Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

थानों के मालखानों में मयखाने जैसी महक, शराब नष्टीकरण नहीं होने से परेशानी

लॉकडाउन की वजह से कोर्ट से नष्टीकरण करने अनुमति नहीं मिल पाई

थानों के मालखानों में मयखाने जैसी महक, शराब नष्टीकरण नहीं होने से परेशानी
X

रायपुर. कोरोना संक्रमण के बाद पिछले माह से रायपुर जिले में लॉकडाउन की स्थिति बनी हुई है। इसके कारण सभी सरकारी तथा गैरसरकारी कामकाज बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। इसमें सबसे ज्यादा प्रभावित शहर के थाने हुए हैं। थानों के मालखाने जब्त शराब और गांजे से लबरेज हैं। फरियादी के थाना पहुंचने के बाद उसे किसी मयखाने में आने का अहसास होता है। थानों के मालखानों में कैद शराब और गांजे की वजह से इसकी खुशबू पूरे थाने परिसर में है।

पुलिस द्वारा अलग-अलग कार्रवाई के दौरान जब्त शराब, गांजा और गैरजरूरी सामान के मामले खत्म होने के बाद नष्टीकरण किया जाता है। ऐसे मामलों का निपटारा होने के बाद जिला पुलिस कोर्ट में अर्जी लगाकर थोक के भाव में नष्टीकरण करने अनुमति मांगती है। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस इन समान का नष्टीकरण करने कार्रवाई करती है। पुलिस ऐसे मामलों का नष्टीकरण करने अमूमन वर्ष में दो से तीन बार अनुमति मांगती है।

लॉकडाउन में शराब की जब्ती ज्यादा

कोरोना संक्रमण के कारण किए गए लॉकडाउन की वजह से पूरे प्रदेश में शराब की दुकानें बंद थीं। इसके कारण शराब तस्कर दूसरे प्रदेश से शराब लाकर यहां शराब खपा रहे थे। इस दौरान पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जिले के ज्यादातर थाना क्षेत्र में कच्ची शराब के साथ तस्करों के कब्जे से भारी मात्रा में शराब जब्ती की है। लॉकडाउन के दौरान जब्त शराब पुलिस के लिए मुसीबत बन गई है।

टिकरापारा थाने में शराब का जखीरा

उल्लेखनीय है कि रायपुर पुलिस ने चार तथा आठ मार्च को बड़ी कार्रवाई करते हुए मंदिरहसौद तथा टिकरापारा थाना क्षेत्र में अंतर्राज्यीय शराब तस्करों के कब्जे से 10 तथा 20 लाख रुपए की शराब जब्ती की है। इसके पूर्व कोतवाली थाने की पुलिस ने कार्रवाई करते हुए हिस्ट्रीशीटर बदमाश रवि साहू के कब्जे से लाखों रुपए की शराब जब्ती की कार्रवाई की थी।

थानों के चूहे हुए शराबी

मालखानों में भारी मात्रा में शराब और गांजा होने के साथ कई तरह के समान जब्त हैं। इसके कारण मालखानों में बड़ी संख्या में चूहे उछलकूद मचाते हैं। सिविल लाइंस, टिकरापारा तथा कोतवाली थाने के निचले स्तर के पुलिसकर्मियों के अनुसार मालखाने में रखी शराब की बोतलों के कार्क को चूहे कुतर देते हैं, इस वजह से शराब लीकेज होता है। उसी लीकेज शराब को चूहे पी जाते हैं।

लोहे के अस्त्र को गला दिया जाता है

पुलिस अफसरों के अनुसार हिंसक घटनाओं में जब्त लोहे के सभी तरह के अस्त्रों को कोर्ट में मामले का खात्मा होने के बाद नष्ट करने के निर्देश होते हैं। इसके बाद लोहे से निर्मित सभी तरह के औजारों का नष्टीकरण करने गला दिया जाता है। पुलिस अफसरों के अनुसार मालखानों में शराब तथा गांजा सबसे ज्यादा जगह घेरती है।

कोर्ट से अनुमित ली जाएगी

मामलों के खात्मा होने के बाद कोर्ट से अनुमति लेकर गैरजरूरी सामान का नष्टीकरण किया जाता है। आने वाले दिनों में कोर्ट से अनुमति लेकर शराब और गांजा संबंधित जिन प्रकरणों का निपटारा हो गया है, उसके लिए कोर्ट से नष्टीकरण करने अनुमति ली जाएगी।

- तारकेश्वर पटेल, एएसपी, ग्रामीण

Next Story
Top