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गेहूं की खरीद एक अप्रैल से : बरसात में भिगने से बचाने की जिम्मेदारी आढ़तियों की

खरीद केंद्रों पर किसानों के लिए मूलभुत सुविधाओं के साथ सफाई व कोरोना बचाव के उपाय भी जरूरी।

गेहूं की खरीद एक अप्रैल से : बरसात में भिगने से बचाने की जिम्मेदारी आढ़तियों की
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हरिभूमि न्यूज. रेवाड़ी

किसान आंदोलन के बीच सरकार ने प्रदेश में एक अप्रैल से गेहूं की खरीद करने की तैयारियां शुरू कर दी है। जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित कर गेहूं खरीद प्रक्रिया पर निगरानी रखी जाएगी। मंडी में आने वाली गेहूं को बरसात से भिगने से बचाने की जिम्मेदारी आढ़तियों की रहेगी तथा आढ़तियों को इसके लिए तिरपाल इत्यादि की समुचित व्यवस्था करनी होगी। किसानों से 1975 रुपए प्रति क्विंटल की दर पर गेहूं की खरीद की जाएगी तथा अनाज मंडियों व खरीद केंद्रों पर अपनी गेहूं की फसल बेचने के लिए आने वाले किसानों को बिजली, पानी व सफाई जैसी आवश्यक सुविधाएं मुहैया करवाई जाएगी।

किसानों को फोन कॉल या एसएमएस से फसल बेचने की सूचना दी जाएगी तथा किसान सूचना मिलने के बाद ही मंडी में अपनी फसल लेकर आए। जिला उपायुक्त यशेंद्र सिंह ने खरीद प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों को गेहूं खरीद प्रक्रिया सुचारू बनाए रखने के साथ किसानों के लिए आवश्यक सुविधाएं मुहैया करवाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों व आढ़तियों को मंडी व खरीद केंद्रों पर खरीद के पुख्ता प्रबंध करने के निर्देश दिए, जिससे मंडी में अपनी फसल लेकर आने वाले किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि रेवाड़ी, कोसली व बावल मंडी में गेहूं खरीद कार्य सुचारू रूप से चलाने के लिए खरीद शुरू होने से पहले कमेटियांे का गठन किया जाए तथा जिला स्तर पर कंट्रोल सैंटर स्थापित किया जाए। ताकि गेहूं खरीद पर निगरानी के साथ किसी प्रकार की समस्या आने पर किसान सीधे कंट्रोल रूम संपर्क कर सके। अनाज मंडी व गेहूं खरीद केंद्रों पर बिजली की पर्याप्त व्यवस्था, पेयजल उपलब्धता, शौचालय, सेनिटाईजर, हैंडवॉश की सुविधा देना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि श्रमिकों के लिए सैनेटाइजर व मास्क का प्रबंध करते हुए कोरोना से बचाव में उठाए जाने वाले कदमों बारे दिशा-निर्देश दिए। जिन किसानों के पास एमएमएस अथवा फोन कॉल जाती है केवल वही किसान मंडी में फसल बेचने आ सकते हैं। उन्होंने आढ़तियों को मंडी में अपने पास आने वाली गेहूं को बरसात के मौसम में भिगने से बचाने के लिए तिरपाल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिससे अनाज को खराब होने से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए मंडी अथवा खरीद केंद्र पर आने वाले लोगों को मास्क का प्रयोग अवश्य कराने के निर्देश दिए। मंडी व खरीद केंद्रों पर आने वाले हर किसान व श्रमिकों को कोरोना से बचाव के बारे में जागरूक भी किया जाए।

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