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Farmers Protest: किसान संगठनों ने महापंचायत से पहले राजनीतिक पार्टियों को दी सलाह, केंद्र पर साधा निशाना

Farmers Protest: संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने पांच सितंबर को मुजफ्फरनगर में होने वाली महापंचायत से पहले शुक्रवार को राजनीतिक पार्टियों से कहा कि वे चुनावी मोड में न आएं और वे चुनाव प्रचार करने से परहज़ करें। संगठन ने उनके प्रचार को 'किसान विरोधी साजिश' बताया।

Farmers Protest: किसान संगठनों ने महापंचायत से पहले राजनीतिक पार्टियों को दी सलाह, केंद्र पर साधा निशाना
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 किसान संगठनों ने महापंचायत से पहले राजनीतिक पार्टियों को दी सलाह

Farmers Protest नए कृषि कानूनों (Farm Laws) को लेकर केंद्र (Central Government) के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन नौ महीने से चल रहा है। दिल्ली के बॉर्डरों (Delhi Border) पर प्रदर्शनकारी सरकार के खिलाफ हल्लाबोल कर रहे है। 11वें दौर की बातचीत के बाद भी दोनों के बीच गतिरोध जारी है। वहीं अब इस आंदोलन को गति और विस्तार देने के लिए 5 सितंबर को महापंचायत (Mahapanchayat) होने जा रही है। जिसमें कई किसान संगठन (Farmers Organisation) भाग लेने वाले है। वहीं इसके बाद आंदोलन को तेज करने ऊपर फैसला लिया जा सकता है। इस बीच, संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने पांच सितंबर को मुजफ्फरनगर में होने वाली महापंचायत से पहले शुक्रवार को राजनीतिक पार्टियों से कहा कि वे चुनावी मोड में न आएं और वे चुनाव प्रचार करने से परहज़ करें। संगठन ने उनके प्रचार को 'किसान विरोधी साजिश' बताया।

हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्रियों को अल्टीमेटम दिया

अलग-अलग किसान संघों के संगठन एसकेएम ने एक बयान कहा कि चुनाव प्रचार महीनों से किसानों द्वारा किए जा रहे महत्वपूर्ण संघर्ष से ध्यान भटकाएगा। एसकेएम ने कहा कि आम तौर पर चुनाव से संबंधित प्रचार चुनाव की तारीखों से कुछ महीने पहले शुरू हो जाता है लेकिन विभिन्न दल पहले ही चुनाव मोड में आ गए हैं और असामान्य गतिविधियां कर रहे हैं। इसमें कहा गया है कि किसान भाजपा और उसके सहयोगी दलों के नेताओं के खिलाफ अपना विरोध तेज कर रहे हैं, और उन्होंने कुछ कार्यक्रमों के संबंध में हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्रियों को अल्टीमेटम दिया है।

किसान ने दी चेतावनी

एसकेएम ने कहा कि हरियाणा के रेवाड़ी के किसानों ने मुख्यमंत्री (मनोहर लाल खट्टर) को पांच सितंबर को रेवाड़ी में निर्धारित कार्यक्रम में आने को लेकर आगाह किया है और कहा है कि किसान निश्चित रूप से काले झंडे दिखाकर विरोध करेंगे। बयान में कहा गया है कि एसकेएम पांच सितंबर को मुजफ्फरनगर में 'किसान महापंचायत' का आयोजन करेगा, जिसकी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। एसकेएम ने कहा कि पांच सितंबर को जीआईसी मैदान में किसान महापंचायत में लाखों किसानों के शामिल होने की उम्मीद है, जो संयुक्त किसान मोर्चे के उत्तर प्रदेश मिशन की शुरुआत करेगा।

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