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लॉकडाउन में हिमाचल को हुआ 30 हजार करोड़ का नुकसान, शिक्षा मंत्री व संसदीय कार्यमंत्री सुरेश भारद्वाज ने किया खुलासा...

हिमाचल प्रदेश को कोरोना काल के दौरान लगे लॉकडाउन में तीन महीने में 30 हजार करोड़ का ओवरऑल नुकसान हुआ है। सरकार ने इस नुकसान की समीक्षा करवाई है। अर्थ एवं सांख्यिकी विभाग ने सरकार को यह रिपोर्ट दी है।

लॉकडाउन में हिमाचल को हुआ 30 हजार करोड़ का नुकसान, शिक्षा मंत्री व संसदीय कार्यमंत्री सुरेश भारद्वाज ने किया खुलासा...
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फाइल फोटो

हिमाचल प्रदेश को कोरोना काल के दौरान लगे लॉकडाउन में तीन महीने में 30 हजार करोड़ का ओवरऑल नुकसान हुआ है। सरकार ने इस नुकसान की समीक्षा करवाई है। अर्थ एवं सांख्यिकी विभाग ने सरकार को यह रिपोर्ट दी है, जिसमें अलग-अलग सेक्टर को हुए नुकसान का विस्तृत ब्यौरा दिया गया है। यह खुलासा सोमवार को कैबिनेट बैठक के बाद शिक्षा मंत्री व संसदीय कार्यमंत्री सुरेश भारद्वाज ने किया। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश को 30 हजार करोड़ रुपए का बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है।

सूत्रों के अनुसार, जो रिपोर्ट अर्थ एवं सांख्यिकी विभाग ने सरकार को सौंपी है,उसमें बताया गया है कि मेन्युफेक्चरिंग सेक्टर व पर्यटन क्षेत्र को सबसे बड़ा नुकसान हुआ है। पर्यटन का जो नुकसान है, वह सीधे लोगों से भी जुड़ा है, क्यों बड़ी संख्या में लोग पर्यटन से जुड़े हैं, जिनका रोजगार इससे चलता है। इस सेक्टर को 2500 करोड़ रुपए का नुकसान तीन महीने में हुआ है, ऐसा रिपोर्ट में सामने आया है।

इसमें होटल क्षेत्र भी शामिल है, जिसका नुकसान सरकार के सामने है। मेन्युफेक्चरिंग सेक्टर को इन तीन महीने में साढ़े नौ हजार करोड़ रुपए का नुकसान आंका गया है। बाहर से रॉ मेटिरियल यहां पर आता है और यहां पर उत्पादन किया जाता है। इसके अलावा जो जानकारी है, उसके अनुसार टैक्स व नॉन टैक्स में सरकार को पिछले साल के मुकाबले इन तीन महीने में 54 फीसदी का बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है।

टैक्स में भी कई अलग-अलग तरह के टैक्स हैं, जिसमें सरकार को नुकसान हुआ। शराब का कारोबार भी काफी ज्यादा प्रभावित हुआ है। यह भी पूरी तरह से बंद था, जिसका भी बड़ा नुकसान हुआ है। इस तरह से कुल 30 हजार करोड़ रुपए का नुकसान कई क्षेत्रों में हिमाचल सरकार को उठाना पड़ा है। पिछली कैबिनेट की बैठक में इस रिपोर्ट पर चर्चा की गई थी, जिसके बाद सरकार ने करों की उगाही को वापस उस स्तर पर लाने के लिए कहा है।

हालांकि उन दिनों का कर संग्रहण नहीं हो सकेगा, मगर अब चूंकि सब कुछ खुल गया है, तो अब टैक्स कलेक्शन को बढ़ाने को कहा गया है। इतने बड़े नुकसान से हिमाचल किस तरह से पार पा सकेगा, यह देखना होगा, क्योंकि प्रदेश की आर्थिक स्थिति पहले से डांवाडोल है, जिसपर इतने बड़े नुकसान की भरपाई कैसे होगी, यह समय बताएगा।

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