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हिमाचल न्यूज: 17 साल से सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे रहे अस्थायी शिक्षक नियमितीकरण के आदेशों से खुश नहीं

हिमाचल प्रदेश सरकार ने शिक्षकों की लंबी लड़ाई के बाद बुधवार को उन्हें राहत तो दे दी। लेकिन 17 साल से सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे रहे अस्थायी शिक्षक नियमितीकरण के आदेशों से खुश नहीं हैं।

हिमाचल न्यूज: 17 साल से सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे रहे अस्थायी शिक्षक नियमितीकरण के आदेशों से खुश नहीं
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प्रतीकात्मक तस्वीर

हिमाचल प्रदेश सरकार ने शिक्षकों की लंबी लड़ाई के बाद बुधवार को उन्हें राहत तो दे दी। लेकिन 17 साल से सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे रहे अस्थायी शिक्षक नियमितीकरण के आदेशों से खुश नहीं हैं। पीटीए, पैट, पैरा के नियमितीकरण की अधिसूचना जारी होने के बाद भी शिक्षक ज्यादा खुश नजर नहीं आए। दरअसल, राज्य के सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे रहे लगभग 10190 पीटीए, पैट, पैरा शिक्षकों को रेगुलर करने की सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है, लेकिन सरकार ने यह भी साफ किया है कि शिक्षकों को पुराने वित्तीय लाभ नहीं दिए जाएंगे। बता दें कि पीटीए शिक्षक 2018 से वित्तीय लाभ जारी करने की मांग कर रहे थे, वहीं पैट शिक्षक 2016 से वित्तीय लाभ की मांग कर रहे थे। हालांकि सरकार ने मौजूदा समय से ही पीटीए, पैट, पैरा को वित्तीय लाभ देने का फैसला लिया है। पैरा शिक्षकोंं को लेकर भी जारी अधिसूचना में सरकार ने कहा है कि 2014 से काउंटर व सीनियोरिटी के हिसाब से पैरा शिक्षकों को लिया जाएगा, हालांकि वित्तीय लाभ उन्हें जारी अधिसूचना के आधार पर ही दिया जाएगा। बता दें कि सरकार ने पीटीए शिक्षकों को कुछ शर्तों के साथ नियमित किया है।

सरकार का तर्क है कि इन शिक्षकों को इनके स्केल से 1737 रुपये ज्यादा मिल रहे हैं। फिलहाल प्रदेश में 6799 पीटीए, 3294 पैट और 97 पैरा शिक्षक हैं। सरकार की ओर से बताया गया है कि पैट शिक्षकों को मिल रहा अधिक वेतन कम नहीं होगा। पैट शिक्षकों को मिल रहा अधिक वेतन आगामी इन्क्रीमेंट और डीए में एडजस्ट किया जाएगा। अनुबंध पर नियुक्त पीटीए सहित लेफ्ट आउट पीटीए भी नियमित होंगे। शिक्षा सचिव ने नियमितीकरण के आदेश जारी करने के लिए उच्च और प्रारंभिक शिक्षा निदेशकों को निर्देश जारी किए हैं। बताया गया है कि पीटीए, पैट और पैरा शिक्षकों को बैक डेट से लाभ नहीं मिलेंगे। प्रदेश की आर्थिक स्थिति को देखते हुए वित्त महकमे ने बैक डेट से लाभ देने से हाथ खड़े कर दिए हैं। साढ़े दस हजार शिक्षकों को बीते माह ही मंत्रिमंडल ने नियमित करने का फैसला लिया था। सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के तीन माह के बाद सरकार ने रेगुलर कर हजारों शिक्षकों को राहत दी है।

सरकार की ओर से जारी की गई अधिसूचना के अनुसार अब प्रारंभिक व उच्च शिक्षा विभाग अंतिम अधिसूचना जारी करने से पहले एक बार फिर से पीटीए, पैट, पैरा शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता चैक करेंगे। अहम यह है कि प्रदेश सरकार की ओर से जारी की गई अधिसूचना के अनुसार वर्ष 2006 से लेकर 2008 तक भर्ती हुए पीटीए शिक्षकों को ही सरकार अभी रेगुलर करेगी। 2008 के बाद जो पीटीए के तहत स्कूलों में भर्ती हुए हैं, उन शिक्षकों को रेगुलर करने पर सरकार ने कोई सहमति नहीं जताई है। दरअसल, प्रदेश सरकार ने 2008 के बाद पीटीए शिक्षकों की भर्ती पर रोक लगाने के आदेश जारी कर दिए थे, वहीं शिक्षा विभाग को कहा गया था कि जो 2008 के बाद पीटीए की भर्ती करेगा, उन प्रधानाचार्यों से जवाबदेही ली जाए। बावजूद इसके प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 2008 के बाद भी पीटीए शिक्षकों की भर्ती हुई। अब बताया जा रहा है कि 2008 के बाद भर्ती हुए लगभग 350 पीटीए शिक्षक अब भी बचे हैं, जिन्हें प्रदेश सरकार ने रेगुलर नहीं किया है।

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