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Shaheed Diwas : किसान आंदोलन में युवाओं ने संभाला मोर्चा, शहीद भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु अमर रहे के नारों से गूंजता रहा आसमान

तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग को लेकर व एमएसपी की कानूनी गारंटी के लिए 4 महीनों से दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे धरनों पर शहीदों की याद में आयोजित इन कांफ्रेंसों में हजारो की संख्या में नौजवान पहुंचे। युवाओं ने आज के दौर को किसान विरोधी व मजदूर विरोधी बताते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए।

Shaheed Diwas : किसान आंदोलन में युवाओं ने संभाला मोर्चा, शहीद भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु अमर रहे के नारों से गूंजता रहा आसमान
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सिंघु बॉर्डर पर मंच के सामने जुटे हजारों युवा व किसान।

हरिभूमि न्यूज. सोनीपत-बहादुरगढ़-रेवाड़ी

शहीदी दिवस पर मंगलवार को शहीद भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव व अन्य क्रांतिकारी साथियों की याद में किसानों ने दिल्ली बॉर्डर पर शक्ति प्रदर्शन किया। तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग को लेकर व एमएसपी की कानूनी गारंटी के लिए 4 महीनों से दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे धरनों पर शहीदों की याद में आयोजित इन कांफ्रेंसों में हजारो की संख्या में नौजवान पहुंचे। युवाओं ने आज के दौर को किसान विरोधी व मजदूर विरोधी बताते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए। इस दौरान चारों तरफ शहीद भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु अमर रहे के नारे लगते रहे। मुख्य मंच से सुबह 11 बजे शुरू हुए कार्यक्रमों के दौरान 60 से अधिक युवाओं ने किसानों को संबोधित किया। इस दौरान सभी ने एक आवाज में कहा कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होती, तब तक वे यहीं पर डटकर आंदोलन तो आगे बढ़ाते रहेंगे।

शहीद भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु की याद में आयोजित कार्यक्रम में महिला नौजवानों ने लैंगिक बेडि़यों को तोड़ते हुए सरकार को तीखे शब्दों में ललकारा और कहा कि आज के भगतसिंह सिंह महिला शक्ति के रूप में भी है। हरियाणा से महिला आगु ने कहा कि जो सपने शहीद भगतसिंह ने देखे थे वो आज भी अधूरे है। एक अन्य नौजवान महिला ने मंच से बोलते हुए कहा कि भगतसिंह ने हमें पहले ही चेता दिया था कि सिर्फ अंग्रेजो के देश छोड़ जाने भर से देश को आजादी नहीं मिलेगी, ये देश तब आजाद होगा जब किसान मजदूर का शोषण होना बंद होगा।

मजदूर नेत्री नोदीप कौर ने भी किसान मजदूरों के शोषण के अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्र पर भगतसिंह के विचारों को किसानों के सामने रखा। पंजाबी कलाकार रविंदर ग्रेवाल व हरजीत हरमन ने इंकलाबी गीतों के माध्यम से किसानों का हौसला बढ़ाया, वहीं दिल्ली से द पार्टिकल कलेक्टिव ने नाटक प्रस्तुत कर सरकार पर तंज कसा। इस दौरान किसान नेताओं व नौजवानों ने कहा कि हम हर कुर्बानी देने को तैयार हैं, लेकिन इन कानूनों को रद्द करवाए बिना वापस नहीं जाएंगे, क्योंकि अब यह उनके अस्तित्व का सवाल है।

शहीदी दिवस पर टीकरी बॉर्डर धरने पर उमड़ा किसानों का जोश


बहादुरगढ़ में शहीदी दिवस के मौके पर संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर युवाओं ने किसान आंदोलन का मुख्य मंच संभाला। पीली पगड़ी में युवाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। विख्यात सोशल एक्टिविस्ट मेघा पाटकर, शहीद भगत सिंह की भांजी गुरमीत कौर, तेलंगाना के अजय, दिल्ली के नवनीत, पूर्व अध्यक्ष महावीर, विजय मान, हरियाणा के पाई से सुमित ढुल, सोहन, कुलदीप, देवेंद्र उचाना, बहादुरगढ़ से संजू जून, टिकैत गुट के इंद्र सिंह आदि ने मंच से किसानों का समर्थन करते हुए आंदोलन को मजबूत बनाए रखने का आह्वान किया।

अमेरिका से आए डॉ. सवाई सिंह मान ने जोशीले भाषण से किसानों में उत्साह भरा

बहादुरगढ़ के नए बस अड्डे पर पिंड कैलिफोर्निया बसाने वाले अमेरिका से आए डॉ. सवाई सिंह मान ने जोशीले भाषण से किसानों में उत्साह भरा। उन्होंने दोहराया कि अपने अस्तित्व की लड़ाई में जुटा किसान समझौता करने की हालत में नहीं है। संघर्ष ही उसके बचाव का एकमात्र विकल्प बचा है। भाकियू नेता जोगेंद्र नैन ने प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से पैदल यहां पहुंचे किसानों का स्वागत करते हुए कहा कि यह बढ़ता हुआ जनसमर्थन ही आंदोलन की सफलता का इतिहास रचेगा। उन्होंने शहीद भगत सिंह के जीवन पर प्रकाश डाला।का आह्वान किया। बहादुरगढ़ के नए बस अड्डे पर पिंड कैलिफोर्निया बसाने वाले अमेरिका से आए डॉ. सवाई सिंह मान ने जोशीले भाषण से किसानों में उत्साह भरा।

वहीं बहादुरगढ़ में ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के युवा कार्यकर्ता शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु तथा सुखदेव के 91वें शहादत दिवस पर आंदोलनरत किसानों को अपना समर्थन देने के लिए रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, नारनौल, भिवानी, हिसार, जींद, रोहतक व झज्जर जिलों से टीकरी बॉर्डर पर पहुंचे। सेक्टर-9 बाईपास पर इन जिलों से पैदल यात्राओं का समापन हुआ। फिर जुलूस के रूप में सभी बॉर्डर पर पहुंचे।

राजस्थान व हरियाणा के युवाओं ने हिस्सा लिया

वहीं रेवाड़ी में कृषि कानूनों के विरोध दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित जयसिंहपुर खेड़ा बॉर्डर पर आंदोलनकारी किसानों ने मंगलवार को शहीदी दिवस मनाया, जिसमें राजस्थान व हरियाणा के युवाओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में मंच संचालन से लेकर अन्य कार्य युवाओं द्वारा ही किए गए। बुधवार को खेड़ा बॉर्डर पर मोर्चे के 100 दिन पूरे होने के अवसर पर धन्यवाद ज्ञापन दिवस मनाया जाएगा। इसके साथ ही 26 मार्च के भारत बंद के लिए किसानों ने तैयारियां पूरी कर ली है तथा 28 मार्च को किसान विरोधी कानूनों की होली जलाई जाएगी।

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