हुआ नाम

विश्व की सबसे बड़ी श्रीरामचरित मानस लिखने का विश्व रिकॉर्ड माखनलाल विवि के प्रोफेसर डॉ.अरुण खोबरे ने अपने नाम कर लिया है। ग्लोबल गोल्ड टेलेन्ट बुक ऑफ़ रिकॉर्ड ने "इनोवेटिव विजुअल आर्ट एण्ड राइटिंग केटेगरी" में उनकी इस उपलब्धि को विश्व रिकॉर्ड के रूप में शामिल किया है। इस उपलब्धि पर

— इनोवेटिव विजुअल आर्ट एण्ड राइटिंग केटेगरी" में बना विश्व रिकॉर्ड, पन्नों की 170 किलो वजनी

— ओएमजी बुक ऑफ रिकॉर्ड और भारत वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज हो चुका है नाम

भोपाल। विश्व की सबसे बड़ी श्रीरामचरित मानस लिखने का विश्व रिकॉर्ड माखनलाल विवि के प्रोफेसर डॉ.अरुण खोबरे ने अपने नाम कर लिया है। ग्लोबल गोल्ड टेलेन्ट बुक ऑफ़ रिकॉर्ड ने "इनोवेटिव विजुअल आर्ट एण्ड राइटिंग केटेगरी"में उनकी इस उपलब्धि को विश्व रिकॉर्ड के रूप में शामिल किया है। इस उपलब्धि् पर मध्यप्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने भी डॉ. खोबरे को उनके इस विशेष कार्य के लिए सम्मानित किया है।

माखनलाल विश्वविद्यालय में प्रोफेसर एवं कवि डॉ.अरुण अज्ञानी के नाम दो विश्व रिकॉर्ड "ओएमजी बुक ऑफ रिकॉर्ड" और "भारत वर्ल्ड रिकॉर्ड" में भी पहले दर्ज हो चुका है। ये अब उनका तीसरा विश्व रिकॉर्ड है। श्री खोबरे छिन्दवाड़ा जिले के गांव बदनूर के रहने वाले हैं। उन्होंने इसका श्रेय अपने पूज्य माता पिता जी को दिया है। उन्होंने कहा की हनुमानजी की विशेष कृपा से ही वे इस महान कार्य को कर पाये हैं।

छह हजार से ज्यादा पन्ने, वजन 170 किलो

डॉ. खोबरे द्वारा लिखी गई श्रीरामचरित मानस का वजन 170 किलो है। इसे 149 दिनों में लिखा गया। इसमें कुल 6333 पेज हैं एवं इसकी कुल लंबाई 51 इंच यानी सवा चार फिट है। अरुण अज्ञानी ने बताया कि उन्हें इसे लिखने की प्रेरणा हनुमान जी से मिली एवं उन्हीं की कृपा से वे महान कार्य को कर पाए।

काशी और अयोध्या ले जाने की योजना

डॉ.खोबरे ने विधानसभा अध्यक्ष को विश्व की सबसे बड़ी श्रीरामचरित मानस को भोपाल से रथयात्रा के द्वारा काशी और अयोध्या ले जाने की योजना के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि रामचरित मानस वजन ज्यादा होने की वजह से यह रथ के द्वारा ही ले जाने की योजना बनाई जा रही है।

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