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जम्मू कश्मीर के अवंतीपोरा में हृदय गति रुक जाने से शहीद हुआ रोहतक का लाल, सीएम ने जताया शोक

पैतृक गांव डोभ में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। जिला प्रशासन की ओर से रोहतक के उपमंडलाधीश राकेश कुमार अंतिम संस्कार में शामिल हुए तथा शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्घांजलि दी।

जम्मू कश्मीर के अवंतीपोरा में हृदय गति रुक जाने से शहीद हुआ रोहतक का लाल,   सीएम ने जताया शोक
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कैप्टन साहिल वत्स ( फाइल फोटो)

जम्मू कश्मीर के अवंतीपोरा में तैनात राेहतक जिले के गांव डोभ निवासी कैप्टन साहिल वत्स (26) का हृदय गति रुक जाने से उनका निधन हो गया। उनके निधन की सूचना उनके घर पहुंची तो कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। वहीं मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने ट्वीट कर कहा कि मां भारती की सेवा करते हुए जम्मू-कश्मीर के अवंतीपुरा में वीरगति को प्राप्त हुए रोहतक के डोभ गांव के जवान, कैप्टन साहिल वत्स को विनम्र श्रद्धांजलि। ईश्वर उनकी आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें व शोकाकुल परिजनों को इस दुखद घड़ी में संबल प्रदान करें।

जानकारी के अनुसार अवंतीपोरा में माइनस 14 डिग्री तापमान में ड्यूटी देने के दौरान ऑक्सीजन की कमी के चलते कल ( शुक्रवार) को हृदय गति रुक जाने से शहीद हो गए।

पैतृक गांव डोभ में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। जिला प्रशासन की ओर से रोहतक के उपमंडलाधीश राकेश कुमार अंतिम संस्कार में शामिल हुए तथा शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्घांजलि दी। शहीद कैप्टन साहिल वत्स को श्रद्घांजलि देने वालों में पूर्व सहकारिता राज्य मंत्री मनीष कुमार ग्रोवर, मेयर मनमोहन गोयल, योगेशवर दत्त, भाजपा के कलानौर मंडलाध्यक्ष गुलशन दुआ सहित अन्य राजनीतिक व धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल रहे। पुलिस उपाधीक्षक महेश कुमार भी उपस्थित रहे। भारतीय सेना के अधिकारियों ने भी शहीद को श्रद्घांजलि दी। गत दिनों वे लेफ्टिनेंट पद से कैप्टन के पद पर पदोन्नत हुए थे।

शहीद कैप्टन साहिल वत्स के पिता डॉ. जितेंद्र वत्स, माता अनीता वत्स तथा भाई डॉ. शुभम वत्स ने कहा कि साहिल वत्स देश की सेवा करते हुए शहीद हुए है, जिन पर उन्हें गर्व है। देश सेवा का जज्बा उनमें कूट-कूट कर भरा हुआ था। डॉ. शुभम वत्स ने बताया कि उन्हें 13 जनवरी रात्रि को सेना के कमाडिंग ऑफिसर का संदेश प्राप्त हुआ था कि साहिल वत्स अचेतन हो गये है। इसके उपरांत भारतीय सेना द्वारा कैप्टन साहिल वत्स को श्रीनगर स्थित बेस अस्पताल में ले जाया गया, जहां पर 14 जनवरी को उनका पोस्टमॉर्टेम किया गया।

कैप्टन साहिल वत्स की शहादत की खबर सुनते ही उनके पैतृक गांव डोभ सहित आसपास के गांव तथा उनके निवास स्थान स्थानीय सैक्टर 4 में शोक की लहर दौड़ गई। शहीद कैप्टन साहिल वत्स का पार्थिव शरीर आज दोपहर बाद भारतीय सेना के अधिकारियों की देखरेख में सेना के वाहन में स्थानीय सैक्टर 4 स्थित उनके निवास स्थान पर लाया गया, जहां पर बड़ी संख्या में लोगों ने कैप्टन साहिल वत्स को श्रद्घांजलि दी। इसके उपरांत उनके पार्थिव शरीर को पैतृक गांव डोभ ले जाया गया, जहां पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। भारतीय सेना के जवानों ने उन्हें सलामी दी।

शहीद कैप्टन साहिल वत्स के अंतिम संस्कार में भारत माता की जय तथा कैप्टन साहिल वत्स अमर रहें के गगनभेदी नारे आसमान में गुंजायमान रहे। अंतिम संस्कार में डोभ गांव के अतिरिक्त आसपास के गांवों तथा रोहतक से भी काफी संख्या में लोगों ने भाग लिया।

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