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पुलिस की गोली से मरे बेकसूर बिंदर के परिवार को 10 लाख की आर्थिक सहायता और पत्नी को नौकरी

7 फरवरी की देर शाम क्रेटा कार सवार कुछ युवकों ने दादरी निवासी बिंदर व उसके दो दोस्तों पर महेंद्रगढ़ बाईपास के समीप फायरिंग की थी। जान बचाने के लिए बिंदर व उसके साथ अपनी आल्टो कार से भाग लिए थे, मगर क्रेटा सवार युवकों ने उनको पीछा कर गोली चलाई। गोली लगने से बिंदर की मौत हो गई थी।

पुलिस की गोली से मरे बेकसूर बिंदर के परिवार को 10 लाख की आर्थिक सहायता और पत्नी को नौकरी
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 बिंदर का फाइल फोटो।

हरिभूमि न्यूज, चरखी : दादरी

रोहतक एसटीएफ की गोली से मृतक बेकसूर दादरी निवासी बिंदर के आश्रित परिवार को सरकार ने 10 लाख रूपये की आर्थिक सहायता और एक सदस्य को नौकरी देने का निर्णय लिया है। उपायुक्त राजेश जोगपाल ने बताया कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल को सारे घटनाक्रम के बारे में अवगत करवाया था। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार सरकार ने पीड़ित परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और दिवंगत की पत्नी को शैक्षणिक योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी प्रदान करने का निर्णय लिया है। उपायुक्त ने बताया कि मृतक युवक के परिवार को यह आर्थिक सहायता शीघ्र उपलब्ध करवा दी जाएगी। इस बारे में प्रशासन पीड़़ित परिवार के लगातार संपर्क में है।

यह था मामला

ज्ञात रहे कि 7 फरवरी की देर शाम क्रेटा कार सवार कुछ युवकों ने दादरी निवासी बिंदर व उसके दो दोस्तों पर महेंद्रगढ़ बाईपास के समीप फायरिंग की थी। जान बचाने के लिए बिंदर व उसके साथ अपनी आल्टो कार से भाग लिए थे, मगर क्रेटा सवार युवकों ने उनको पीछा कर गोली चलाई। गोली लगने से बिंदर की मौत हो गई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि बिंदर की मौत रोहतक एसटीएफ सदस्यों की गोली लगने से हुई। एसटीएफ दादरी में बलियाणा निवासी विक्की पंडित के हत्यारों की तलाश में आई थी। विक्की के हत्यारोपी भी काले रंग की आल्टो कार में आए थे। एसटीएफ को सूचना मिली थी कि दादरी में महेंद्रगढ़ रोड पर काले रंग की आल्टो गाड़ी खड़ी है, जिसमें कुछ युवक बैठे हैं। एसटीएफ टीम ने बिंदर व उसके दोस्तों को विक्की पंडित का हत्यारा मान लिया तथा अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। कार सवार युवकों को कुछ समझ नहीं आया तो वे गाड़ी सहित वहां से भाग लिए मगर पुलिस ने उनका पीछा जारी रखा तथा बिंदर को गोली मार दी। जिस कारण उसकी मौत हो गई थी। जब एसटीएफ को फर्जी एनकाउंटर का पता लगा तो वहां से निकल गए। मगर सीसीटीवी फुटेज में मिली गाड़ी नंबर के आधार पर पूरे मामले का उजागर कर दिया। दादरी पुलिस ने एक आरोपित पुलिसकर्मी को गिरफ्तार कर लिया है।

परिजनों ने मांगे 40 लाख व नौकरी

मृतक बिंदर के परिजनों ने सरकार से एसटीएफ टीम में शामिल सभी आरोपितों की गिरफ्तारी व आश्रित को 40 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और एक सदस्य को सरकारी नौकरी की मांग रखी थी। मगर पुलिस ने मामले में एक आरोपित को काबू किया है। वीरवार को उपायुक्त ने सीएम की मंजूरी से 10 लाख रुपयेे की सहायता व पत्नी को नौकरी देने की घोषण की है। परिजन इससे खुश नहीं है।

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