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रोहतक पीजीआई : डॉ. गीता गठवाला को दोबारा एचओडी पद देने की तैयारी

पीजीआई रोहतक के डॉक्टर की पत्नी कोरोना संक्रमित, दो सफाई कर्मी और एबुलेंस चालक भी चपेट में
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हरिभूमि न्यूज:रोहतक

पीजीआई में बाल रोग विभाग की डॉक्टर गीता गठवाला को दोबारा एचओडी बनाने की तैयारी है। इस मामले में प्रशासन के पास ऊपर से निर्देश आ चुके हैं। जल्द ही डॉ. गीता को कुर्सी और सभी शक्तियां पहले की तरह दे दी जाएंगी। दरअसल मामला पिछले साल जून का है जब पीजीआई में पीजी अंतिम वर्ष के छात्र डॉ. ओंकार ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में आरोप था कि डॉ. ओंकार को बहन की शादी के लिए छुट्टी नहीं मिलने और थीसिस जमा करवाने को लेकर भी परेशान चल रहा था। घटना के बाद पीजीआई छात्र डॉक्टर्स ने हंगामा कर दिया। प्रदर्शन किया और आरोप है कि डॉक्टर गीता गठवाला के घर पहुंचकर तोड़फोड़ भी की। इस मामले में डॉ. गीता गठवाला और प्रदर्शन करने वाले छात्र डॉक्टर्स ने एक दूसरे पर एफआईआर कराई थी।

कोर्ट से डॉ. गीता गठवाला की एफआईआर रद हो गई। इसके बाद उन्हें ज्वाइन करवा लिया गया लेकिन जांच जारी रखी। उन्हें एचओडी की कुर्सी अभी तक नहीं दी गई थी। बताया जा रहा है कि डॉ. गीता गठवाला का मामला गवर्नर के पास विचाराधीन चल रहा था। इसी के बाद संस्थान के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि उन्हें एचओडी बनाकर सभी शक्तियां भी वापस दी जाएं। इस संबंध में पीजीआई के डायरेक्टर डॉ. रोहताश यादव ने बताया कि गवर्नर की ओर से पत्र आया है जिसे कुलपति डॉ. ओपी कालरा के पास भेज दिया गया है।

एचएसएमटीए के चुनाव को लेकर डायरेक्टर को लिखा पत्र

हरियाण स्टेट मेडिकल टीचर एसोसिएशन (एचएसएमटीए) के चुनाव को लेकर एक चिकित्सक ने डायरेक्टर के पत्र लिखा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि पदाधिकारी जानबूझकर चुनाव नहीं करवाना चाहते। चुनाव हर साल होते हैं, लेकिन इस बार दो साल बीत चुके हैं, चुनाव नहीं करवाए जा रहे। पत्र मिलने के बाद अधिकारियों ने पदाधिकारी से जवाब भी मांगा है। इस संबंध में एचएसएमटीए के पदाधिकारी का कहना है कि पूरा साल तो कोरोना में ही बीत गया तो चुनाव कैसे होते। एसोसिएशन में करीब 200 सदस्य हैं लेकिन चुनाव के बारे में एक ही चिकित्सक पत्र लिख रहे हैं।

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