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रायपुर : कई बस्तियां डूबीं, खाली कराए गए गांव, जिला प्रशासन का हेल्प डेस्क तैयार

छत्तीसगढ़ में लगातार बारिश के कारण रायपुर जिले के भी कई गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। कई बस्तियां खाली करा दी गई हैं। कई लोगों के बाढ़ में फंसे होने की जानकारी मिल रही है, तो कुछ लोगों को बचा लिए जाने की भी खबर है। स्थिति की भयावहता को देखते हुए जिला प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। पढ़िए पूरी खबर-

रायपुर : कई बस्तियां डूबीं, खाली कराए गए गांव, जिला प्रशासन का हेल्प डेस्क तैयार
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रायपुर। छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में भारी बरसात से आई बाढ़ ने कहर बरपा रखा है। रायपुर जिले में 144 मकान ढह गए हैं। सबसे अधिक नुकसान गोबरा-नवापारा में हुआ है। वहां की कई बस्तियों को खाली करा लिया गया है। वहीं, अभनपुर के पास महानदी की बाढ़ में फंसे आठ ग्रामीणों को SDRF की टीम बचाकर लाई है।

जानकारी मिली है कि, अभनपुर के लखना कोलियारी गांव के बीच महानदी में बाढ़ आने से टापू की स्थिति बन गई थी। खेतों में काम करने गए आठ ग्रामीण उस टापू पर फंस गए। इनमें चंपारण गांव के प्रेमबती, दुर्गा, टिकेश्वरी, उमेश, हलधर, मंशाराम, सालिक, टिकेश्वर और लखना के मनराखन शामिल थे। रात में ग्रामीणों ने प्रशासन को मजदूरों के बाढ़ में फंस जाने की जानकारी दी। उसके बाद SDRF के बचाव दल को वहां भेजा गया। कोलियारी का एक ग्रामीण पोखराज बचाव दल को उस जगह ले गया जहां मजदूर फंसे हुए थे। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद सभी मजदूरों को नाव से बाहर निकाल लिया गया। रायपुर जिला प्रशासन के सूत्रों से पता चला है कि 13 सितंबर को हुई भारी बारिश के कारण जिले में 144 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। एक व्यक्ति और एक मवेशी की जान भी गई है। रायपुर तहसील में 28, आंरग में 18, अभनपुर में 27, गोबरा-नवापारा में 67 और खरोरा में 4 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी आई है।

गोबरा-नवापारा के बाढ़ प्रभावित 80 परिवारों को सोमवारी बाजार में निर्मित शेड में पहुंचाया गया है। वार्ड-16 के बाढ़ प्रभावित परिवारों को सोमवारी बाजार के प्राइमरी स्कूल और नवापारा की कृषि उपज मंडी में पहुंचा दिया गया है। जो परिवार अपने रिश्तेदार के यहां रुकना चाहते थे उनके सामान को संबंधित रिश्तेदारों के यहां छोड़ा गया। वहां वार्ड-17 के लोगों को भी हटाए जाने की संभावना को देखते हुए संगवारी भवन को आरक्षित किया गया है। आज कम बरसात से बाढ़ का पानी उतरा है। अभनपुर के एसडीएम निर्भय साहू ने बताया, नदी का जलस्तर कम होने के बाद जिन घरों मे पानी घुसा था आज वहां ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया जा रहा है। जलभराव से उबरी गलियों को भी आटो टिप्पर के माध्यम सेनेटाइज कराया जा रहा है। जिला कलेक्टर सौरभ कुमार ने भारी बारिश की वजह से हुए नुकसान का पता लगाने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत प्रशासन का मैदानी अमला निजी और सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान का सर्वे करेगा। इसके बाद रिपोर्ट सौंपी जाएगी। इसी के आधार पर बाद में मुआवजे का मामला बनेगा।

मौसम विभाग के सूत्रों के अनुसार, पिछले 24 घंटे में रायपुर तहसील में 31.5 मिलीमीटर बरसात दर्ज हुई है। वहीं आरंग में 21.4 मिमी, अभनपुर में 21 मिमी, गोबरा-नवापारा में 7.1 मिमी, तिल्दा में 18.3 मिमी और खरोरा में 16 मिमी वर्षा हुई है। रायपुर में पिछले तीन दिनों से रुक-रुककर भारी बरसात हो रही है।

जिला प्रशासन ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर :- रायपुर कलेक्टोरेट में बाढ़ नियंत्रण कक्ष बनाया गया है। फोन नंबर 0771-2413233 पर बाढ़, भारी बरसात जैसी संकट की सूचना देकर राहत मंगाई जा सकती है। डिप्टी कलेक्टर और बाढ़ नियंत्रण कक्ष की प्रभारी पूनम शर्मा ने बताया वर्षा, अतिवृष्टि एवं बाढ़ से बचाव एवं राहत व्यवस्था की दृष्टि से कोई भी नागरिक इस कक्ष में जरूरी जानकारी या सूचना दे सकता है। यहां तीन शिफ्टों में 6 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि बारिश से होने वाली किसी भी घटना की सूचना वे बेहद गंभीरता से दर्ज करें और त्वरित रूप से प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों के संज्ञान में लाएं।

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