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यहां सरकार दुर्घटना पर देती है एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता

हरियाणा सरकार द्वारा प्रदेश के नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से क्रियान्वित की जा रही डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी दुर्घटना सहायता योजना के तहत 18 से 70 वर्ष की आयु के व्यक्ति की दुर्घटना में मृत्यु या अपंगता होने पर एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने का प्रावधान है।

राज्य सरकार द्वारा संचालित इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए अंत्योदय भवन में करें आवेदन
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सीएम मनोहर लाल खट्टर (फाइल फोटो)

हरियाणा सरकार द्वारा प्रदेश के नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से क्रियान्वित की जा रही डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी दुर्घटना सहायता योजना के तहत 18 से 70 वर्ष की आयु के व्यक्ति की दुर्घटना में मृत्यु या अपंगता होने पर एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने का प्रावधान है। उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने बताया कि योजना के तहत दुर्घटना में मृत्यु और दुर्घटना के कारण विकलांगता होने पर एक लाख रुपये का बीमा कवर मिलता है।

मृत्यु, रेल, सड़क या हवाई दुर्घटनाओं, दंगों, हड़ताल और आतंकवाद जैसी दुर्घटनाओं के कारण स्थायी विकलांगता, सांप के काटने, डूबने, विष, करंट लगने, ऊंचाई से गिरने, मकान या भवन के गिरने, अग्नि, विस्फोट, हत्या, जानवरों के हमले, भगदड़ और घुटन, पाला मारने, लू लगने, बिजली गिरने, जलने, भूख या भुखमरी (केवल मृत्यु) और प्रसव के दौरान मातृ मृत्यु जैसे मामलों में आर्थिक सहायता का प्रावधान है।

ये दस्तावेज जरुरी, जिला समाज कल्याण विभाग में करें आवेदन

उपायुक्त ने बताया कि दुर्घटना पीड़ित या पात्र संबंधी (मृत्यु के मामले में) द्वारा आवेदन जिला समाज कल्याण अधिकारी के कार्यालय में किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि मृत्यु के मामले में योजना के तहत जमा करवाए जाने वाले दस्तावेजों में दावा फार्म, हरियाणा डोमिसाईल सर्टिफिकेट और सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी राज्य में रिहायशी प्रमाण पत्र, दुर्घटना पीड़ित का आयु प्रमाण, दुर्घटना पीड़ित और पात्र रिश्तेदार (मृत्यु के मामले में) का आधार कार्ड, एफआईआर या पुलिस रोजनामचा रिपोर्ट, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और मृत्यु प्रमाण पत्र और अगर दावेदार जीवित पति या पत्नी है तो इस आशय का हल्फनामा कि उसने पुनर्विवाह नहीं किया है शामिल होंगे।

उन्होंने बताया कि इसी तरह, विकलांगता के मामले में, जमा किए गए दस्तावेजों में दावा फार्म, हरियाणा डोमिसाइल प्रमाण पत्र और सक्षम प्राधिकारी द्वारा राज्य में निवास का प्रमाण पत्र, आयु का प्रमाण, आधार कार्ड और विकलांगता की प्रतिशतता तथा उसके प्रकार की पुष्टि करते हुए सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी मेडिकल सर्टिफिकेट तथा मेडिको-लीगल रिपोर्ट शामिल होंगी।


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