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नारनौल में मिला मृत तेंदुआ, जहरीले जीव के काटने से मौत की संभावना

सूचना मिलने के बाद मौके पर पुलिस टीम पहुंची। वहीं वन विभाग की टीम ने भी पहुंचकर रातभर सर्च अभियान चलाया।

नारनौल में मिला मृत तेंदुआ, जहरीले जीव के काटने से मौत की संभावना
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हरिभूमि न्यूज : नारनौल

सोमवार रात्रि को नांगल चौधरी खंड के गांव नायन की ढाणी चीमा की जंगलात में एक तेंदुआ मृतावस्था में मिलने से ग्रामीणों में सनसनी फैल गई। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी, जिस पर रात्रि के समय ही वन विभाग की टीम, वन्य जीव जंतु विभाग एवं नांगल चौधरी पुलिस मौके पर पहुंची। आवश्यक कार्रवाई करने उपरांत वन्य जीव जंतु विभाग की टीम तेंदुए को शव को रात्रि करीब साढ़े 11 बजे महेंद्रगढ़ कार्यालय लेकर गई और मंगलवार प्रात: चिकित्सकों की तीन सदस्यीय कमेटी से उसमा पोस्टमार्टम कराने उपरांत उसका अंतिम संस्कार करते हुए अग्नि के भेंट कर दिया। तेंदुआ के शव एक-दो दिन पुराना था और उससे दुर्गंध आना शुरू हो गई थी। उसके शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं पाए गए हैं और आशंका व्यक्त की जा रही है कि संभवतया किसी जहरीले जीव सर्प के काटने उसकी मौत हो गई।

जानकारी मुताबिक ढाणी चीमा की बणी में सोमवार रात्रि को करीब नौ बजे लोगों ने एक तेंदुए को मृतावस्था में देखा। इस पर वहां लोग एकत्रित हो गए तथा इसकी जानकारी वन विभाग की टीम को दी। जिस पर वहां दीपक एवं पवन कुमार नामक दो वनरक्षक मौके पर पहुंचे। बाद में नांगल चौधरी पुलिस एवं वन्य जीव जंतु विभाग की टीमें भी मौके पर पहुंचे, जिनमें वन रेंजर रजनीश कुमार, जीव जंतु विभाग से इंस्पेक्टर चरण सिंह, सब इंस्पेक्टर चरणसिंह, डिप्टी रेंजर चंद्रमुक्त, पुलिस से थाना इंचार्ज मेहर सिंह आदि शामिल थे। ग्रामीणों से पूछताछ एवं आवश्यक कार्रवाई करने उपरांत तेंदुए के शव को कब्जे में लिया गया तथा वन्य जीव जंतु विभाग की टीम उसे रात्रि करीब साढ़े 11 बजे महेंद्रगढ़ कार्यालय ले गई और इसकी सूचना आईएफएस अधिकारी महेंद्र सिंह मलिक आदि को जानकारी दी।

मंगलवार प्रात:काल को आईएफएस अधिकारी महेंद्र सिंह मलिक व डीडब्ल्यूसी ओ राजेंद्र प्रताप की देखरेख में महेंद्रगढ़ में तीन सदस्यीय मेडिकल बोर्ड गठित किया गया और तेंदुए का पोस्टमार्टम करते हुए उसके करीब सात विभिन्न सैंपल लिए गए। बाद में तेंदुए का विभागीय नियमों के अनुसार हिंदू रीति-रिवाज की भांति लकडि़यों पर शव रखकर उसे आग के हवाले कर दिया गया।

टहला में तीन बार दिखाई दे चुका हैं तेंदुआ

गौर हो कि गत 22 जून प्रात:काल करीब छह बजे गांव टहला में तेंदुए ने दो ग्रामीणों छोटेलाल एवं शीशराम को हमला कर जख्मी कर दिया था। इसके बाद सप्ताह-दस दिन के अंतराल पर गांव में तीन बार ग्रामीणों को तेंदुआ दिखाई दिया था, लेकिन वह पकड़ में नहीं आने से ग्रामीण दहशत में रहने लगे थे। अब यह तेंदुआ वही है या दूसरा इस बारे में स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता, लेकिन लुप्त होती इस प्रजाति का एक तेंदुआ और कम हो गया है।

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