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किसान आंदोलन : ट्रैक्टर परेड में किसानों का कवज बनेगा तिरंगा, जोश में किसानों ने अलग तरह का करवाया हेयर कट

वहीं ट्रैक्टर परेड से पहले किसान एक दूसरे में जोश भरने का कोई तरीका नहीं छोड़ रहे। ट्रैक्टर तिरंगा परेड में किसान अपने वाहनों पर तिरंगा लगाकर परेड में शामिल होंगे।

किसान आंदोलन : ट्रैक्टर परेड में किसानों का कवज बनेगा तिरंगा, जोश में किसानों ने अलग तरह का करवाया हेयर कट
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हरिभूमि न्यूज. सोनीपत। कृषि कानूनों के विरोध में कुंडली बॉर्डर पर किसानों के आंदोलन को लगभग दो महीने पूरे होने वाले हैं, इसके बावजूद व भीषण ठंड के बावजूद भी किसानों के जोश में किसी प्रकार की कमी नहीं आई है। आंदोलनरत किसान आज भी यहां सरकार का अलग-अलग तरीकों से विरोध जता रहे हैं।

वहीं ट्रैक्टर परेड से पहले किसान एक दूसरे में जोश भरने का कोई तरीका नहीं छोड़ रहे। ट्रैक्टर तिरंगा परेड में किसान अपने वाहनों पर तिरंगा लगाकर परेड में शामिल होंगे। किसानों का मानना है कि ट्रैक्टरों पर तिरंगा लगा होने से पुलिस उन पर पानी की बौछारें नहीं कर सकेंगी। ऐसे में ट्रैक्टर परेड के दौरान तिरंगा किसानों के लिए कवच का काम करेगा। वहीं दूसरी तरफ किसानों द्वारा की जाने वाली जोरदार नारेबाजी किसानों में नया जोश भरने का काम करेगी।

विरोध का एक तरीका यह भी

किसान अलग-अलग तरीकों से सरकार का विरोध कर रहे हैं। रविवार को कुंडली बॉर्डर पर पहुंचे कुछ युवाओं ने अपनी हेयर कटिंग अलग ही तरके से करवाई। जिसमें सिर पर एक तरफ जय किसान का नारा लिखा हुआ था, वहीं दूसरी और सरकार विरोधी नारा। सिर पर अलग तरह का हेयर कट करवाकर यह युवा किसान आंदोलन के लिए दिन ीार कौतुहल का कारण बना रहा। किसानों ने ट्रैक्टर परेड के दौरान राशन रखने का प्रबंध भी कर लिया है। सबसे आगे प्रशिक्षित ट्रैक्टर चालक तो उनके पीछे झांकियां होंगी। इसके बाद सबसे पीछे ट्रैक्टर-ट्रालियों में राशन होगा। किसानों का कहना है कि दिल्ली में कई दिन लग सकते हैं, ऐसे में वे अपना राशन साथ लेकर जा रहे हैं।

डीजल के दामों पर भी जताया असंतोष

ट्रैक्टर परेड में शामिल होने के लिए हरियाणा-पंजाब से पहुंचे किसानों ने डीजल के बढ़े दामों को लेकर भी असंतोष जताया। किसानों ने कहा कि जिस तरह से 3 कृषि कानूनों को रद्द करवाने के लिए सरकार के सामने किसान अड़े हुए हैं, उसी तरह से डीजल के दामों को कम करवाने के लिए भी किसानों को एक दिन सड़क पर उतरना होगा। किसानों का कहना है कि अगर बिचौलियों को बीच से निकाल दिया जाए तो 80 रुपये में मिलने वाला डीजल 25 रुपये में मिलने लगेगा, लेकिन सरकार इस तरफ रूची नहीं दिखा रही। किसानों ने कहा कि सरकार जितनी रूचि किसानों व खरीददारों के बीच से बिचौलियों को निकालने में दिखा रही है, अगर उतरी रूची पैट्रोल-डीजल के मामले में दिखाई होती तो आज देशवासियों को काफी हद तक राहत मिल चुकी होती।



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