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ट्रैफिक पुलिस इंटरसेप्टर गाड़ी से दो महिलाओं की मौत, लोगों ने पुलिसकर्मियों को बनाया बंधक

गुस्साए ग्रामीणों ने दिल्ली-अलवर मार्ग को जाम कर दिया तथा ट्रैफिक पुलिस की इंटरसेप्टर कार को क्षतिग्रस्त कर दिया। लोगों ने पुलिस कर्मियों के साथ मारपीट भी की।

ट्रैफिक पुलिस इंटरसेप्टर गाड़ी से दो महिलाओं की मौत, लोगों ने पुलिसकर्मियों को बनाया बंधक
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गाड़ी को छुड़वाकर ले जाती पुलिस।

नूंह। बुधवार को दोहा तोड़िया पर ट्रैफिक पुलिस की गाड़ी ने मोटरसाइकिल सवार मोहम्मद बॉस की दो महिलाओं व एक बच्ची को कुचल दिया, जिसमें दो महिलाओं की मौत हो गई और बच्ची की हालत गंभीर है। सड़क दुर्घटना से गुस्साए मौजूद ग्रामीणों ने ट्रैफिक पुलिस कर्मियों के साथ मारपीट की और जाम लगा दिया। भीड़ के गुस्से को देखते हुए कुछ ग्रामीणों ने ट्रैफिक पुलिस कर्मचारियों को भीड़ से ले जाकर एक कमरे में बंद कर दिया। ढाई-तीन घंटे बाद काफी पुलिस पहुंचने के बाद पुलिसकर्मियों को सुरक्षित निकालने के बाद ग्रामीणों ने जाम खोल दिया।

इससे फहले मंगलवार शाम को भी तेज रफ्तार वाहन ने मोटरसाइकिल सवार दो लोगों को माहोली गांव के समीप कुचल दिया था। बुधवार को मोहम्मदबास गांव की रजनी पुत्री खेमचन्द, हंसवती पत्नी कन्हैया लाल अपने परिजन के साथ मोटरसाइकिल पर अपनी रिश्तेदारी में नोगांवा जा रही थी। जब उनकी मोटरसाइकिल दिल्ली-अलवर मार्ग पर दोहा मोड़ पर पहुंची तो उनको ट्रैफिक पुलिस की गाड़ी ने कुचल दिया, इसमें दोनों महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई। मोटरसाइकिल सवार व एक अन्य बच्ची गम्भीर रूप से घायल होने की सूचना है।

पुलिस कर्मियों के खिलाफ गुस्सा भड़का

इसके बाद ग्रामीणों में ट्रैफिक पुलिस कर्मियों के खिलाफ गुस्सा भड़क गया। गुस्साए ग्रामीणों ने दिल्ली-अलवर मार्ग को जाम कर दिया तथा ट्रैफिक पुलिस की इंटरसेप्टर कार को क्षतिग्रस्त कर दिया। मौजूद लोगों ने पुलिस कर्मियों के साथ मारपीट भी की। ग्रामीणों के गुस्से को देखते हुए कुछ ग्रामीणों ने ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की जान बचाने के लिए भीड़ के बीच से निकालकर एक कमरे में बंद कर दिया। लगभग ढाई घंटे बाद जाम को खुलवाने व ट्रैफिक पुलिस कर्मियों को सुरक्षित निकालने के लिए पुन्हाना डीएसपी शमशेर सिंह के नेतृत्व में बस भर कर पुलिस कर्मियों के अलावा नूह, तावडू, नगीना, पुन्हाना, पिनगवां, फिरोजपुर झिरका, तीन अपराध शाखा की टीम घटना स्थल पर पहुंच गई। पुलिस को भी ग्रामीणों के गुस्से का सामना करना पड़ा परन्तु पुलिस ने ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को बन्द कमरे से सुरक्षित निकाल लिया और अपने साथ ले गए।

डीएसपी शमसेर सिंह के दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश के बाद ग्रामीणों ने जाम खोल दिया। पुलिस महिलाओं के शवों को पोस्टमार्टम कराने जिला अस्पताल माण्डी खेड़ा ला रही थी तो प़ुलिस को मृतक महिलाओं के गांव मोहम्मदबास में भी विरोध स्वरूप सड़क जाम का सामना करना पड़ा। पुलिस के काफी समझाने के बाद जाम खोला गया। सड़क दुर्घटना में हुई महिलाओं की मौत के बाद पुलिस के कई उच्चाधिकरी जिला अस्पताल अल आफिया अस्पताल माण्डीखेड़ा पहुंच गए। खबर लिखे जाने तक फिरोजपुर झिरका पुलिस दोनों शवों के पोस्टमार्टम कराने के लिए कागजी कार्रवाई में जुटी हुई थी। फिरोज पुर झिरका थाना प्रभारी रमेश कुमार ने बताया कि पुलिस कार्रवाई के बाद दोंनो शवों का पोस्टमार्टम गुरुवार को करवाककर परिजनों को सौंपा जाएगा।

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