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16 दिसंबर तक एक दिन छोड़कर होगी पेयजल आपूर्ति, जानें क्यों

बारिश न होने की वजह से यमुना का जलस्तर घट कर 1800.2000 क्यूसेक पर आ गया है। अचानक घटे पानी की वजह से सिंचाई विभाग की सांसे फूल गई है। सिंचाई विभाग ने पानी की घटने की वजह से प्रदेश नहरों की बजाए चार की बजाए पांच ग्रुपों में चलाने का फैसला लिया है।

16 दिसंबर तक एक दिन छोड़कर होगी पेयजल आपूर्ति, जानें क्यों
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प्रतीकात्मक तस्वीर

हरिभूमि न्यूज : भिवानी

यमुना में कम हुए पानी के स्तर के चलते जहां किसानों को खेत में पानी लगाने का इंतजार बढ़ गया है तो वहीं अब जनस्वास्थ्य विभाग ने भी पानी की कमी के चलते शहरवासियों को पेयजल आपूर्ति एक दिन छोड़ एक दिन देने का निर्णय लिया है। इसके तहत नया टाइम टेबल भी विभाग ने तैयार किया है। इसलिए शहरवासियों को पेयजल आपूर्ति के लिए अब 16 दिसंबर तक थोड़ा चौकन्ना होने की आवश्यकता है।

अगर उनके क्षेत्र में निर्धारित किए गए टाइम टेबल अनुसार पानी नहीं भरा गया तो दो दिन तक अगली सप्लाई का इंतजार करना पड़ेगा। इसलिए बेहतर होगा कि जो समय निर्धारित किया गया है उस समय पर मोटर चलाकर पानी स्टोर कर लिया जाए ताकि दो दिनों तक परेशान न होना पड़े। 16 दिसंबर को जब नहर में पानी आ जाएगा तो पेयजल आपूर्ति को पहले की तहर शुरू कर दिया जाएगा।

बारिश न होने व अचानक बढ़ी बर्फबारी ने यमुना नदी के कदम रोक दिए। बारिश न होने की वजह से यमुना का जलस्तर घट कर 1800.2000 क्यूसेक पर आ गया है। अचानक घटे पानी की वजह से सिंचाई विभाग की सांसे फूल गई है। सिंचाई विभाग ने पानी की घटने की वजह से प्रदेश नहरों की बजाए चार की बजाए पांच ग्रुपों में चलाने का फैसला लिया है। पांच ग्रुपों में नहरों में पानी चलाने की वजह से सुंदरग्रुप की नहरों में एक सप्ताह देरी से पानी पहुंचेगा। अब संुंदर ग्रुप में 8 दिसम्बर की बजाए 16 दिसम्बर को पानी पहुुंचेगा।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पिछले कई दिनों से लगातार पारा नीचे गिरने की वजह से यमुना के पानी लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। फिलहाल यमुना में 1800 से 2000 क्यूसेक पानी बह रहा है। हालांकि इतना कम पानी से किसी भी ग्रुप को नहीं चलाया जा सकत,लेकिन फिलहाल बाकी पानी सतलुज से मिल रहा है। पानी कम होने की वजह से सुंदरग्रुप को 8 दिसम्बर को पानी मिलना था,लेकिन पानी की कमी के चलते अब सुंदर ब्रांच ग्रुप में 16 दिसम्बर को पानी मिल पाएगा। पानी की कमी के चलते किसानों को एक सप्ताह ओर इंतजार करना पड़ेगा।

पानी की कमी के चलते अब प्रदेश की नहरें चार की बजाए पांच ग्रुपों में बहेगी। अब आठ दिसम्बर से लेकर 15 दिसम्बर तक भालौट ग्रुप में पानी छोड़ा जाएगा। उसके बाद 16 दिसम्बर से 23 दिसम्बर तक सुंदरग्रुप की नहरों में पानी चलेगा। इसी तरह 24 से 31 तक बुटाना ग्रुप, एक जनवरी(2021 से )15 जनवरी तक जेएलएन ग्रुप की नहरों में पानी चलाया जाएगा। उसके बाद फिर भालौट ग्रुप की नहरों में पानी पहुंचेगा। इस बारे में सिंचाई विभाग के सभी आला अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है। साथ ही पांच ग्रुपों में नहरों के बहने का शैडयूल भी जारी कर दिया है।

किसानों पर पड़ रहा अतिरिक्त आर्थिक बोझ

जिले की नहरों में एक सप्ताह देरी से पानी पहुंचने की वजह से किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है । चूंकि कई इलाकों में किसानों के खेत बिना सिंचाई के तो कई इलाकों में किसानों के खेतों में फसलों की सिंचाई करना निहायत जरूरी है। ऐसे में किसानों को अपने खेतों की सिंचाई करने व फसलों की सिंचाई के लिए टयूबवैलों का सहारा लेना पड़ेगा। जिसके लिए किसानों को अतिरिक्त आर्थिक खर्चना होगा। अगर समय पर नहर में पानी पहुंचता तो किसानों को टयूबवैलों का सहारा नहीं लेना पड़ता,लेकिन अब उनको डीजल पर रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं ।

ये बोले अधिकारी

जन स्वास्थ्य विभाग के जेई सचिन से बात हुई तो उन्होंने बताया कि नहर में पानी कम होने के चलते शहर में 16 दिसंबर तक एक दिन छोड़ कर एक दिन पेयजल आपूर्ति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जब नहर में पानी आ जाएगा तो लोगों को पहले की तरह हर रोज पेयजल सप्लाई मिलनी शुरू हो जाएगी।

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