Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

वन विभाग के रवैये से परेशान मछली पालक किसान ने खुद ही पकड़ डाले तीन मगरमच्छ

एक किसान गांव के तालाब को मगरमच्छ पालन के लिए रेंट पर लिया। मछली बीज डालते ही वहां मगरमच्छों ने डेरा जमा लिया। किसान ने वन विभाग को कई बार उसके मछली पालने वाले तालाब में मगरमच्छों के होने की सूचना देकर उनसे निजात दिलाने की मांग रखी। पांच साल बीत जाने के बाद भी वन विभाग के कानों में जूं तक नहीं रेंगी। तब उस किसान ने अपने गांव के दूसरे किसानों के साथ मिलकर मगरमच्छों को पकड़ने की ठानी.. फिर क्या हुआ, पढ़िए...

वन विभाग के रवैये से परेशान मछली पालक किसान ने खुद ही पकड़ डाले तीन मगरमच्छ
X

कोटा। बिलासपुर जिले के बिल्हा विकासखंड के ग्राम पंचायत खैरखुंडी का एक किसान 6 साल से पहले अपने ही पंचायत के अधीनस्थ तालाब को मछली पालन के लिए समूह के माध्यम से लिया है। उसके लेने के बाद से ही उस तालाब में मगरमच्छों ने अपना डेरा जमा लिया है। इस वजह से उक्त किसान को मछली पालन में बेहद ही परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वह चार-पांच साल से वन विभाग को आवेदन देकर मगरमच्छों से निजात दिलाने की गुहार लगा रहा था। लेकिन वन विभाग ने उन मगरमच्छों को पकड़ने मके लिए कोई कदम नहीं उठाया। और ना ही नुकसान का मुआवजा ही दीया है। जिससे परेशान होकर उसने खुद ही ग्रामीणों के साथ मिलकर मगरमच्छों को पकड़ना शुरू कर दिया है। किसान ने परेशान होकर ग्रामीणों की मदद से तालब में से मगरमच्छ को जाल डालकर पकड़ने का प्रयास किया। जिससे पहले ही प्रयास में 3 बड़े मगरमच्छ जिनकी लंबाई 6 फीट के आसपास है वे जाल में फ़ंस गए। फंसे मगरमच्छों को ग्रामीणों ने रस्सी से बांधकर रखा और फिर वन विभाग को सूचना दी। जिस पर वन विभाग के कर्मचारी वहां पहुंचे और मगरमच्छों को गाड़ी में डालकर ले गए। बताया गया है कि मगरमच्छों को खूंटाघाट बांध में लेजाकर छोड़ा गया है। देखिए वीडियो-



Next Story