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शाही पनीर की सब्जी के चलते पुलिसकर्मी को पीटा, हालत गंभीर

बिल चुकाने से मना करना और महकमे की धौंस दिखाना सीआइए स्टाफ के कर्मी को मंहगा पड़ गया। ढाबा स्टाफ ने सीआइए स्टाफ कर्मी की बेरहमी से धुनाई कर डाली। जिसमे सीआइए स्टाफ कर्मी को गंभीर चोटे आई। जिसे हिसार के निजी अस्पताल ले जाया गया।

शाही पनीर की सब्जी के चलते पुलिसकर्मी को पीटा, हालत गंभीर
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ढाबे के बाहर जमा भीड़।

हरिभूमि न्यूज. जींद

ढाबे पर शाही पनीर खाकर बिल चुकाने से मना करना और महकमे की धौंस दिखाना सीआइए स्टाफ के कर्मी को मंहगा पड़ गया। ढाबा स्टाफ ने सीआइए स्टाफ कर्मी की बेरहमी से धुनाई कर डाली। जिसमे सीआइए स्टाफ कर्मी को गंभीर चोटे आई। जिसे हिसार के निजी अस्पताल ले जाया गया। मारपीट के दौरान सीआइए स्टाफ कर्मी का लाइसेंसी असलहा भी मौके पर गिर गया। आरोप है कि सीआइए स्टाफ कर्मी ने असलहा से फायर भी किए। फिलहाल शहर थाना पुलिस की जांच कर रही है।

सीआइए स्टाफ कर्मी जितेंद्र व उसके दो अन्य साथी बीती देर रात खाना खाने के लिए पुराना बस अड्डा स्थित ढाबे पर गए हुए थे। जहां पर खाने का बिल चुकाने को लेकर विवाद हो गया। नौबत मारपीट तक जा पहुंची। जिसमे सीआइए स्टाफ कर्मी जितेंद्र को गंभीर चोटें आई। जिसे हिसार के निजी अस्पताल ले जाया गया है। मारपीट के दौरान उसका लाइसेंसी असलहा मौके पर गिर गया। जिसे बाद में पुलिस के हवाले कर दिया गया। घटना की सूचना पाकर शहर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई और हालातों का जायजा लिया। पुलिस ढाबा चलाने वाले दो भाइयों को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई।

ढाबे पर मौजूद स्टाफ ने बताया कि खुद को पुलिस कर्मी बताने वाले व्यक्ति प्राइवेट गाड़ी और सादे कपड़ों में था। व्यक्ति व उसके साथी शराब के नशे में धुत थे। हालांकि ढाबा बंद किया जा चुका था, बावजूद व्यक्ति ने खुद को सीआइए स्टाफ कर्मी बताकर शाही पनीर, नॉन व मेसी रोटी अपनी गाड़ी में मंगवाया। जिसके बाद उसने शाही पनीर व रोटियों को पैक भी करवाया। जब उन्होंने खाने का बिल 370 रुपये मांगा तो उसने पुलिस की धौंस दिखाते हुए राशि देने से मना कर दिया। जिसके बाद ढाबा मालिक विशाल उसके पास पहुंचा तो वह हाथापाई पर उतर आया। जिस पर व्यक्ति ने अपने पास मौजूद असलहा से दो फायर किए। जिसमे विशाल बाल-बाल बच गया। जिसके बाद घमासान शुरु हो गया। मारपीट के दौरान व्यक्ति का असलहा वहीं पर गिर गया। जिसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। उधर, पुलिस ने रात को ढाबे पर विवाद के दौरान फायरिंग की बात से साफ नकार दिया।

मार्केट के लोगों ने जताया रोष, विधायक से मिले

ढाबे पर बीती रात हुई घटना के विरोध में मार्केट के लोग विधायक डा. कृष्ण मिढा से मिले। मार्केट के लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने ढाबा मालिक के साथ ज्यादती की है। होटल मालिक ने खाने का बिल मांगकर कोई गुनाह नहीं किया था। उन्होंने साफ कहा कि सादे कपड़ों में सीआइए स्टाफ कर्मी बताने वाला व्यक्ति व उसके साथी शराब के नशे में धुत थे। व्यक्ति ने दो फायर भी किए। बाद में रात को पुलिस ने ढाबे को बंद कर ताला जड़ दिया और ढाबा स्टाफ के साथ भी मारपीट की गई। ढाबे के सामने जो खून बिखरा हुआ था उसे भी रात को पानी से साफ कर दिया गया। उन्हें अगर इंसाफ नहीं मिला तो मार्केट को बंद कर दिया जाएगा।

शहर थाना प्रभारी डा. सुनील ने बताया कि ढाबे पर हुए झगड़े में सीआइए स्टाफ के सिपाही को चोटे आई है। जिसे हिसार निजी अस्पताल ले जाया गया है। झगड़े के पीछे खाने का बिल बताया जा रहा है। पुलिस कर्मी द्वारा फायर किए जाने का सबूत भी नहीं मिला है। फिलहाल ब्यान लेने के लिए पुलिस कर्मी को भेजा गया है। मामले की जांच की जा रही है।

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