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भ्रूण लिंग जांच गिरोह पकड़ने में अहम भूमिका निभाने वाले एएसआई प्रीतम की क्यों हो रही सराहना, जानें

एमआईई चौकी में तैनात एएसआई प्रीतम कुमार ने कोख के कातिलों को जेल तक पहुंचाने के लिए दिन-रात एक कर दिए। इस मुहिम में अच्छी भूमिका निभाने पर अब चीफ मिनिस्टर गुड गवर्नेंस एसोसिएट्स प्रोग्राम (मुख्यमंत्री के सुशासन सहयोगी कार्यक्रम) के तहत एएसआई प्रीतम कुमार के प्रयासों को सराहा गया है। इन्हें गर्वमेंट चैंपियन कहा गया है।

भ्रूण लिंग जांच गिरोह पकड़ने में अहम भूमिका निभाने वाले एएसआई प्रीतम  की क्यों हो रही सराहना, जानें
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 एएसआई प्रीतम कुमार।

हरिभूमि न्यूज. बहादुरगढ़

अंतर्राज्यीय भ्रूण लिंग जांच गिरोह को पकड़ने में अहम भूमिका निभाने वाले पुलिसकर्मी एएसआई प्रीतम कुमार की चीफ मिनिस्टर गुड गर्वनेंस एसोसिएट्स प्रोग्राम की ओर से प्रशंसा की गई है। प्रीतम के नाम सराहना पत्र जारी कर उन्हें गर्वमेंट चैंपियन कहा गया है।

दरअसल, लिंगानुपात में सुधार लाने के लिए सरकार काफी प्रयास कर रही है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसी कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। कोख के कातिलों तक पहुंचने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार छापेमारी कर रही हैं। इसी कड़ी में गत 19 जून को पीएनडीटी नोडल आफिसर डॉ. अचल त्रिपाठी की अगुवाई वाली एक टीम ने गत 19 जून को टीकरी बार्डर से चांद सिंह नाम के दलाल को रंगे हाथ पकड़ा था। दलाल से पूछताछ में मुख्य आरोपित का ही खुलासा हो पाया था। आमतौर पर इस तरह के केस एक या दो दलाल की गिरफ्तारी तक निपट जाते हैं, मुख्य आरोपित या पूरा गिरोह बहुत कम पकड़ा जाता है। लेकिन इस केस में पुलिस प्रशासन ने पूरा जोर लगा दिया। यहां एमआईई चौकी में तैनात एएसआई प्रीतम कुमार ने कोख के कातिलों को जेल तक पहुंचाने के लिए दिन-रात एक कर दिए। स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ मिलकर दिल्ली, हरियाणा व उत्तर प्रदेश के शहरों में काफी रेड की गई।


लगातार की जा रही रेड से दबाव में आकर लिंग जांच करने वाले मुख्य आरोपित डॉ. हरिओम को आत्म समर्पण करना पड़ गया। इसके बाद दलाल आकाश और कई गिरोह में शामिल शाहिद राजीव अहमद की गिरफ्तारी हुई। जांच कराने वाली दो महिला व एक महिला के पति को भी गिरफ्तार किया गया। इस तरह से पुरा नेक्सस पकड़ में आ गया। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ से जुड़ी इस मुहिम में अच्छी भूमिका निभाने पर अब चीफ मिनिस्टर गुड गवर्नेंस एसोसिएट्स प्रोग्राम (मुख्यमंत्री के सुशासन सहयोगी कार्यक्रम) के तहत एएसआई प्रीतम कुमार के प्रयासों को सराहा गया है। इन्हें गर्वमेंट चैंपियन कहा गया है। इस संबंध में जब एएसआई प्रीतम कुमार से बात की गई तो उन्होंने कहा कि एसपी साहब के मार्गदर्शन में मामले में गंभीरता से कार्रवाई की गई थी। आरोपितों को अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार किया गया। हां, उन्हें फोन पर सराहना पत्र मिला है।

ऐसा पहली बार हुआ

उधर, पीएनडीटी के नोडल ऑफिसर डॉ. अचल त्रिपाठी ने कहा कि ऐसे केसों में पुलिस की भूमिका बेहद अहम होती है। एएसआई प्रीतम ने बेहद अच्छा काम किया। हमनें तो पुलिस को केवल दलाल चांद सिंह पकड़ कर दिया था। उसके बाद जितने भी आरोपित पकड़े गए हैं, वो पुलिस ने पकड़े हैं। इनमं पांच आरोपित तो ऐसे हैं, जिसकी जानकारी विभाग को भी नहीं थी। झज्जर जिले में केस तो बहुत पकड़े गए हैं, लेकिन गिरफ्तारी मात्र एक से दो तक सिमट जाती थी। जहां तक उन्हें जानकारी है, जिले में यह पहला ऐसा केस है जिसमें मुखिया, गिरोह सदस्य और जांच कराने वाले पकड़े गए हों।



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