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Mosam Ki Jankari : हरियाणा के कई इलाकों में बारिश, किसानों की पेशानी पर चिंता की लकीरें

अगले 48 घंटे में मौसम परिवर्तनशील रहेगा। इस दौरान प्रदेश में ज्यादातर हिस्सों में कहीं-कहीं बूंदाबांदी व कहीं हल्की बारिश होने की उम्मीद है।

Mosam Ki Jankari : हरियाणा के कई इलाकों में बारिश, किसानों की पेशानी पर चिंता की लकीरें
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खेताें में बिछी गेहूं की फसल।

हिसार। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते पिछले 24 घंटे में प्रदेश के कई हिस्सों में बूंदाबांदी व कहीं-कहीं हल्की बारिश हुई। सिरसा जिले के गांव नहराणा व उसके साथ लगते क्षेत्रों में ओलावृष्टि भी हुई है। ओलावृष्टि और बारिश के चलते कई जगहों पर सरसों की फसलों को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा चरखी दादरी के गांव पेंतावास कलां में आसमानी बिजली गिरने से एक प्रवासी श्रमिक की मौत तथा तीन के घायल होने का भी समाचार है। मौसम में आए बदलाव के चलते तापमान में भी गिरावट आई है। उधर, मौसम वैज्ञानिकों ने अगले 48 घंटे में प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में हल्की बारिश या फिर बूंदाबांदी होने की संभावना जताई है।

जानकारी के अनुसार रविवार से ही मौसम का मिजाज बदल गया था। इसके चलते रविवार सायं प्रदेश के कई हिस्सों में बूंदाबांदी तथा सिवानी एरिया में ओलावृष्टि हुई। सोमवार के तड़के भी हिसार सहित कई क्षेत्रों में हल्की बारिश हुई। बारिश का सिलसिला सोमवार की सायं भी जारी रहा। पश्चिमी विक्षोभ के चलते हिसार, सिरसा, जींद, झज्जर सहित प्रदेश के अन्य इलाकों में हल्की बारिश हुई। बारिश के चलते मौसम खुशनुमा हो गया। मौसम में आए इस बदलाव के चलते तेजी से बढ़ रहे अधिकतम पारे पर लगाम लगी है। मौसम में ठंडक घुलने से लोगों ने गर्मी से थोड़ी राहत महसूस की।

हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार अगले 48 घंटे में मौसम परिवर्तनशील रहेगा। इस दौरान प्रदेश में ज्यादातर हिस्सों में कहीं-कहीं बूंदाबांदी व कहीं हल्की बारिश होने की उम्मीद जताई है। उन्होंने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से राजस्थान के पास बने साइक्लोनिक सकुर्लेशन के कारण 21 मार्च की देर रात्रि से मौसम में बदलाव आया है। इसके चलते देर रात से प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की बारिश हुई है।

किसानों को हुई चिंता

मौसम के बिगड़े तेवरों ने किसानों को हलकान कर दिया है। सोमवार को हलकी बूंदाबांदी हुई तो हवा की गति भी काफी तेज रही। मौसम के तेवरों को देखकर किसानों की सांसे अटकी रही। उन्हें लगातार भय सताता रहा कि कहीं बिगडैल मौसम उनकी फसलों को चौपट न कर दें। हवा की गति तेज होने के कारण फसलों के पसरने का खतरा लगातार मंडराता रहा। बूंदाबांदी के चलते अधिकत्तम तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जबकि न्यूनतम तापमान स्थिर बना रहा। सोमवार को अधिकत्तम तापमान 32 डिग्री व न्यूनतम तापमान 19 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम में आद्रता 31 प्रतिशत व हवा की गति 18 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई।

मौसम कहीं बिगाड़ न दे उत्पादन के समीकरण

रबी फसल की बिजाई के बाद से मौसम लगातार किसानों का साथ दे रहा था। बम्फर उत्पादन की संभावना जताई जा रही थी। सरसों फसल की कटाई तथा कढ़ाई का कार्य जोरों पर है। गेहूं की बालियां सुनेहरी हो चुकी है। ऐसे हालातों में वेस्टर्न डिस्टरबेंस की सक्रियता ने किसानों की चिंता को बढ़ा दिया है। किसानों का कहना है कि अगर ऐसे हालात में बारिश होती है और हवा तेज चलती है तो उनकी तैयार फसलें चौपट हो जाएंगी। अगर पखवाड़ा तक मौसम साथ देता है तो गेहूं, सरसों का बम्फर उत्पादन हो सकता है।

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