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Corona से हुई सबसे कम मौत के ग्राफ में देश के दूसरे पायदान पर सोनीपत

सोनीपत (Sonipat) में कोरोना संक्रमितों की संख्या 1250 को पार कर गई हो, लेकिन इनमें मरने (die) वालों की संख्या काफी कम है। अभी तक केवल 18 लोग ही कोरोना के कारण काल का ग्रास बने हैं।

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दीपक वर्मा. सोनीपत। लगातार कोरोना संक्रमण (Corona infection) के बढ़ते मामलों के बीच सोनीपत वासियों के लिए एक अच्छी खबर भी है। पूरे देश में कोरोना संक्रमण के चलते मरने वालों की संख्या में सोनीपत (Sonipat) नीचे से दूसरे नंबर पर है। या फिर ये कहें कि कोरोना पीडि़ता की मौत के सबसे कम आंकड़ों में दूसरे नंबर पर है। सोनीपत से कम मौत का दर केवल नोएडा का है। बेशक से सोनीपत में कोरोना संक्रमितों की संख्या 1250 को पार कर गई हो, लेकिन इनमें मरने वालों की संख्या काफी कम है।

अभी तक केवल 18 लोग ही कोरोना के कारण काल का ग्रास बने हैं। आंकड़ों की बात करें तो पूरे देश में कोरोना से मरने वालों की संख्या 3 प्रतिशत है। मतलब कि हर 100 में से 3 कोरोना संक्रमितों की मौत हो जाती है, जबकि सोनीपत में यह आंकड़ा 1.44 प्रतिशत है। मतलब ये कि यहां पर हर 100 में से लगभग डेढ़ प्रतिशत लोग ही असमय काल का ग्रास बन रहे हैं।

सोनीपत से अच्छा स्कोर केवल नोएडा का है, जिसका आंकड़ा 1.3 प्रतिशत का है। दूसरी ओर जिले में कोरोना संक्रमण का फैलने का दर भी पहले के मुकाबले काफी कम हो गया है। कुछ दिन पहले तक जहां हर 10 दिनों में मरीजों की संख्या दोगुनी हो रही थी। वहीं अब यह आंकड़ा 17 दिनों में पहुंच गया है। मतलब ये कि अब 17 दिनों में मरीजों की संख्या दोगुनी हो रही है। इतना ही नहीं सोनीपत में कोरोना संभावितों की टेस्टिंग की स्पीड भी काफी अच्छी है। पड़ोसी जिलों के मुकाबले में सोनीपत कहीं आगे है।

संपर्क में आने वाले सात लोगों का हो रहा है टेस्ट

सोनीपत में 28 जून की शाम तक 19000 टेस्ट किए जा चुके थे। इनमें भी उन लोगों की संख्या अधिक थी, जोकि किसी न किसी कोरोना संक्रमित के संपर्क में आए थे। उदाहरण के तौर पर बताएं तो अगर किसी व्यक्ति को कोरोना संक्रमण मिलता है तो उसके संपर्क में आए लोगों का टेस्ट किया जाता है। सोनीपत में इस तरह की टेस्टिंग बहुत अच्छे तरीके से की जा रही है। आंकड़ें बताते हैं कि औसतन किसी भी कोरोना संक्रमण के संपर्क में आने वाले 7 लोगों की जांच की जाती है। हालांकि अलग-अलग केस में यह आंकड़ा घटता और बढ़ता है, लेकिन औसत की बात करें तो 7 लोगों की औसत निकलती है।

15 जून तक 10 दिन में दोगुने हो रहे थे मरीज

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 15 जून तक सोनीपत में स्थिति बहुत बदतर थी। उस समय तक हर 10वें दिन मरीजों की संख्या दोगुनी होती जा रही थी। हालांकि उसके बाद से कोरोना संक्रमण के फैलाव पर कुछ बे्रक लगा है। अब सोनीपत में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या डबल होने में 17 दिन लग रहे हैं। इसे प्रशासनिक अधिकारी डबलिंग रेट बता रहे हैं, जोकि अब बढ़कर 17 हो गया है। इसे सोनीपत जिले के लिये अच्छा शगुन बताया जा रहा है।

रिकवरी रेट भी 59.87 प्रतिशत पर पहुंचा

सोनीपत में रविवार तक 1246 मरीज थे। लेकिन यहां का रिकवरी रेट लगातार बढ़ता जा रहा है जो हर किसी को राहत देता है। यहां रविवार तक 745 मरीज ठीक हो चुके थे और इस तरह से रिकवरी रेट 59.87 पर पहुंच चुका है। डीसी श्यामलाल पूनिया के अनुसार मरीजों की देखभाल बेहतर तरीके से कराई जा रही है तो उनके खानपान का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। क्योंकि बीमारी में खानपान बेहतर रखना भी रिकवरी के लिए सबसे जरूरी होता है।

वर्जन

लोगों को एहतियात बरतनी चाहिए और वह जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकले। इसके अलावा मास्क व सेनिटाइजर का इस्तेमाल करें और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी जरूर करें। इस तरह कोरोना से बचा जा सकता है, जिस तरह से मरीज दोगुने होने का रेट बढ़ेगा और इस पर ही काम किया जा रहा है। जहां पहले 10 दिन में मरीज दोगुने होने लगे थे, वहीं अब यह 17 दिन हो गया है। अगर हम बचाव करेंगे तो यह ज्यादा हो सकता है। सोनीपत में जो मृत्यु दर है वो सबसे कम मृत्यु दर के मामले में देशभर में दूसरे स्थान पर है। नोएडा के बाद सोनीपत का नंबर आ रहा है। इसके अलावा कोरोना संभावितों की टेस्टिंग भी यहां अच्छी गति से हो रही है।- श्यामलाल पूनिया, उपायुक्त, सोनीपत

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