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महिलाओं पर आंतकी संगठन से कनेक्शन केस में दिल्ली HC का NIA को नोटिस, मांगा जवाब

देश की राजधानी दिल्ली की अदालत (Delhi High Court) ने आतंकी संगठन आईएस (Terrorist Organization IS) के लिए फंड जुटाने और उसमें युवाओं को भर्ती करने के लिए प्रेरित करने के आरोप में गिरफ्तार (Arrested) दो महिलाओं की हिरासत अवधि 90 दिन से बढ़ाकर 180 दिन करने के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (National Investigation Agency) से जवाब मांगा है।

दिल्ली हाईकोर्ट का PIL पर सुनवाई से इनकार, कहा- समस्याओं को लेकर पहले अधिकारियों के पास जाएं
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दिल्ली हाईकोर्ट का PIL पर सुनवाई से इनकार

देश की राजधानी दिल्ली की अदालत (Delhi High Court) ने आतंकी संगठन आईएस (Terrorist Organization IS) के लिए फंड जुटाने और उसमें युवाओं को भर्ती करने के लिए प्रेरित करने के आरोप में गिरफ्तार (Arrested) दो महिलाओं की हिरासत अवधि 90 दिन से बढ़ाकर 180 दिन करने के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (National Investigation Agency) से जवाब मांगा है।

न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल (Justice Siddharth Mridul) और न्यायमूर्ति ए जे भंभानी (Justice AJ Bhambhani) की पीठ ने एनआईए (NIA) को नोटिस जारी करते हुए सुनवाई 8 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दी। केरल के कन्नूर से गिरफ्तार अधिवक्ता अशोक अग्रवाल और अदिति सारस्वत, मिजा सिद्दीकी और शिफा हारिस के माध्यम से दायर याचिका में, हिरासत अवधि बढ़ाने को चुनौती दी।

याचिका में, आरोपियों ने तर्क दिया है कि उनकी न्यायिक हिरासत की 90 दिनों की वैधानिक अवधि 14 नवंबर को समाप्त होनी थी, लेकिन 11 नवंबर को, एनआईए ने विशेष अदालत के समक्ष एक आवेदन दायर कर अवधि बढ़ाने की मांग की। अदालत ने अर्जी मंजूर करते हुए नजरबंदी की अवधि 90 दिन से बढ़ाकर 180 दिन कर दी। उन्होंने कहा कि विशेष अदालत का आदेश एनआईए अधिनियम के तहत आवश्यकता को पूरा करने में विफल रहा है।

याचिकाकर्ताओं ने निचली अदालत के आदेश को रद्द करने और उन्हें जमानत पर रिहा करने का निर्देश देने की मांग की है। कोर्ट ने अर्जी मंजूर करते हुए नजरबंदी की अवधि 90 दिन से बढ़ाकर 180 दिन कर दी। उन्होंने कहा कि विशेष अदालत का आदेश एनआईए अधिनियम के तहत आवश्यकता को पूरा करने में विफल रहा है। याचिकाकर्ताओं ने निचली अदालत के आदेश को रद्द करने और उन्हें जमानत पर रिहा करने का निर्देश देने की मांग की है।

वहीं दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) ने पिछले पांच साल के मुकाबले साल 2021 में सबसे ज्यादा कार्रवाई की है. पिछले साल एसीबी ने दिल्ली सरकार (Delhi Government) के भ्रष्ट अधिकारियों (Corrupt officials) के खिलाफ पांच छापेमारी की थी. कुल 12 मामले दर्ज किए गए। साथ ही 10 साल पुराने दो मामलों में छह अधिकारियों को दोषी करार दिया गया।

शाखा के विशेष आयुक्त एसके गौतम ने कहा कि वर्ष 2021 में भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों में नौ आरोपियों को रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया था. वर्ष 2020 में अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार (Corruption) के 12 मामले, 2019 में 18 मामले, 2018 में छह मामले और 2017 में नौ मामले दर्ज किए गए. इनमें से एक अधिकारी को वर्ष 2020 में गिरफ्तार किया गया था।

वर्ष 2019 में तीन भ्रष्ट अधिकारियों को पकड़ा गया था। वर्ष 2018 और 2017 में एक-एक भ्रष्ट अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया था। वहीं, वर्ष 2021 में दर्ज हुए 12 मामलों में पांच अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया।

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