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उम्रकैद की सजा होने पर बेटे को बचाने के लिए पिता ने बनवाया फर्जी जन्म प्रमाण पत्र

आरोपी मलविंदर ने अपने लड़के शहबाज को सजा से बचाने के लिए जो जन्म प्रमाण पत्र अदालत में दिया था उसमें सहवाज की जन्म तिथि 5 जनवरी 2000 थी जबकि जो अन्य सभी दस्तावेजों में जो जन्म प्रमाण पत्र पेश किया है उसमें उसकी जन्मतिथि 16 फरवरी 1999 दर्शाई है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर

हरिभूमि न्यूज. कैथल

पुलिस ने युवती के कत्ल और पोक्सो एक्ट में शामिल बेटे को उम्रकैद की सजा से बचाने को लेकर पिता द्वारा फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार करवा कर बेटे को बचाने के प्रयास के आरोप में पिता के खिलाफ मामला दर्ज किया है। निगदू गांव के गुरनाम सिंह ने शहर पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि वह कुरुक्षेत्र में रहता था जहां पर मलविंदर सिंह निवासी कच्ची पिसौल जिला कैथल के लड़के शहनवाज ने उसकी बेटी का कत्ल कर दिया था। इसमें अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश क्षेत्र द्वारा आरोपी शहबाज को पोक्सो व अन्य धाराओं के तहत उम्र कैद की सजा सुनाई थी।

उसने बताया कि आरोपी मलविंदर ने अपने लड़के शहबाज को सजा से बचाने के लिए जो जन्म प्रमाण पत्र अदालत में दिया था उसमें सहवाज की जन्म तिथि 5 जनवरी 2000 थी जबकि जो अन्य सभी दस्तावेजों में जो जन्म प्रमाण पत्र पेश किया है उसमें उसकी जन्मतिथि 16 फरवरी 1999 दर्शाई है। उसने बताया कि दोनों की जन्म प्रमाण पत्र कैथल शहर से बने हुए हैं। उसने बताया कि आरोपी ने अपने बेटे शहबाज सिंह को बचाने के लिए उसकी आयु कम दिखाने के लिए गैर कानूनी व फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार करवा कर अदालत से लाभ दिलवाने की नियत से अदालत को गुमराह किया है। दोषी ने एक ही व्यक्ति यानी शाहबाज सिंह के दो जन्म प्रमाण पत्र अलग-अलग जन्मतिथि के इंद्राज बारे तैयार करवा कर गैरकानूनी कार्य किया है। मामले के जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर शिव कुमार ने बताया कि पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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