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खापों ने अभय चौटाला को किसान रत्न से किया सम्मानित

अभय सिंह चौटाला ने कहा कि किसान इस देश की रीढ़ हैं और अगर रीढ़ ही नहीं होगी तो देश कहां टिकेगा। उन्होंने कहा कि पूरे देश के अन्नदाता को भाजपा सरकार तीन काले कृषि कानूनों के जरिए जबरन प्रताडि़त कर रही है।

खापों ने अभय चौटाला को किसान रत्न से किया सम्मानित
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अभय सिंह चौटाला को किसान रत्न की पदवी से नवाजा गया और उन्हें हल व सांटा भेंटकर सम्मानित किया गया। 

महम चौबीसी के ऐतिहासिक चबूतरे पर वीरवार को 'सर्वखाप किसान सम्मेलन' का आयोजन किया गया। सम्मेलन के आयोजक सर्वजातीय सर्वखाप युवा पंचायत के प्रदेश अध्यक्ष सतीश राठी थे जबकि अध्यक्षता सर्वखाप पंचायत महम चौबीसी के अध्यक्ष तुलसी ग्रेवाल ने की। इस अवसर पर विधानसभा में अपने पद से इस्तीफा देने पर इनेलो के पूर्व विधायक अभय सिंह चौटाला को किसान रत्न की पदवी से नवाजा गया और उन्हें हल व सांटा भेंटकर सम्मानित किया गया। सम्मेलन में चार प्रस्ताव भी पास किये गये।

सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए अभय सिंह चौटाला ने कहा कि किसान इस देश की रीढ़ हैं और अगर रीढ़ ही नहीं होगी तो देश कहां टिकेगा। उन्होंने कहा कि पूरे देश के अन्नदाता को भाजपा सरकार तीन काले कृषि कानूनों के जरिए जबरन प्रताड़ित कर रही है। इन कानूनों के जरिये भाजपा किसानों की मेहनत को अंबानी और अडाणी के बड़े-बड़े वेयरहाउसों में भरकर उन्हें मोटा मुनाफा कमवाना चाह रही है। सरकार की गलत नीतियों के कारण किसान पहले से ही बदहाल स्थिति में है और इन तीन कानूनों के जरिए वह भुखमरी के कगार पर पहुंच जायेगा या फिर आत्महत्या करने पर मजबूर हो जायेगा।

अभय सिंह चौटाला ने भूपेंद्र हुड्डा को भाजपा का एजेंट बताते हुए कहा कि भाजपा एक फाइल दिखाकर डरा देती है। उन्होंने कहा कि हुड्डा विधान सभा में अपने अविश्वास प्रस्ताव पर भी नहीं टिक पाएगा। उन्होंने कहा कि जो भी सांसद, विधायक या अन्य नेता किसान आंदोलन के समर्थन में इस्तीफा देगा तो वे उनका फूलों से स्वागत करेंगे। उन्होंने कहा कि पूरे देश की खाप पंचायतें किसानों के साथ खड़ी हैं। संयुक्त किसान संघर्ष समिति द्वारा जो भी निर्देश दिये जाएंगे उनका पूरी तरह से पालन किया जायेगा तथा संघर्ष किया जायेगा।

अभय सिंह चौटाला ने कहा कि आने वाले समय में भाजपा व जेजेपी को कोई शादी का कार्ड भी नहीं देगा। उन्होंने कहा कि भाजपा ने कभी देशहित में कोई आंदोलन नहीं किया और हमेशा लोगों को जाति व धर्म के नाम पर बांटने की राजनीति की है। आज किसान तभी घर वापसी करेगा जब सरकार तीनों काले कृषि कानूनों को वापस ले लेगी।

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