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आरसी फर्जीवाड़ा : जगाधरी के ई दिशा केंद्र से जुड़े तार, क्लर्क गिरफ्तार

इस पूरे फर्जीवाड़े के तार जगाधरी के ई दिशा केंद्र से जुड़े हैं। दिशा केंद्र में तैनात कंप्यूटर आपरेटर अमित कुमार व एमआरसी राजेंद्र डांगी ही वाहनों के फर्जी दस्तावेज तैयार करते थे।

आरसी फर्जीवाड़ा : जगाधरी के ई दिशा केंद्र से जुड़े तार, क्लर्क गिरफ्तार
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एसआइटी टीम द्वारा पकड़े गए एमआरसी क्लर्क को अदालत में पेश करने ले जाते एसआइटी टीम के सदस्य।

हरिभूमि न्यूज : यमुनानगर

जगाधरी एसडीएम कार्यालय से वाहनों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर आरसी जारी करने के फर्जीवाड़े मामले में स्थानीय एसआइटी टीम शुक्रवार को एमआरसी क्लर्क को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपित को अदालत में पेश कर छह दिन के पुलिस रिमांड पर ले लिया। रिमांड के दौरान आरोपित से अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद है।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि कुछ दिन पहले सिरसा पुलिस ने वाहनों के फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोप में रोहतक निवासी सुनील चिटकारा को गिरफ्तार किया था। उससे पूछताछ के बाद सामने आया कि इस पूरे फर्जीवाड़े के तार जगाधरी के ई दिशा केंद्र से जुड़े हैं। दिशा केंद्र में तैनात कंप्यूटर आपरेटर अमित कुमार व एमआरसी राजेंद्र डांगी ही वाहनों के फर्जी दस्तावेज तैयार करते थे। गत आठ फरवरी को आरोपित अमित कुमार ने सिरसा कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। अभी वह सिरसा पुलिस की रिमांड में है। वहीं, सिरसा पुलिस की जांच के बाद एसडीएम जगाधरी दर्शन कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस में शिकायत दी। जिसके बाद पुलिस ने आरोपित कंप्यूटर आपरेटर अमित समेत कई कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। मामले की जांच एसआइटी टीम गठित की गई थी। जांच के बाद शुक्रवार को स्थानीय एसआइटी टीम ने एमआरसी क्लर्क राजेंद्र को गिरफ्तार कर लिया।

ऐसे करते थे फर्जीवाड़ा

पुलिस सूत्रों ने बताया कि पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि फाइनेंस के वाहनों को ऑनलाइन बोली लगाकर छुड़ाया जाता था। जब इन वाहनों के चेसिस नंबर व इंजन नंबर को सिस्टम में डाला जाता था तो वह एरर दिखा देता। जिसके बाद आरसी बनाने में फर्जीवाड़ा किया जाता था।

पूछताछ में मिलेंगी अहम जानकारियां

मामले की जांच कर रहे एसआइटी (स्पेशन इंवेस्टीगेशन टीम) के इंस्पेक्टर सुखबीर सिंह ने बताया कि आरोपित राजेंद्र का छह दिन का रिमांड लिया गया है। रिमांड के दौरान पता किया जाएगा कि उसके कार्यकाल में कितनी आरसी बनाई गई और कौन-कौन इस फर्जीवाड़े में शामिल हैं।


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